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10/02/2021

व्यक्तित्व के प्रकार/वर्गीकरण

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व्यक्तित्व के प्रकार 

vyaktitva ke prakar;व्यक्तित्व का वर्गीकरण अनेक विद्वानों द्वारा अनेक प्रकार से किया गया हैं। इसमें से शरीर रचना प्रकार, समाजशास्त्री प्रकार और मनोवैज्ञानिक प्रकार के तीन वर्गीकरण को सभी स्वीकार करते हैं। व्यक्तित्व के इन प्रकारों का उल्लेख निम्नानुसार किया जा सकता हैं-- 

(अ) शरीर रचना प्रकार 

जर्मन विद्वान क्रेचयर ने शरीर रचना के आधार पर व्यक्ति के व्यक्तित्व के तीन प्रकार बताए हैं--

1. शक्तिहीन 

इस तरह के व्यक्तित्व वाला व्यक्ति दुबला, पतला तथा छोटे कंधों वाला होता हैं। उसकी भुजाये पतली और सीना छोटा होता हैं। उसके मुँह की बनावट कोण जैसी होती हैं। वह दूसरों की आलोचना करना पसंद करता हैं, पर दूसरों से अपनी आलोचना सुनना नही चाहता हैं। 

2. खिलाड़ी 

इस प्रकार के व्यक्ति का शरीर पुष्ट और स्वस्थ होता है। उसका सीना चौड़ा और उभरा हुआ, कंधे चौड़े, भुजायें मजबूत, माँस पेशियाँ पुष्ट और चेहरा देखने में अच्छा होता हैं। इस तरह के व्यक्तित्व वाला व्यक्ति व्यक्तियों से सामन्जस्य करना चाहता हैं। 

3. नाटा कद वाले

इस प्रकार के व्यक्ति का शरीर मोटा, छोटा व गोल होता हैं। इसका सीना नीचा और चौड़ा, पेट आगे से निकला हुआ और चेहरा गोल होता हैं। इस प्रकार के व्यक्तित्व वाला व्यक्ति आरामपसंद और लोकप्रिय होता हैं। 

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(ब) समाजशास्त्रीय आधार पर 

व्यक्ति के सामाजिक कार्यों और स्थिति के आधार पर व्यक्तित्व के छह प्रकार बताये गये हैं-- सैद्धांतिक, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक एवं कलात्मक। 

1. सैद्धांतिक 

इस श्रेणी का व्यक्तित्व व्यवहार की अपेक्षा सिद्धांत पर अधिक बल देता है। वह ईमानदार व सत्यवादी होता हैं। दार्शनिक इसी तरह के व्यक्ति होते हैं। 

2. आर्थिक 

इस प्रकार का व्यक्ति अपने जीवन में सभी बातों को आर्थिक दृष्टि से सोचता और मूल्यांकन करता हैं। उसकी प्रवृत्ति प्रत्येक कार्य लाभ की दृष्टि से करने की होती हैं। वह पूरी तरह व्यावहारिक व्यक्ति होता है तथा धन को अधिक महत्व देता हैं। व्यापारी, उद्योगपति व पूँजीपति वर्ग के लोग इसी श्रेणी में आते हैं। 

2. सामाजिक 

इस श्रेणी में आने वाला व्यक्ति प्रेम को अधिक महत्व देता है तथा दया, सहानुभूति व सहयोग मे विश्वास करता है। उसे सत्य और मानवता के प्रति बड़ी श्रद्धा होती है। समाज कल्याण एवं लोकहित के कार्यों के लिये वह अपना सब कुछ न्यौछावर कर देता हैं। 

4. राजनीतिक 

इस प्रकार के व्यक्ति सत्ता, प्रभुत्‍व और नियंत्रण में विश्वास करने वाले होते हैं। ये शासन और प्रशासन पर वर्चस्व कायम करने के लिये सदैव सभी प्रकार से तत्पर रहते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य सत्ता हथियाना होता हैं। 

5. धार्मिक 

इस प्रकार के व्यक्ति आध्यात्मिक आस्था एवं विचार वाले होते हैं। ये ईश्वरवादी, सत्यवादी, नैतिक आचरण करने वाले होते हैं। इनका जीवन सादा, सरल और संतोषी होता हैं।

6. कलात्मक 

इस श्रेणी का व्यक्ति प्रत्येक वस्तु को कला की दृष्टि से देखता है। वह कला और सौन्दर्य में संबंध स्थापित करने की प्रबल इच्छा रखता हैं। इसका विश्वास सत्यम्, शिवम्, सुन्दरम् में होता हैं। कलात्मक व्यक्तित्व वाला व्यक्ति विश्वसनीय होता हैं। 

(स) मनोवैज्ञानिक प्रकार 

मनोवैज्ञानिकों ने मनोवैज्ञानिक लक्षणों के आधार पर व्यक्तित्व का वर्गीकरण प्रस्तुत किया हैं। इनमें से जुंग का वर्गीकरण सर्वाधिक मान्य किया गया हैं। उनके अनुसार व्यक्तित्व दो प्रकार का होता हैं-- 

1. अन्तर्मुखी व्यक्तित्व 

इस प्रकार के व्यक्तित्व के लक्षण, स्वभाव, आदतें, अभिवृत्तियाँ और अन्य चालक बाहरी रूप में प्रकट नहीं होते हैं। इसका विकास बाहरी रूप में न होकर आंतरिक रूप मे होता हैं। अन्तर्मुखी व्यक्ति अपनी जीवन शक्ति को अंदर की ओर प्रेरित करता हैं। वह स्वभाव से लज्जाशील तथा भीड़-भाड़ से दूर शांत एवं एकान्तमय स्थान को पसंद करता हैं। लोगों को अपनी ओर आकृष्ट करना उसे अच्छा नही लगता। वह विचार-प्रधान होता हैं तथा किसी भी कार्य को करने से पहले उस पर भली-भाँति विचार करता हैं। आत्म-प्रशंसा उसे अच्छी नही लगती। उसकी दर्शन और विज्ञान में रूचि रहती हैं। अन्तर्मुखी व्यक्ति कल्पना के संसार में उड़ान लेते हैं तथा कभी-कभी आदर्शवादी बन जाते हैं। इस प्रकार के व्यक्तित्व के व्यक्ति दार्शनिक, विचारक और वैज्ञानिक भी होते हैं। 

2. बहिर्मुखी व्यक्तित्व 

इस श्रेणी के व्यक्तित्व के लोग अन्तर्मुखी व्यक्तित्व वालों से विपरीत होते हैं। बहिर्मुखी व्यक्तित्व वाले व्यक्तियों का झुकाव बाहरी तत्वों की ओर होता हैं। ऐसे व्यक्ति अपने विचारों और भावनाओं को स्पष्ट रूप में व्यक्त कर सकते हैं। वे संसार के भौतिक लक्ष्यों में विशेष रूचि रखते हैं। इस-श्रेणी के व्यक्ति अपनी जीवन-शक्ति को बाहर की ओर प्रेरित करते हैं। ऐसे व्यक्ति क्रिया-प्रधान होते हैं। ये सामाजिक कार्यों, समारोहों में बड़ी खुशी से सम्मिलित होते हैं। इनमें लोगो को संगठित करने तथा नेतृत्व प्रदान करने के गुण होते हैं। उनकी रूचि आत्म-प्रदर्शन कर दूसरों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट करने में होती हैं। ये अपनी प्रशंसा भी पसंद करते हैं। ये अच्छा भोजन और पोशाकें पहनना पसंद करते हैं। इनका लक्ष्य जीवन को आनन्दमय ढंग से बिताना होता हैं। ऐसे व्यक्तित्व वाले लोग बाहरी सामंजस्य के प्रति सदैव सचेत रहते हैं तथा कार्यों और कथनों में अधिक विश्वास रखते हैं। इनका दृष्टिकोण आदर्शवादी कम, व्यावहारिक अधिक होता हैं। इस श्रेणी के व्यक्तित्व वाले लोग अधिकांशतः राजनीतिक या व्यापारिक नेता होते हैं।

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