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10/07/2021

वाचिक अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक, निर्धारक

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प्रश्न; वाचिक सीखने के निर्धारकों या कारको का वर्णन कीजिये। 

अथवा

वाचिक अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक बताइए। 

अथवा 

वाचिक अधिगम को प्रभावित करने वाले निर्धारक कौन-कौन से हैं? वर्णन कीजिए। 

अथवा  

वाचिक या शाब्दिक सीखने के निर्धारक या कारक बताइए। 

वाचिक अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक या निर्धारक

1. प्रेरणा 

इस संबंध में वीकन्स और सिम्पसन ने अपने अध्ययनों के आधार पर यह कहा है कि वाचिक अधिगम पर पुनर्बलन (Reinforcement) का बहुत प्रभाव पड़ता हैं। प्रेरक एकी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं से उत्पन्न अवस्था है जो कि सीखने को प्रभावित करती हैं। ये प्रेरक शारीरिक और सामाजिक किसी भी प्रकार के हो सकते हैं। 

यह भी पढ़े; वाचिक अधिगम क्या हैं? विधियां/प्रयोगात्मक प्रक्रियाएं

2. पुरस्कार एवं दण्ड 

पुरस्कार, दण्ड तथा परिणामों का ज्ञान एक प्रकार का पुनर्बलन (Reinforcer) हैं जिनका सीखने से घनिष्ठ संबंध होता हैं क्योंकि अनेक प्रयोगों मे यह देखा गया हैं कि जिस क्रिया को सीखने के लिये पुरस्कार मिलता हैं, प्राणी उस क्रिया को शीघ्र सीख जाते हैं। इसके अतिरिक्त परिणामों के ज्ञान का वाचिक अधिगम में अत्यधिक महत्व होता हैं। 

3. अधिगम सामग्री का स्वरूप 

वाचिक अधिगम पर सीखी जाने वाली सामग्री की मात्रा तथा उसके स्वरूप का भी बहुत प्रभाव पड़ता हैं। इस संबंध में जो प्रयोग किये गये उनमें यह पाया गया कि व्यक्ति का सार्थक अधिगम सामग्री में निरर्थक अधिगम सामग्री की अपेक्षा तीव्र अधिगम होता हैं। इसी प्रकार अधिगम सामग्री में यदि तर्कपूर्णता तथा तारतम्यता होती हैं  तो वह सामग्री शीघ्र याद हो जाती हैं। इसके अतिरिक्त, सामग्री की परिचितता, सामग्री के पदों के आकार की समानता, पदों की आकृति की समानता तथा पदों के रंग की समानता ऐसे कारक हैं जो वाचिक अधिगम पर अनुकूल प्रभाव डालते हैं। 

4. अभ्यास 

वाचिक अधिगम को अभ्यास भी प्रभावित करता हैं क्योकि हम अपने दैनिक व्यवहार में भी देखते हैं कि जिस विषय का जितना अभ्यास किया जाता हैं उस विषय का अधिगम उतना ही दृढ़ हो जाता हैं। 

5. वातावरण 

अधिगम पर वातावरण का भी प्रभाव होता हैं। शांत और सुखद वातावरण में किसी भी विषय को कम प्रयास द्वारा ही अच्छी प्रकार सीखा जा सकता हैं जबकि अशांत वातावरण में अधिक प्रयास और समय लगाने पर वह इतनी अच्छी प्रकार अधिगमित नहीं किया जा सकता हैं। 

6. शारीरिक अवस्था 

यदि सीखने वाले व्यक्ति को थकान का अनुभव हो रहा हो, उसकी ज्ञानेन्द्रियाँ हों अथवा उसने नशीले पदार्थों का सेवन किया हो, इन समस्त शारीरिक अवस्थाओं में किसी भी विषय को याद करने के लिये बहुत अधिक प्रयास करने पर भी सफलता नहीं मिलती। इस प्रकार स्‍पष्‍ट हैं कि वाचिक अधिगम पर शारीरिक अवस्था का भी प्रभाव पड़ता हैं।

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