6/14/2019

ब्रिटिश प्रधानमंत्री की शक्तियां व कार्य

By:   Last Updated: in: ,


ब्रिटिश प्रधानमंत्री

आज इस लेख मे हम ब्रिटिश प्रधानमंत्री की शक्तियां व कार्यो के बारें जानेगें ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यपालिका का वास्तविक प्रधान होता है। सैद्धान्तिक तौर पर सम्राट कार्यपालिका का स्वामी होता है लेकिन व्यवहार में प्रधानमंत्री ही कार्यपालिका का वास्तविक स्वामी होता है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री की शक्तियां अमेरिकी राष्ट्रपति से भी अधिक मानी जाती है, क्योंकि वह किसी भी कानून को बदल सकता है, लगा सकता है, हटा सकता है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री का निर्वाचन 

ब्रिटिश प्रधानमंत्री की नियुक्ति ब्रिटेन का राजा करता है। सुस्थापित परम्परानुसार लोक चुनावों में जिस दल को लोक सदन में स्पष्ट बहुमत प्राप्त होता है उसका नेता प्रधानमंत्री बनता है। लेकिन कई बार जब किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता तब राजा अपने स्व-विवेक का प्रयोग करता है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री शासन व्यवस्था का सुधार स्तम्भ है। शासन का सम्पूर्ण संचालन उसके हाथों में ही होता है। संसद में निश्चित बहुमत के रहते ब्रिटिश प्रधानमंत्री वह सब कार्य कर सकता है जिसको जर्मनी का सम्राट और अमरीका का राष्ट्रपति भी नही कर सकता।
ब्रेटेन

ब्रिटिश प्रधानमंत्री की शक्तियां व कार्य (british pradhanmantri ki shaktiyan)

 1. काॅमन सभा का नेतृत्व
प्रधानमंत्री काॅमन सभा में बहुमत दल का नेता है व सरकार का प्रधान भी होता है।  संसद में महत्वपूर्ण विधेयक उसी के आदेशानुसार प्रस्तुत किये जाते है । वह संसद के जीवनकाल में वृध्दि करा सकता है, उसी के सुझाव पर राजा संसद का विघटन करता है। इन शक्तियों की तुलना संसार के अन्य किसी भी संवैधानिक प्रधान से नही की जा सकती। वह संसद में सरकार का प्रमुख वक्ता होता है। किसी भी विषय पर उसके शब्द सरकार की ओर से अन्तिम समझे जाते है।
2. मन्त्रीमण्डल का निर्माण 
प्रधानमंत्री मन्त्रीमण्डल का जन्म दाता होता है। सैद्धान्तिक दृष्टि से मन्त्रिमण्डलीय सदस्यों की नियुक्ति सम्राट द्वारा की जाती है। लेकिन व्यवहार मे मन्त्रिमण्डल के सदस्यों का चयन प्रधानमंत्री अपने स्व-विवेक से करता है।  मन्त्रिमण्डल की बैठक उसी के द्वारा बुलाई जाती है। वही बैठकों में अध्यक्ष का पथ ग्रहण करता है। यदि किसी सदस्य को उसकी नीति मान्य नही है तो प्रधानमंत्री उसे त्याग देने के बाध्य कर सकता है। प्रधानमंत्री का त्याग-पत्र पूर्ण मन्त्रिपरिषद का त्याग-पत्र माना जाता है।
3. शासन का संचालन 
वास्तविकता में ब्रिटिश प्रधानमंत्री ही समस्त शासन का संचालन करता है। वैधानिक दृष्टि से भले ही यह कार्य राजा हो लेकिन व्यवहार मे प्रधानमंत्री ही अपने शासन का संचालन करता है। वह शासन का सर्वोच्च नियंत्रणकर्ता व समन्वय कर्ता है।
4. अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों का संचालन
शासन की विदेश नीतियों की आधिकारिक घोषणा वही करता है। यद्यपि वैदेशिक सम्बन्धों के संचालन के लिए वेदेश मन्त्री की नियुक्ति की जाती है परन्तु प्रधानमंत्री की सहमति के बिना वह कोई महत्वपूर्ण कार्य नही कर सकता। किसी भी अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेरलन मे ब्रिटिश प्रधानमंत्री या तो स्वयं शामिल होता है या अपना कोई प्रतिनिधि भेज देता है।
5. राष्ट्र का नेता
प्रधानमंत्री समूचे राष्ट्र का प्रतीक होता है। आम चुनावों मे राजनीतिक दल अपनी नीतियों के आधार पर नही बल्कि अपना नेता के व्यक्तित्व के आधार पर चुनाव लड़ते है।
यह भी पढ़े; अमेरिका के राष्ट्रपति की शक्तियां व कार्य
6. उपाधियों से सम्बन्धित शक्ति
यद्यपि उपाधियाँ प्रदान करना सम्राट का विशेषाधिकार है किन्तु उनका वितरण प्रधानमंत्री के परामर्श पर ही निर्भर करता है। विशेष रूप से लार्ड सभा की सदस्यता का प्रधानमंत्री राजनीतिक प्रयोग कर सकता है।
7. वित्त पर नियन्त्रण
देश के वित्त पर प्रधानमन्त्री का पूर्ण नियन्त्रण रहता है। संसद में जो बजट प्रस्तुत किया जाता है वह वित्त मन्त्री द्वारा उसी के आदेशानुसार रखा जाता है।
दोस्तो इस लेख में हमने जाना ब्रिटिश प्रधानमंत्री की शक्तियां और कार्यो के बारे मे अगर इस लेख के सम्बन्ध मे आपका कोई विचार या सवाल है तो comment कर जरूर बताए।


आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; लार्ड सभा की रचना
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; राजा और राजमुकुट में अंतर

4 टिप्‍पणियां:
Write comment

अपने विचार comment कर बताएं हम आपके comment का इंतजार कर रहें हैं।