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11/24/2021

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की रचना/संगठन, शक्तियाँ व कार्य

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अमेरिका में व्यवस्थापिका को कांग्रेस कहा जाता हैं। इसके दो सदन हैं-- 

(अ) प्रतिनिधि सभा तथा

(ब) सीनेट 

अमरीकी कांग्रेस के प्रथम सदन को प्रतिनिधि सभा कहा जाता हैं। सीनेट कांग्रेस का उच्च अथवा अद्वितीय सदन हैं। अमेरिकी सीनेट की संरचना और शक्तियाँ व कार्यों के बारे में हम पिछले लेख मे पढ़ चुके हैं, इस लेख में हम प्रतिनिधि सभा की संरचना और शक्तियाँ व कार्यों के बारे मे जानेंगे। 

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की रचना या संगठन 

प्रतिनिधि सभा कांग्रेस का लोकप्रिय सदन हैं। अमेरिकी काँग्रेस के प्रथम सदन को प्रतिनिधि सभा कहा जाता हैं। इसका निर्वाचन अमेरिका के सभी राज्यों की जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से अपनी जनसंख्या के अनुपात में किया जाता हैं। वर्तमान मे इस प्रतिनिधि सदन की स्थिति दयनीय हो गई हैं तथा विश्व में किसी भी प्रथम सदन की तुलना में इसकी शक्तियाँ एवं प्रभाव बहुत कम हैं। 

प्रतिनिधि सभा की सदस्य संख्या स्थायी रूप से 435 निश्चित कर दी गयी हैं। इनके अतिरिक्त 6 सदस्य ऐसे हैं जिनको मताधिकार प्राप्त नहीं हैं। सदस्यों का निर्वाचन प्रत्यक्ष होता हैं और वे दो वर्ष के लिए चुने जाते हैं। अमेरिकी के मूल संविधान में 30 हजार मतदाताओं के लिए एक प्रतिनिधि चुनने की व्यवस्था की गयी थी लेकिन जनसंख्या मे होने वाली निरंतर वृद्धि के कारण 1963 में 4 लाख 45 हजार जनसंख्या पर एक सदस्य निश्चित किया गया। यद्यपि मूल संविधान की भावना के अनुरूप यह व्यवस्था अब तक बरकरार हैं कि अमेरिका संघ की प्रत्येक इकाई द्वारा प्रतिनिधि सभा के लिए एक प्रतिनिधि अवश्य ही निर्वाचित किया जायेगा भले ही उसकी जनसंख्या कितनी ही कम क्यों न हो। 

प्रतिनिधि सभा के सदस्यों की योग्यता 

1. वह 25 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुका हो। 

2. प्रतिनिधि सभा का सदस्य बनने के लिए उसे अमेरिकी का जन्मजात नागरिक होना जरूरी नही हैं। लेकिन यह जरूर आवश्यक है कि वह कम से कम 7 वर्ष तक संयुक्त राज्य अमेरिका का नागरिक रहा हों। 

3. वह संयुक्त राज्य अमेरिका का सैनिक अथवा असैनिक पदाधिकारी न हो। 

4. वह उस राज्य का निवासी हो जहाँ से वह चुनाव लड़ रहा हैं। वर्तमान में यह परम्परा स्थापित हो गई हैं कि वह उस निर्वाचन क्षेत्र का भी निवासी हो जहाँ से वह निर्वाचन लड़ रहा हैं।

सदस्यों का चुनाव 

प्रतिनिधि सभा के सदस्यों का चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर एकल-सदस्यीय निर्वाचन-क्षेत्र पद्धति द्वारा किया जाता हैं। अमेरिका मे इस तरह के निर्वाचन क्षेत्र को डिस्ट्रिक्ट के नाम से जाना जाता हैं। सन् 1942 में सीटों के पुनर्वितरण कानून द्वारा यह निर्धारित किया गया है कि जिस राज्य की जनसंख्या इतनी अधिक हो कि उससे एक से अधिक प्रतिनिधि चुने जाने हो, तो उनको 'डिस्ट्रिक्ट' (District) में बाँटा जाय तथा प्रत्येक 'डिस्ट्रिक्ट' में से एक प्रतिनिधि का चुनाव किया जाये।

प्रतिनिधि सभा का कार्यकाल 

प्रतिनिधि सभा का कार्यकाल 2 वर्ष हैं। इस कार्यकाल को न तो बढ़ाया जा सकता है और न ही घटाया जा सकता हैं। इस कार्यकाल में उसे विघटित भी नहीं किया जा सकता। 

बैठकें 

प्रतिनिधि सभा की बैठक प्रतिवर्ष 3 जनवरी से प्रारंभ होती हैं। दोनों सदनों की कार्यवाही साथ-साथ चलती रहती है तथा दोनों सदनों का सत्रावसान भी एक साथ होता हैं। 

सदस्यों वेतन, भत्ते व उन्मुक्तियाँ (विशेषाधिकार)

वर्तमान में प्रतिनिधि सभा के सदस्यों का वेतन 1,33,600 डालर वार्षिक हैं। भारतीय रूपये में लगभग 97,52,800 रूपये। प्रतिनिधि सदन के सदस्यों को सदन में भाषण देने की स्वतंत्रता हैं। उन्हें अधिवेशन के दिनों में किसी दीवानी अभियोग के कारण गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। सदस्यों को निःशुल्क डाक-तार तथा टेलीफोन सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें सचिव रखने, यात्रा करने व स्टेशनरी आदि के लिए भी भत्ते की प्राप्ति होती हैं। 

गणपूर्ति 

इस संबंध में सीनेट के समान यह व्यवस्था है कि प्रतिनिधि सभा की बैठकें तभी वैध समझी जायेंगी जबकि सदस्यों की कुल संख्या का बहुमत वहाँ उपस्थित हो। 

पदाधिकारी 

प्रतिनिधि सभा के कार्य संचालन के लिए एक अध्यक्ष (स्पीकर) का चुनाव करती हैं, जिसे दलीय आधार पर चुना जाता हैं। दलों के नेता तथा सचेतकों को भी चुना जाता हैं ताकि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले। 

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की शक्तियाँ व कार्य 

'प्रतिनिधि सभा अमरीकी संघ का लोकप्रिय या निचला सदन हैं।" प्रायः सभी देशों के निचले सदन अधिक शक्ति संपन्न हैं परन्तु उन सभी विषयों में जो अन्य देशों में सदन के एकाधिकार में है अमरिका में उच्च सदन का भी बराबर हिस्सा है और इसके साथ ही कुछ विशेष क्षेत्रों में सदन को और भी अधिकार दे दिये गये। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा को अनेक शक्तियाँ प्राप्त हैं, लेकिन सीनेट की तुलना में कम हैं। 

प्रतिनिधि सभा की शक्तियां व कार्य निम्नलिखित हैं-- 

1. धन विधेयकों से संबंधी अधिकार 

इंग्लैंड की काॅमन सभा की तरह यहाँ भी धन विधेयक पहले प्रतिनिधि सभा में ही पेश हो सकते हैं परन्तु प्रतिनिधि सदन को इन विधेयकों के संबंध में पूर्ण तथा अन्तिम अधिकार प्राप्त नहीं हैं। सीनेट उनका शीर्षक छोड़कर सब कुछ बदल सकती है और मतभेद होने पर बिना सीनेट की सहमति के वे विधेयक भी पास नहीं हो सकते। 

2. निर्वाचन संबंधी शक्तियाँ 

अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव एक एक निर्वाचक मण्डल द्वारा होता है लेकिन यदि किसी भी प्रत्याशी को स्पष्ट बहुमत प्राप्त न हो तो ऐसी स्थिति में प्रतिनिधि सभा प्रथम तीन प्रत्याशियों का चुनाव करती हैं जिन्हें सर्वाधिक मत प्राप्त हुए हैं, फिर इनमें से किसी एक को राष्ट्रपति पद के लिए चुनती हैं। 

3. महाभियोग की कार्यवाही 

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति तथा न्यायाधीशों आदि उच्च अधिकारियों के विरूद्ध महाभियोग की कार्यवाही प्रतिनिधि सभा के द्वारा ही शुरू की जा सकती हैं, यद्यपि इसके निर्णय का अधिकार सीनेट को हैं। 

4. संविधान में संशोधन संबंधी शक्ति 

प्रतिनिधि सभा कुल सदस्यों के 2/3 बहुमत से प्रस्ताव पारित करके संविधान में संशोधन कर सकती है। उसे यह शक्ति सीनेट के समान ही प्राप्त हैं। 

5. युद्ध की घोषणा 

सीनेट के साथ मिलकर प्रतिनिधि सदन राष्ट्रपति द्वारा की गई युद्ध घोषणा की पुष्टि करता हैं। 

6. पर्यवेक्षण संबंधी शक्ति 

प्रतिनिधि सभा पर्यवेक्षण संबंधी शक्तियाँ भी रखती हैं। कांग्रेस विधि अनेक प्रशासनिक निकायों की सृष्टि करती हैं, उन्हें आर्थिक अनुदान देती हैं और बदले में उनके कार्यों का पर्यवेक्षण करती हैं। 

7. अन्वेषण संबंधी शक्ति 

सीनेट की तरह ही प्रतिनिधि सभा भी अन्वेषण अथवा प्रशासकीय जाँच का कार्य करती हैं, लेकिन सीनेट की तुलना में उसका यह अधिकार महत्वहीन हैं।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की दुर्बलता के कारण 

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा सीनेट की तुलना में एक दुर्बल सदन हैं। इसके निम्नलिखित कारण हैं-- 

1. अध्यक्षीय शासन प्रणाली 

अमेरिका में चूँकि अध्यक्षीय शासन प्रणाली का अस्तित्व हैं इसलिए अमेरिका में कार्यपालिका का गठन व्यवस्थापिका से नही किया जाता। कार्यपालिका व्यवस्थापिका के प्रति उत्तरदायी नहीं हैं। इसके विपरीत संसदीय व्यवस्था में कार्यपालिका संसद के प्रथम सदन के प्रति उत्तरदायी होती हैं। कार्यपालिका पर नियंत्रण न होने के कारण प्रतिनिधि सभा उस दृष्टि से शक्तिशाली नहीं हैं जिस प्रकार से प्रथम सदन संसदीय व्यवस्था वाले देशों में होता हैं। 

2. सीनेट को अधिक महत्व 

अमेरिका में सीनेट को अधिक अधिकार प्राप्त हैं क्योंकि वह राष्ट्रपति की परामर्शदाता समिति के रूप में हैं। उसे संधियों की पुष्टिकरण एवं उच्च नियुक्तियों तथा विभागीय जांच के विस्तृत अधिकार हैं जो प्रतिनिधि सभा को प्राप्त नहीं हैं। 

3. कार्यकाल का कम समय होना 

प्रतिनिधि सभा का कार्यकाल केवल 2 वर्ष हैं। न तो इसे घटाया जा सकता हैं और न ही बढ़ाया जा सकता हैं। अतः इस अल्पावधि में वह कोई महत्वपूर्ण कार्य नहीं कर सकती। 

4. समानपदी द्विसदनीय व्यवस्था 

अमेरिका में कांग्रेस के दो सदन हैं, दोनों को समान अधिकार प्राप्त हैं, दोनों ही प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वार निर्वाचित होते हैं। अमेरिका में दोनों सदनों की सहमति से ही विधेयक पारित किये जाते हैं। वित्त विधेयकों के लिए भी दोनों सदनों को बराबर के अधिकार प्राप्त हैं। जबकि अन्य देशों में निम्न सदन अधिक अधिकार प्राप्त सदन होता हैं। 

5. सदस्य अधिक योग्य नही 

चूँकि यह सदन सामान्य निर्वाचन से गठित किया जाता हैं अतः इसमें अधिक बुद्धिमान लोगों का अभाव रहता हैं जबकि सीनेट में अधिक अनुभवी लोगों को चुना जाता हैं। इस कारण प्रतिनिधि सभा के वाद-विवाद अधिक महत्वपूर्ण नहीं माने जाते। गंभीर चर्चा सीनेट में ही संभव हैं। 

6. बड़ा आकार 

प्रतिनिधि सभा का बड़ा आकार भी उसे दुर्बल बनाता हैं। उसमें 435 सदस्य होते हैं, जबकि सीनेट में मात्र 100 सदस्य हैं। सदस्यों की संख्या अधिक होने के कारण ये किसी भी विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श नहीं कर पाते हैं। इसलिए सीनेट की सदस्यता प्रतिनिधि सभा की सदस्यता की अपेक्षा अधिक गौरव एवं शान की बात समझी जाती हैं। 

7. सम्मान का अभाव 

प्रतिनिधि सभा के सदस्यों को अधिक सम्माननीय नहीं माना जाता हैं क्योंकि उसको बिलों को अधिक समय तक रोके रखने का अधिकार प्राप्त नही हैं।

यह जानकारी आपके के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी

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