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11/24/2021

अमेरिकी राजनीतिक दलों का संगठन, कार्य व भूमिका

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अमेरिकी राजनीतिक दलों का संगठन अथवा रचना

संयुक्त राज्य अमेरिका में दो प्रमुख दल हैं-- रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक दल। दोनों ही राजनीतिक दल राष्ट्रीय स्तर के हैं परन्तु इनके संगठन का गुरूत्व केंद्र राज्यों, नगरों तथा काउण्टियों में निहित हैं। इन दलों का संगठन अत्यन्त शिथिल हैं। वर्गीय या वैचारिक एकरूपता का इनमें अभाव पाया जाता हैं इसलिए लास्की ने इन्हें स्वार्थियों के संघ (Federation of Interest) कहा हैं। 

अमरिकी में दोनों प्रमुख राजनीतिक दल का संगठन लगभग एक जैसा हैं। दोनों ने विकेन्द्रीकरण का सिद्धांत अपनाया हैं। दोनों दलों का संगठन राष्ट्रीय, राज्यीय और स्थानीय स्तरों पर हैं। जो इस प्रकार हैं-- 

राष्ट्रीय स्तर का दलीय संगठन 

राष्ट्रीय स्तर पर दलीय संगठन के प्रमुख अंग हैं-- 

(अ) राष्ट्रीय सम्मेलन, 

(ब) राष्ट्रीय समिति, 

(स) राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा 

(द) राष्ट्रीय समिति सचिवालय। 

राष्ट्रीय सम्मेलन दोनों दलों में दल का सर्वोच्च निकाय माना जाता हैं। सम्मेलन दल के सदस्यों में एकता स्थापित करता हैं और उसकी नीति की अभिव्यक्ति के मंच के रूप में कार्य करता हैं। इसके सदस्यों की संख्या 1200 से लेकर 1400 तक होती हैं। यह सम्मेलन प्रत्येक चौथे वर्ष होता हैं और दल की ओर से राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशियों का चयन करता हैं। यह दल की नीति का निर्धारण भी करता हैं। राष्ट्रीय सम्मेलन प्रत्येक चौथे वर्ष होता हैं, अतः दल का संचलना वस्तुतः राष्ट्रीय समिति नाम की संस्था करती हैं। डेमोक्रेटिक दल की राष्ट्रीय समिति में 108 सदस्य होते हैं तथा रिपब्लिकन दल की समिति मे 147 सदस्य होते हैं। व्यवहार में राष्ट्रीय समिति नीति निर्धारण का कार्य करती हैं। राष्ट्रीपति के निर्वाचन के समय अपने दल के प्रत्याशी की ओर से समिति सक्रिय रूप से चुनाव-प्रचार का कार्य करती हैं। निर्वाचन के बाद समिति की राजनीतिक सक्रियता कम हो जाती हैं। राष्ट्रीय समिति का अध्यक्ष वही व्यक्ति होता हैं जिसे राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी चाहता हैं। समिति तो केवल राष्ट्रपति द्वारा प्रस्तावित व्यक्ति के नाम का पुष्टिकरण मात्र करती हैं। अध्यक्ष का मुख्य कार्य राष्ट्रपति पद के निर्वाचन के अभियान का संचालन करना होता हैं। यदि उसके दल का व्यक्ति राष्ट्रपति बन जाता है तो उसे प्रायः मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया जाता हैं एवं पोस्टमास्टर-जनरल बना दिया जाता हैं। यदि उसके दल का प्रत्याशी हार जाता है तो वह अध्यक्ष पद पर नहीं रहता एवं समिति चार वर्ष के लिए दूसरा अध्यक्ष चुन लेती हैं। दोनों दलों के सचिवालय का संगठन अलग-अलग हैं। सचिवालय दल की स्थिति सुदृढ़ बनाने का कार्य करता हैं। 

राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के निर्वाचन-कार्य संचालन हेतु दो समितियाँ होती हैं-- 

(अ) क्रांग्रेसीय आन्दोलन समिति तथा 

(ब) सीनेटोरियल आन्दोलन समिति। 

इन दोनों समितियों का प्रमुख कार्य प्रतिनिधि सदन एवं सीनेट के निर्वाचन-कार्य का संचालन करना हैं। 

राज्य स्तरीय संगठन 

अमेरिका में प्रत्येक राजनीतिक दल के राज्य स्तरीय संगठन में एक अध्यक्ष और एक "राज्य केंद्रीय समिति" होती हैं। इनका गठन विभिन्न राज्यों में अलग-अलग प्रकार का हैं। इस समिति के सदस्य मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होते हैं। राज्य केंद्रीय समिति राज्य के अपने दल के संगठन की विभिन्न इकाईयों के कार्यों की निगरानी करती हैं उनके मध्य उत्पन्न विवादों का समाधान करती है और दल के राष्ट्रीय संगठन व काउण्टी स्तर की इकाइयों के साथ मिलकर अपने दल के प्रत्याशियों के चुनाव अभियानों का राज्यों में निर्देशन और संचालन करती हैं। इसके अतिरिक्त ये दल के लिए धन एकत्रित करने और राज्य में दल की अन्य छोटी इकाइयों के पदाधियों को नामांकित करने का कार्य भी करती हैं। समिति के अन्य महत्वपूर्ण कार्य में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिए दल के प्रत्याशियों का निर्वाचन करने वाले राष्ट्रीय नामांकन सम्मेलन हेतु राज्य के प्रतिनिधि मण्डल का निर्वाचन करना भी सम्मिलित हैं। 

स्थानीय स्तर पर संगठन 

अमेरिका मे स्थानीय संगठन को विभागीय संगठन भी कहते हैं। अमेरिका में राजनीतिक दलों का स्थानीय संगठन इस प्रकार हैं-- 

(अ) प्रेसिंक्ट समिति (Recenct Committees) 

(ब) वार्ड समिति (Word Committees) 

3. काउण्टी समिति (County Committees) 

4. नगर समिति (Town Committees) 

प्रेसिंक्ट समिति अमेरिका में किसी भी राजनीतिक दल की प्राथमिक इकाई होती हैं जिसमें 100 से लेकर 500 तक मतदाता होते हैं। इनका प्रमुख कार्य मतदाताओं से निरन्तर संपर्क स्थापित करके उनमे समर्थन प्राप्त करने की कोशिश करना हैं। 

वार्ड समिति का प्रमुख कार्य प्रेसिंक्ट समितियों के कार्यों का समन्वय करना और स्थानीय समस्याओं को हल करना। यह समिति नगरपालिका से संबंधित समस्याओं पर अपना ध्यान केंद्रित करती हैं। ग्रामीण समस्याओं के निराकरण हेतु ग्राम समितियों की स्थापना की जाती हैं। 

वार्ड समिति के बाद "नगर समिति" का स्थान आता हैं। जिसका प्रमुख कार्य प्रेसिंक्टों और वार्डों के कार्यों का निरीक्षण करना और नगरपालिका से संबंधित मामलों पर ध्यान देना हैं। 

स्थानीय स्तर के संगठन में काउण्टी का स्थान सबसे ऊपर होता हैं। इसका एक अध्यक्ष और एक "काउण्टी केंद्रीय समिति" (County Central Committees) होती हैं। अमेरिका में करीब 3000 काउण्टियाँ हैं इनका प्रमुख कार्य हैं-- स्थानीय स्तर की अन्य इकाईयों के कार्यों में समन्वय बनाये रखना और काउण्टी के स्थानीय शासन में अपनी भागीदारी दर्ज करवाना।

अमेरिका में राजनीतिक दलों के कार्य अथवा भूमिका 

अमेरिकी राजनीतिक पटल पर दलों के क्रियाकलाप या भूमिका इस प्रकार हैं--

1. कांग्रेस व कार्यपालिका के मध्य सहयोग एवं सामंजस्य स्थापित करना 

जैसा कि हम जानते हैं कि अमेरिकी संविधान शक्ति-पृथक्करण के सिद्धांत पर आधारित हैं तथा इसके अन्तर्गत व्यवस्थापिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका को एक-दूसरे से अलग तथा स्वतंत्र रखा गया हैं। लेकिन वास्तविकता यह हैं कि यदि व्यवस्थापिका तथा कार्यपालिका इस प्रकार एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं कि एक-दूसरे से पूरी तरह स्वतंत्र रहो, तो व्यवहार में शासन व्यवस्था का संचालन संभव ही नहीं होगा। ऐसे में अमेरिका में, इन दोनों के मध्य औपचारिक रूप से संबंध स्थापित करने का कार्य राजनीतिक दलों के द्वारा ही किया जाता हैं। 

राष्ट्रपति का चुनाव दलीय आधार पर होता है और वह विभागीय अध्यक्षों की नियुक्ति भी दलीय आधार पर ही करता हैं। कांग्रेस के दोनों सदनों के सदस्यों का निर्वाचन भी दलीय आधार पर ही होता हैं। इस प्रकार दलीय संबंध ही कांग्रेस तथा कार्यपालिका को एक-दूसरे से जोड़ने वाली प्रमुख कड़ी का कार्य करते हैं। 

2. राष्ट्रीय एकता की ताकत 

संयुक्त राज्य अमेरिका एक विशाल राष्ट्र हैं जिसमें विभिन्न जातियों तथा भाषाओं के लोग निवास करते हैं। इन विविधता से परिपूर्ण देश में जो राष्ट्रीय एकता की ताकत देखने को मिलती हैं, उसे विकसित करने में वहाँ के राजनीतिक दलों ने महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा की हैं। 

3. विभिन्न पदाधिकारियों तथा संस्थाओं के चुनाव को संभव बनाना 

संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान में वहाँ के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रतिनिधि सभा तथा सीनेट के सदस्यों का निर्वाचन दलीय आधार पर ही होता हैं। बिना राजनीतिक दलों के, अमेरिका में राष्ट्रपति को निर्वाचक मंडल के सदस्यों का बहुमत प्राप्त होना बहुत कठिन होता हैं तथा बार-बार प्रतिनिधि तथा सभा द्वारा राष्ट्रपति का चुनाव किये जाने पर राष्ट्रपति के पद की गरिमा भी समाप्त होती हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों की भूमिका स्वतः बढ़ जाती हैं। 

4. जनता को राजनीतिक शिक्षा देना 

किसी भी देश में, प्रजातान्त्रिक शासन व्यवस्था के अन्तर्गत, आम लोगों को वहाँ की राजनीतिक गतिविधियों के माध्यम से, एक तरह से राजनीतिक शिक्षा प्रदान करना संबंधित देश के राजनीतिक दलों का कार्य ही हैं। ऐसी ही स्थिति अमेरिका में भी हैं। 

5. भावी राजनीतिज्ञों को तैयार करना एवं उनका चयन करना 

अन्य प्रजातान्त्रिक देशों की भाँति अमेरिका में भी वहाँ के राजनीतिक दल अपने प्रारंभिक सदस्यों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल करते हुए देश के भावी राजनीतिज्ञों के रूप में तैयार करने का कार्य भी करते हैं। पहले उन्हें राज्य विधानमंडलों के निर्वाचनों, फिर प्रतिनिधि सभा तथा सीनेट के सदस्यों के निर्वाचनों में शामिल करते हुए उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। 

6. विभिन्न पदाधिकारियों के चुनावों में सहयोग 

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रतिनिधि सभा और सीनेट के सदस्यों के चुनाव की जो व्यवस्था की गयी हैं, व्यवहार में वह राजनीतिक दलों के कार्यों पर ही आधारित हैं। राजनीतिक दलों के बिना राष्ट्रपति को निर्वाचक मण्डल के सदस्यों का बहुमत प्राप्त होना बहुत कठिन होता हैं। दूसरी बात बार-बार प्रतिनिधि सभा द्वारा राष्ट्रपति का चुनाव किये जाने से राष्ट्रपति पद की प्रतिष्ठा समान हो जाती हैं। वर्तमान में न्यायार्क और ओहियो जैसे कुछ बड़े राज्यों का निर्वाचन क्षेत्र काफी व्यापक हैं, यहाँ पर सीनेट के चुनाव की कल्पना राजनीतिक दलों के बिना की ही नहीं जा सकती। 

निष्कर्ष 

अमेरिकी राजनीतिक दलों के उपरोक्त विवेचन के बाद निष्कर्ष स्वरूप हम कह सकते हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका में राजनीतिक दल वहाँ की शासन व्यवस्था के सफल संचालन के लिए अपने विभिन्न कार्यों के माध्यम से एक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करते हैं। राजनीतिक दलों के कारण ही अमेरिका अधिनायकवाद, राजनीतिक अस्थिरता तथा अराजकता की स्थितियों से अपने आप की रक्षा कर सका हैं। राजनीतिक दलों ने अमेरिकी प्रजातंत्र को सजीवता तथा गतिशीलता प्रदान कर उसके सफल संचालन में योगदान दिया हैं।

यह जानकारी आपके के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी

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