औद्योगीकरण का अर्थ, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

औद्योगीकरण का अर्थ (audyogikaran ka arth)

संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिर्पोट के अनुसार "औद्योगीकरण से तात्पर्य बड़े-बड़े उद्योगों के विकास तथा छोटे और कुटीर उद्योगों-धंधों के स्थानों पर बड़े पैमाने की मशीनों की व्यवस्था से है।
औधोगिकरण क्या है?
औद्योगीकरण एक प्रकार की प्रक्रिया है। जिसके अन्तर्गत लोग पुरानी पध्दतियों को त्याग देते है और उसके स्थान पर आधुनिक अधिक सरल, अधिक उत्पादक तकनीकी साधनों का प्रयोग करते हैं।


औद्योगीकरण का अर्थ, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

औद्योगीकरण का अर्थ जानने के बाद अब हम औद्योगीकरण के सामाजिक प्रभाव और आर्थिक प्रभाव जानेंगे।
औद्योगीकरण और नागरीकरण एक सिक्के के पहलू हैं अर्थात् औद्योगीकरण और नगरीकरण से उत्पन्न सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभावों में कोई भिन्नता नही है। औद्योगीकरण की प्रक्रिया से नगरों का विकास तेजी से होता है। जिस स्थान पर औद्योगीकरण होता है वहा लोग रोजगार के लिए आने लगते है और जनसंख्या में बढ़ोतरी होने गलती है।


औद्योगीकरण के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

औद्योगीकरण के सामाजिक प्रभाव 

1. अपराधों में वृध्दि
औद्योगीकरण के प्रभाव स्वरूप अपरोधों मे वृध्दि होती है। क्योंकि ग्रामीण सामाज के लोग रोजगार के लिए  औद्योगीक क्षेत्र मे आने लगते है। यहां पर उन्हें जो वातावरण मिलता है उससे वह अनिविज्ञ होते है।  जिसकी वजह से वह तनाव और चिंता से घिर जाते है। यहां पर उन्हें अनौपचारिक सम्बन्धों का अभाव मिलता है। इसलिए वह व्यसनों शराब जैसी आदि लतों से घिर जाते है।


2. आधुनिकीकरण में वृध्दि
औद्योगीकरण से आधुनिकीकरण में वृध्दि होती है। क्योकि औद्योगीकरण में उत्पादन मे नई तकनीक का प्रयोग, नया बजार, यातायाता के साधन आदि आधुनिकीकरण की पृष्ठभूमि तैयार करते है।

3. स्त्रियों की स्थित में परिवर्तन
नागरीकरण की तरह ही औद्योगीकरण से भी स्त्रियों की स्थित में परिवर्तन होता है। औद्योगीकरण में स्त्रियों को शिक्षा और रोजगार के समान अवसर प्रदान किए हैं। जिससें स्त्रियां सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हो रही है।


4. जाति व्यवस्था में शिथिलता
औद्योगीकरण के कारण विभिन्न व्यवसायों में एक साथ काम करने के कारण जातिगत दूरियां कम हुई है। उद्योगों में सभी जातियों के व्यक्ति एक साथ मिलकर कार्य करते हैं। यहां पर उनमें जातिगत भावना का अभाव पाया जाता है। विविध व्यवसायों के विकास के साथ होटल, यातायात के साधनों का विकास, शिक्षा दर में वृध्दि आदि ऐसे कारण से जिनसें जाति प्रथा में शिथिलता आ रही है।

5. संयुक्त परिवारों का विघटन
औद्योगीकरण के प्रभाव से संयुक्त परिवार का विघटन हो रहा है। लोग रोजगार की तलाश में औद्योगीक क्षेत्रों मे आ रहें हैं जिससे नगरो का विकास हो रहा है। फलस्वरूप संयुक्त परिवार एकल परिवारों मे परिवर्तित हो रहे है।

औद्योगीकरण के आर्थिक प्रभाव 

1. औद्योगीकरण के फलस्वरूप पूँजीवाद में वृध्दि हो रही है। क्योंकि बड़े-बड़े कारखानों को पूंजीपति ही चला सकते है।

2. औद्योगीकरण के श्रम विभाजन और विशेषीकरण का महत्व समाज में बढ़ रहा है।

3.  औद्योगीकरण ने बेरोजगारी की समस्या को भी जन्म दिया है।

4. बड़े-बड़े कारखानों में श्रमिकों के कार्य करने की दशाएं अभी भी असंतोषजनक हैं। जिससे विभिन्न प्रकार के रोग और शारीरिक दुर्घटनाएं होती रहती है।

5. औद्योगीकरण से लोगों के जीवन स्तर में बदलाव आया है।

6. औद्योगीकरण से कुटीर उद्योगों का पतन हो रहा है।

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