11/11/2021

लेखन कौशल के उद्देश्य

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लेखन कौशल के उद्देश्य 

लेखन कौशल के निम्नलिखित उद्देश्य हैं-- 

1. विद्यार्थियों को लेखन कला का पूर्ण परिचय देना ताकि वे अपने भावों, विचारों एवं अनुभवों को मूर्त रूप दे सकें एवं दूसरों के भावों को लिपिबद्ध कर सकें। 

2. विद्यार्थियों को सुन्दर, सुडौल तथा स्पष्ट लेख की शिक्षा देना। 

3. विद्यार्थियों के शब्दकोश को सक्रिय रूप देना। 

4. मातृभाषा या हिन्दी अक्षरों का वास्तविक स्वरूप चित्रित कर सकने की क्षमता का विकास करना। 

5. विद्यार्थियों को लिखने का इतना अभ्यास कराना कि वे यन्त्रवत् गति के साथ धारा प्रवाह रूप से लिख सकें। 

6. विभिन्न विराम चिन्हों का उचित प्रयोग सिखाना। 

7. विद्यार्थियों को अपने विचारों तथा अनुभवों को अनुच्छेदों में बाँटकर लिखने का अभ्यास कराना। 

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विद्यार्थियों को पहले पढ़ना सिखाना चाहिए या लिखना, यह विवादास्पद विषय हैं। मारिया माॅण्टेसरी के मतानुसार, बालक को पढ़ने से पहले लिखना सिखाना जरूरी है। अपने मत के पक्ष में उन्होंने तर्क दिए हैं कि पढ़ने की क्रिया अपेक्षाकृत कठिन हैं, लिखने में केवल शारीरिक कौशल की ही जरूरत होती हैं, जबकि पढ़ने में मन व शरीर की अनेक जटिलताओं का सामना करना पड़ता हैं। अभी तक इस पर मतभेद हैं। माॅण्टेसरी के आलोचकों के मतानुसार पढ़ना ही पहले सिखाया जाना चाहिए और लिखना पढ़ने के बाद। वास्तव में माध्यम मार्ग ही सही हैं। दोनों क्रियाएँ साथ-साथ कराने से कर्मेन्द्रियों और ज्ञानेन्द्रियों में सामन्जस्य स्थापित होता हैं। पढ़ना सिखाने और लिखना सिखाने की विधि में सामन्जस्य होना चाहिए। लिखना सिखाने की प्रणाली भी पढ़ना सिखाने के ही अनुरूप होगी।

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