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9/25/2019

प्यार क्यों होता है और कैसे होता है?

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प्यार क्यों होता है?

मानव एक सामाजिक प्राणी है सामजिक प्राणी होने के नाते उसे किसी न किसी से प्यार जरूर होता है। क्या आपको पता है? मानव की सबसे बड़ी कमजोरी भी प्यार ही होता हैं। इसे कमजोरी कहना गलत होगा क्योंकि एक प्यार ही हैं जो इंसान को इंसान बनाता हैं। ऐसा व्यक्ति जो किसी से भी प्यार नही करता वह बहुत ही खतरनाक हो सकता है वह एक जानवर के समान है वह किसी का भी अहित कर सकता हैं। इसलिए सामाजिक संगठन के लिए प्यार का होना बहुत ही जरूरी होता है।
अगर बात की जाए की प्यार कितने तरह का होता है? प्यार एक ही तरह का होता है चाहें वो अपने माता-पिता से हो बहन से हो जीवन साथी से हो या फिर किसी जानवर से ही क्यों न हो? लेकिन इन सबसे प्यार करने का जो हमारा नजरया और जो हमारी सोच और भवानाएं जो होती है वह अलग होती है। ज्यादा मत सोचिए हम यहाँ पर  केवल जीवन साथी  (relationship) वाले प्यार के बारें में ही बात करने जा रहे है।

आखिर क्यों हो जाता है हमे किसी से प्यार? 

अगर वैज्ञानिकों की बात करें तो उनका इस पर यह कहना है कि इस में दिमागी केमिकल का हाथ होता है। दरअसल, जब हम किसी के प्यार में पड़ते है तो असल में हम उसकी शक्ल, व्यवहार, पर्सनेलटी और लुक आदि चीजों को देखकर प्यार कर बैठते है। जब हमें किसी से प्यार होता है तब ब्रेन में एक केमिकल प्रोसेस होता है जिसके कारण हम अपनी इच्छाओं के चलते किसी की तरफ आकर्षित हो जाते हैं। धीरे-धीरे वह हमे बहुत ही अच्छा लगने लगता है यहाँ तक की उसके द्वारा किये जाने वाला हर काम हमे अच्छा लगने लगता है। 
इस दुनिया मे कुछ प्यार के ऐसे उदाहरण मिलते है जिससे हम यह भी कह सकते है कि  प्यार कभी भी सअक्ल , अक्ल, जात, अमीरी, गरीबी देख कर कभी भी नही होता। यह तो बस हो जाता हैं! और जिससे हो जाता है वह दुनिया का सबसे खुबसूरत इंसान लगने लगता है।
प्यार केवल एक filing है, एक ऐसी filing जो इंसान को अन्धा बना देती है जिसके चलते वह अपने प्रेम के लिए कुछ भी कर सकता है। 
हैलन फिसन ने अपनी पुस्तक में प्यार को तीन भागों में विभाजित किया है उनके अनुसार प्यार तीन प्रकार का होता है।
1. तन की चाह
2. मन की चाह
3. जन्म जन्मों की चाह
हैलन फिसन के पहले वाला सिद्धांत शायद सही नही है, क्योंकि तन की चाह कभी भी प्यार हो ही नही सकता। प्रेम पवित्र होता है जिसमें विश्वास, त्याग और एक-दुसरे के प्रति केवल समर्पण होता हैं। 
प्यार करने से किसी को कुछ नही मिला केवल खुशी को छोड़कर। अगर मै आप से मैं पुहूंचों की आप पैसे क्यों कमाना चाहते है? अपने परिवार माता-पिता भाई-बहन को खुश क्यों देखना चाहते है? जहीर सी बात है आपका जबाव होगा खुशी के लिए। अगर आप से भी कोई पहुचें की आप उससे इतना प्यार क्यों करते है तो आप उसे यह जबाव दे सकते है।
प्यार कोई नही करना चाहता लेकिन वह तो हो जाता है। लेकिन यह जितनी खुशी देता है उससे कई गुना ज्यादा दुःख भी दे सकता है ऊपर से बदनामी अलग से। लेकिन एक कहावत है जब प्यार किया तो डरना क्या?
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