9/26/2020

सारणीयन अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, उद्देश्य

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सारणीयन का अर्थ (sarniyan ka arth)

sarniyan meaning in hindi;सारणीयन संख्यात्मक तथ्यों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत करने की क्रिया है। इस प्रक्रिया से समंक सरल और सुबोध बन जाते है और उनका विश्लेषण तथा निर्वाचन सरलता से किया जा सकता है।

व्यापक अर्थ मे किसी तथ्य या घटना के बारे मे अर्थपूर्ण निष्कर्षों के निष्पादन के उद्देश्य से एकत्रित सामग्री को तार्किक आधार पर पंक्तियों व स्तंभों मे व्यवस्थित करना सारणीयन कहलाता है।

संक्षेप मे, सारणीयन संख्यात्मक तथ्यों का सारणी के माध्यम से तार्किक व व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुतिकरण है जिससे कि महत्वपूर्ण सूचनाओं की जानकारी पाठकों के ध्यान मे आसानीपूर्वक लाई जा सके।

सारणी क्या हैं? 

सारणी पंक्तियों व स्तंभों की विभाजन रेखाओं से निर्मित खानों का एक व्यवस्थित खाका है जिसके माध्यम से किसी तथ्य की श्रेणियों मे वर्गीकृत विशिष्टताओं की वर्गवार आवृत्तियों को उचित स्थान पर दर्शाया गया होता है, ताकि उनके महत्व व तुलना को सरलतापूर्वक स्पष्ट किया जा सके। सारणी को उसके भागों के वर्णन के आधार पर अधिक आसानी से समझा जा सकता है। 

सारणीयन की परिभाषा (sarniyan ki paribhasha)

कोनर के मतानुसार " सारणीयन किसी विचाराधीन समस्या के स्पष्ट करने के उद्देश्य से किया जाने वाला सांख्यिकीय तथ्यों का क्रमबद्ध एवं सुव्यवस्थित प्रस्तुतिकरण है।" 

सेक्रिस्ट के अनुसार " वर्गीकरण द्वारा नए विश्लेषण को स्थायी प्रपत्र मे भरने का और समान बातों को योग्य स्थिति मे रखकर उसे तुलना के योग्य बनाने के साधन को सारणीयन कहते है।" 

ब्लेयर के शब्दों मे, विस्तृत अर्थ मे सारणीयन समंकों की खानों और पंक्तियों के रूप मे कोई क्रमबद्ध व्यवस्था है।"

होरेस सेक्राइस्ट के शब्दों मे, " सारणीयन वर्गीकरण द्वारा किये गये विश्लेषणों को स्थायी रूप से लेखबद्ध  करने तथा समान व तुलनीय वस्तुओं को परस्पर निकटता की उचित स्थित मे रखने के साधन है। 

उपरोक्त परिभाषाओं से स्पष्ट हो जाता है कि सारणीयन सामाजिक अनुसंधान मे सामग्री के विश्लेषण का एक प्रमुख चरण है। सामग्री के वर्गीकरण के पश्चात इसे और अधिक निश्चित रूपरेखा देने के लिये तथा अधिक बोधगम्य बनाने के लिये सामग्री का सारणीयन किया जाता है।

सारणी की विशेषताएं 

1. आकर्षण 

सारणी का प्रस्तुतिकरण आकर्षण होना चाहिये अन्यथा उसका कोई महत्व नही रहता है। उसमे हैडिंग शब्द तथा अंक लाइनें खींचने का कार्य इत्यादि बड़ी स्वच्छता तथा सुलेख के साथ होना चाहिये। यह सब कुछ निर्माता की कलाप्रियता पर निर्भर करता है।

2. समुचित आकार 

सारणी का आकार इतना होना चाहिए जो सुविधापूर्वक व्यवस्थित किया जा सके। सारणी कागज के आकार के अनुकूल होनी चाहिये। 

3. सम्पूर्ण सूचनाये 

सारणी का बाहरी रूप ऐसा होना चाहिये जिसमे सभी प्रकार की सूचनायें एक क्रम या व्यवस्था के अनुसार शीषर्कों, उपशीषर्कों तथा विभिन्न खानों मे प्रस्तुत की जा सकें।

4. स्पष्टता 

सारणी इतनी स्पष्ट होनी चाहिए कि सामान्य व्यक्ति के लिए भी उसकी विशेषताएं सुगमतापूर्वक समझी जा सकें। हर सूचना सहज ही ढूंढ़ी जा सके तथा आवश्यक तथ्य तुरंत उपलब्ध हो सकें।

5. वैज्ञानिक दृष्टिकोण 

सारणी वैज्ञानिकता के आधार पर निर्मित होनी चाहिये अर्थात् सारणी मे तथ्यों का प्रदर्शन तर्कपूर्ण तथा क्रमबद्ध होना चाहिये।

6. तुलना की सुविधा 

सारणी का महत्वपूर्ण उद्देश्य तथ्यों का तुलनात्मक अध्ययन भी है, इसलिए इस बात का प्रयास होना चाहिये की सारणी मे आँकड़ों को तुलनात्मक ढंग से रख सकें जिससे तुलना करने मे किसी प्रकार की कठिनाई नही हो सके।

7. उद्देश्य के अनुकूल 

सारणीयन के माध्यम से तथ्यों के प्रस्तुतीकरण का उद्देश्य स्पष्ट हो जाना चाहिये। सारणी जिस विशेष उद्देश्य के लिए निर्मित की गई है तो ऐसी सूचनायें दी जानी चाहिये जो अपेक्षित है।

सारणीयन के उद्देश्य 

सारणीयन सामग्री के संकलन एवं उसके निर्वाचन के बीच की एक प्रक्रिया है जिसका सबसे प्रमुख उद्देश्य सामग्री को इस प्रकार व्यवस्थित करना है कि इसे आसानी से समझा जा सके। डाॅ. पाडेन के विचार मे एक सांख्यिकीय सारणी का कार्य साधारण प्रस्तुतीकरण के अतिरिक्त विश्लेषण के उपयोगी यंत्र के रूप मे कार्य करना भी है।

1. सूचनाओं को बोधगम्य बनाना

सारणी के माध्यम से सूचनायें बोधगम्य हो जाती है। सारणी एक प्रकार से चित्रमय प्रदर्शन जैसा प्रभाव डालती है। सारणी से सूचनायें इस रूप मे प्रस्तुत की जाती है, जिससे वह सुगमतापूर्वक समझी जा सकें।

2. सामग्री को सुव्यवस्थित बनाना

सारणीयन का प्रमुख उद्देश्य एकत्रित सामग्री को वर्गीकरण कर लेने के पश्चात इसे ज्यादा व्यवस्थित रूप प्रदान करना है ताकि अगले चरण अर्थात् निर्वचन एवं निष्कर्ष निकालने की प्रक्रिया सरल हो सके।

3. सामग्री की विशेषताओं को स्पष्ट करना 

सारणीयन का उद्देश्य एकत्रित सामग्री की विविध प्रकार की विशेषताओं को प्रदर्शित करना है। किसी विशेष दृष्टिकोण से उसका अध्ययन करना होता है, तो सारणी ही बनाना उपयुक्त होता है। 

4. सामग्री का संक्षिप्ततीकरण 

सारणीयन का उद्देश्य विस्तृत सामग्री का कम से कम स्थान पर प्रदर्शन करना है अर्थात् इसे इस तरह से संक्षिप्त रूप मे प्रदर्शन करना है कि जो कहना चाहते है वह स्पष्ट हो जाए तथा स्थान भी ज्यादा न लगे।

5. तुलना करने हेतु 

दो भिन्न तथ्यों के बीच तुलना करना भी सारणीयन के माध्यम से अधिक आसान हो जाता है। सामग्री को तुलना योग्य बनाने के उद्देश्य से सारणीयन किया जाता है।

यह भी पढ़े; सारणीयन का महत्व, नियम/सावधानियां

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