सामाजिक विघटन का अर्थ और परिभाषा

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी https://www.kailasheducation.com मे, आज के इस लेख में हम सामाजिक विघटन के बारें में चर्चा करेंगे।

सामाजिक विघटन का अर्थ (samajik vighatan ka arth)

सामाजिक विघटन का अर्थ सामाजिक विघटन के नाम से स्पष्ट हो जाता है। सामाजिक विघटन का अर्थ है सामाजिक संगठन के विपरीत दशा है। हम जानते है की हमारे सामाज का निर्माण विभिन्न व्यक्तियों, संस्थाओं, समूह, समितियों, प्रतिमानों आदि से मिलकर होता है और इन सबका समाज मे एक पद या स्थिति होती है। जब यह सभी अपने पदों और स्तिथि के अनुसार अपने-अपने कार्यों को सही ढंग से नही करते तो समाज का विघटन होने लगता है।

जब किसी समाज में सामाजिक इकाइयों के बीच प्रकार्योत्मक संबंध टूट जाते हैं और समूह के स्वीकृत कार्यों को करने में बाधा पड़ने लगती है अथवा सामाजिक नियंत्रण प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर पाता तब इसे सामाजिक विघटन की स्थिति कहते है।
सामाजिक विघटन के अर्थ को और भी सरल शब्दों में समझने के लिये मान लिजिए की आपका शरीर समाज है जिसके विभिन्न अंग है जैसे, हाथ, पैर, नाक, कान, आँख, मुंह आदि। अगर आपके शरीर का कोई अंग अपना काम न करें या वह खराब हो जाए तो आपके शरीर को कष्ट होने लगेगा या वह धीरे-धीरे नष्ट होने लगेगा। जैसा की मैने पूर्व मे कहा है कि हमारे समाज का निर्माण भी एक शरीर की तरह अनेक इकाइयों से मिलकर होता है और जब यह इकाइयां अपना कार्य सही ढंग से नही करती तो समाज का विघटन होने लगता है।   वास्तविकता में समाज में संगठन का न रहना ही सामाजिक विघटन है।

सामाजिक विघटन के बारें में थाॅमस तथा जननकी ने लिखा है, " सामाजिक विघटन कोई एक अलौकिक घटना नहीं है जो किन्हीं कालों या किन्हीं समाजों तक सीमित हो, इसमें से कुछ हमेशा और प्रत्येक स्थान पर सामाजिक नियम भंग करने की व्यक्तिगत घटनायें होती हैं जो सामाजिक संस्थाओं पर विघटित करने वाला प्रभाव डालती है और यदि उनका प्रतिकरण न किया जाय तो बढ़ सकती है और और सामाजिक संस्थाओं का पूर्ण नाश कर सकती है।

सामाजिक विघटन की परिभाषा (samajik vighatan ki paribhasha)

लैंडिस के अनुसार, "सामाजिक नियंत्रण के समाप्त हो जाने से सामाजिक विघटन पैदा हो जाता है, जिससे समाज में अव्यवस्था और गड़बड़ी उत्पन्न हो जाती है।इलियट और मैरिल के अनुसार, "सामाजिक विघटन में एक समूह के सदस्यों के आपसी सम्बन्ध टूट से लगते है या समाप्त हो जाते है। 

थामस और जैनेनिकी के अनुसार " मनुष्यों द्वारा सामाजिक नियमों को तोड़ना और समाज विरोधी कार्य करना ही सामाजिक विघटन हैं।

पी. एच. लैण्डस के अनुसार " सामाजिक नियंत्रण की व्यवस्था का भंग होना और उनमें विचलन की स्थिति उत्पन्न करना ही सामाजिक विघटन हैं।

ऑगबर्न और निमकाॅक के अनुसार "जब संस्कृति के विभिन्न अंगो के बीच संबंधो की एकता भंग हो जाती है तो सामाजिक विघटन होता हैं।

सामाजिक विघटन के स्वरूप 

1. व्यक्तिगत विघटन
2. पारिवारिक विघटन
3. सामुदायिक विघटन
4. अन्तर्राष्ट्रीय विघटन
5. सांस्कृतिक विघटन आदि।
दोस्तों आशा करता हूं सामाजिक विघटन का अर्थ और परिभाषा आपको शीघ्र ही समझ आ गई होगी। अगर इस लेख से सम्बन्धित आपका किसी भी प्रकार का कोई विचार है तो नीचे comment कर जरूर बताएं मैं आपके comment का इंतजार कर रहा हूं।
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