11/08/2019

प्रकार्य का अर्थ और परिभाषा

By:   Last Updated: in: ,

प्रकार्य का अर्थ (prakary ka arth)

समाजिक इकाइयों के वे कार्य जिनके द्वारा सामाजिक व्यवस्था और सन्तुलन या समाज मे संगठन बनाए रखने में जो अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करतें है उसे प्रकार्य कहा जाता है।
हमारा समाज सामाजिक सम्बन्धों से बनी एक अत्यन्त ही जटिल व्यवस्था है। इस व्यवस्था मे प्रत्येक व्यक्ति का एक निश्चित पद या स्थान होता हैं और प्रत्येक व्यक्ति से यह आशा की जाती है की वह अपने पूर्व-निश्चित स्थान पर रहते हुए पूर्व-निर्धारित कार्यो को करता रहें।


प्रकार्य का अर्थ
जब समाज के सदस्य अपनी स्थिति के अनुरूप समाज के सदस्यों के कार्यों का सम्पादन करते है तो समाज मे सन्तुलन देखने को मिलता हैं। सामाजिक संरचना मे प्रत्येक इकाई की एक निश्चित स्थिति होती है और उसी के अनुसार भूमिका निर्धारित होती हैं। इकाइयों के द्वारा संपादित ऐसी भूमिकाएं जिनसे संरचना मे संतुलन आता है प्रकार्य कहलाती हैं। प्रकार्य का सम्बन्ध सामाजिक संरचना से होता है। प्रकार्य के अर्थ को और अच्छी तरह से जानने के लिए हम विभिन्न विद्वानों द्धारा दी गई प्रकार्य पर परिभाषाओं को जानेंगे।

प्रकार्य की परिभाषा (prakary ki paribhasha)

हेरी एम. जानसन के अनुसार " कोई भी आंशिक संरचना उपसमूह का एक प्रारूप भूमिका सामाजिक मानदण्ड या सांस्कृतिक मूल्य का वह योगदान है जिसे वह सामाजिक व्यवस्था के एक अथवा अधिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए देता है, उसे प्रकार्य कहा जाता हैं।
प्रकार्य की परिभाषा

एल.ए. कोजर के अनुसार " प्रकार्य किसी सामाजिक क्रिया का परिणाम है जो किसी संरचना तथा उसके निर्माणक अंगो के अनुकूलन और सामंजस्य मे सहायक होता है।
मैलिनोवस्की के अनुसार" प्रकार्य का अभिप्राय हमेशा किसी आवश्यकता को सन्तुष्ट करना है, इसमें भोजन करने की सरल क्रिया से लेकर संस्कारों को सम्पन्न करने तक की सभी जटिल क्रियाएं शामिल हैं।
मर्टन के अनुसार "प्रकार्य वे अवलोकित परिणाम है जो की सामाजिक व्यवस्था के अनुकूलन या सामंजस्य को बढ़ातें है।"
दुर्खीम के अनुसार " किसी सामाजिक तथ्य का प्रकार्य सदैव किसी सामाजिक उद्देश्य के साथ उसके सम्बन्ध में खोजना चाहिए।"
जाॅनसन के अनुसार " किसी भी आंशिक संरचना जैसे एक उप समूह भूमिका सामाजिक सामान्यक अथवा सांस्कृतिक मूल्य या उप व्यवस्था की एक या अधिक सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति मे योग देने वाला कार्य प्रकार्य कहलाता हैं।
यह भी पढ़ें प्रकार्य की अवधारणा 
यह भी पढ़ें प्रकार्य का अर्थ और परिभाषा 
यह भी पढ़ें प्रकार्य की विशेषताएं 
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; सामाजिक संरचना अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; सामाजिक संरचना के प्रकार (भेद)
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; रेडक्लिफ ब्राउन के सामाजिक संरचना संबंधी विचार
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; प्रकार्य का अर्थ और परिभाषा 
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; प्रकार्य की अवधारणा
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; प्रकार्य की विशेषताएं
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; सामाजिक संगठन का अर्थ,परिभाषा
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; सामाजिक संगठन के आवश्यक तत्व 
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; सामाजिक विघटन का अर्थ, परिभाषा एवं स्वरूप 
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; संघर्ष का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं प्रकार 
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए;  संघर्ष के कारण, महत्व एवं परिणाम
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; सहयोग अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; सहयोग के स्वरूप या प्रकार एवं महत्व
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; व्यवस्थापन अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; व्यवस्थापन के प्रकार व व्यवस्थापन की पद्धतियाँ
आपको यह जरूर पढ़ना चाहिए; सात्मीकरण का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं

कोई टिप्पणी नहीं:
Write comment

अपने विचार comment कर बताएं हम आपके comment का इंतजार कर रहें हैं।