जीवनी किसे कहते हैं?



जीवनी किसे कहते हैं? {Jivni kise kahte hai}

जीवनी किसी व्यक्ति के जीवन का लिखित वर्णित वृतांत हैं। इतिहास-लेखक की भांति जीवनी-लेखक भी अपने चरित्र नायक के जीवन का वर्णन सत्य घटनाओं के आधार पर करता है। इतिहास का लेखक घटनाओं का विवरण देता है और विश्लेषण करता है। जबकि जीवनी का लेखक घटनाओं से आगे बढ़कर अपने चरित्र नायक के जीवन का रोचक ढंग से चित्रण भी प्रस्तुत करता है। जीवनी मे व्यक्ति विशेष के संबंध मे बिखरी पड़ी  सामग्री का सुसज्जित रूप होता हैं। वास्तव मे जीवनी-लेखक की कला का रहस्य चरित्र नायक के जीवन की घटनाओं की सत्यता की रक्षा करते हुए उनके आधार पर उसके व्यक्तित्व की पुनः सृष्टि करना ही हैं। चरित्र नायक के जीवन की विविध घटनाओं मे से आवश्यक घटनाओं को चुनकर जीवनी का लेखक, ऐसी शैली में प्रस्तुत करता है जिससे जीवनी, कथा शैली रोचक हो उठती हैं।
गद्य साहित्य की इस विधा मे किसी महान पुरूष के जीवन को व्यवस्थित रूप से रोचक शैली मे प्रस्तुत किया जाता है। इसी रचना को जीवनी कहा जाता हैं।
जीवनी लेखक जीवन मे जीवन के यथार्थ तथ्य को उजागर करते हुए व्यक्ति के आन्तरिक एवं बाहरी जीवन से सम्बंधित विभिन्न पक्षों को पाठकों के सम्मुख उपस्थित करता हैं। जीवनी में एक ओर तो इतिहास जैसी प्रामाणिकता तथा तथ्यपूर्णता होती है तथा दूसरी ओर वह विशेषताएं है। जीवनी लेखकों मे प्रमुख रूप डाॅ. राजेंद्र प्रसाद, जैनेन्द्र कुमार, रामवृक्ष बेनीपूरी, राम विलास शर्मा, विष्णु प्रभाकर, राहुल सांस्कृत्यायन तथा अमृतराय प्रमुख हैं।
इस लेख मे हमने जाना की जीवनी क्या हैं? जीवनी किसे कहते है? और जीवनी का अर्थ अगर इस लेख से सम्बंधित आपका कोई सवाल हैं तो नीचे comment कर जरूर।

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