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7/22/2021

औद्योगिक क्रांति की विशेषताएं

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औद्योगिक क्रांति 

audyogik kranti ki visheshta;इंग्लैंड में 18 वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध एवं 19 वीं शताब्दी के मध्यावधि तक लगभग 100 वर्षों की समयावधि मे हुए बौद्धिक-वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास और इसके परिणामस्वरूप आर्थिक, राजनैतिक, सामाजिक क्षेत्रों मे आये व्यापक तथा आधारभूत परिवर्तनों को इतिहासकार आर्नोल्उ टाॅयनवी ने 1880 मे औद्योगिक क्रांति की संज्ञा प्रदान की। अवधारणात्मक स्तर पर औद्योगिक क्रांति मुख्यतः मौलिक परन्तु तीव्रतर परिवर्तन को दर्शाती है जिसके परिणामस्वरूप पिछ़डी कृषि अर्थव्यवस्था पर आधारित समाज मशीनी उत्पादन पर आधारित औद्योगिक समाज का स्वरूप ग्रहण करने मे प्रयत्यशील जाती है। 

औद्योगिक क्रांति की विशेषताएं

आर्थिक इतिहास के लंदन स्कूल ऑफ इकाॅनामिक्स के भूतपूर्व प्रोफेसर डाॅ. (श्रीमती) एल. सी. ए. नोल्स के अनुसार," तथाकथित औद्योगिक क्रांति मे छः महान परिवर्तन अथवा विकास हुए, जो पूरी तरह एक दूसरे पर निर्भर थे।" ये महान परिवर्तन निम्नलिखित थे--

1. इंजीनियरिंग का विकास 

औद्योगिक क्रांति के कारण इंजीनियरिंग का विकास हुआ। समस्त औद्योगिक अवस्था में यंत्रीकरण बढ़ने लगा और इंजीनियरिंग ज्ञान तथा इंजीनियरों की संख्या मे वृद्धि हुई। 

2. लोहा निर्माण में क्रांति

मशीनों के निर्माण व अन्य निर्माण कार्यों के लिए लोहे की मांग बढ़ी। इस काल मे लोहे के निर्माण मे आश्चर्यजनक सुधार किए गए।

3. वस्त्र उद्योग में वाष्ण शक्ति का उपयोग 

वस्त्र उद्योग में वाष्ण शक्ति द्वारा चालिऔ यंत्रों का प्रयोग किया गया। सर्वप्रथम उनका प्रयोग सूत कातने में हुआ और फिर बुनने आदि में। सूती वस्त्र उद्योग के बाद ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों के उद्योग मे भी इस शक्ति का उपयोग किया जाने लगा। 

4. रासायनिक उद्योगों का विकास 

वस्त्र उद्योग के बढ़ते उत्पादन के साथ कदम मिलाने के साथ रंगाई, छपाई आदि की रीतियों में भी क्रांतिकारी परिवर्तन आवश्यक थे। फलतः रासायनिक उद्योगों का उदय एवं विकास हुआ।

5. कोयला उद्योग का विकास

यह समस्त विकास एवं परिवर्तन अंततः कोयला उद्योग पर टिके हुए थे जो विभिन्न उद्योगों के लिए तत्कालीन प्रमुख संचालक शक्ति का साधन था, फलतः कोयला उद्योग अपने को परिवर्तन परिस्थितियों के अनुकूल बनाकर विकसित हुआ। कोयला खनन में धीरे-धीरे यंत्रीकरण अपनाया जाने लगा जिससे शीघ्र व कम लागत पर कोयला निकाला जा सके।

6. यातायात के साधनों मे परिवर्तन 

यातायात में यंत्रीकरण और वाष्पशक्ती का प्रयोग हुआ तथा नये-नये साधनों का विकास हुआ।

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