10/20/2020

यूरोप के आधुनिक युग की विशेषताएं या लक्षण

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यूरोप मे आधुनिक युग का प्रारंभ 

यूरोप मे आधुनिक युग के प्रारंभ का अर्थ है, मध्ययुगीन मूल्यों एवं प्रवृत्तियों का समाप्त होते जाना और नये मूल्यों, नई प्रवृत्तियों, नई सोच का प्रारंभ होना। आधुनिक यूरोपीय इतिहास की शुरुआत 1453 ई. मे कुस्तुनतुनिया की पराजय और तुर्की की विजय से हुई। यूरोप मे आधुनिक काल का आरंभ 1453 ई. से हुआ। लेकिन कुछ विद्वान अन्य तिथियों से भी मानते है- जैसे- 1460 ई. मे छापेखाने का अविष्कार, 1492 ई. मे कोलम्बस द्वारा अमेरिका की खोज, 1498 ई.  मे वास्कोडिगामा का भारत पहुंचना तथा 1517 ई. मे मार्टिन लूथर द्वारा धर्म सुधार आंदोलन प्रारंभ, कोपरनिकस (1473-1533 ई.) के क्रांतिकारी विचार। 

यूरोप के अलग-अलग देशों मे अलग-अलग समय एवं घटनाओं से आधुनिकता की शुरुआत हुई होगी। परन्तु इतिहासकारो ने अध्ययन की सुविधा से आधुनिकता युग के प्रारंभ की कुछ घटनाओं को स्वीकृति दी है।

यूरोप मे पुनर्जागरण को आधुनिकता का प्रारंभ बिन्दु माना गया है। यह सांस्कृतिक क्षेत्र मे आधुनिकता का प्रारंभ था। मानव का दृष्टिकोण मध्यकालीन सामंतवादी विचारधार और मूल्यों से हटकर, मानवीय और इहलौकिक सोच धारण कर रहा था। राजनीतिक रूप से 1453 मे कुस्तुनतुनिया की पराजय, तुर्कों के द्वारा होने को आधुनिक युग का प्रारंभिक बिन्दु माना है। इसलिए प्रायः 1453 ई. को ही आधुनिक यूरोप के इतिहास की प्रारंभ तिथि माना जाता है। 

कुस्तुनतुनिया के पतन से यूरोप के आधुनिक युग का प्रारंभ मानने का कारण था कि इसके बाद कई भौगोलिक खोंजे हुई। यूरोप का भारत तथा अमेरिका जैसे विशाल देशो से संपर्क हुआ। सामाजिक, आर्थिक परिवर्तन हुए। नये व्यापारिक मर्ग खोजे गए। सामाजिक जीवन मे सामंत की भूमिका खत्म होने लगी तथा नये व्यापारिक वर्गों का प्रभुत्व बढ़ने लगा। राजनैतिक क्षेत्र मे राजाओं की शक्ति बढ़ाने लगी, सामंतो की भूमिका कम हो गई। नये सुदृढ़ राज्यों के उदय का मार्ग प्रशस्त हुआ। 

यूरोप के आधुनिक युग की विशेषताएं या लक्षण  (europe ke aadhunik yug ki visheshta)

यूरोप के आधुनिक युग की प्रमुख विशेषताएं या लक्षण इस प्रकार है--

1. बौद्धिक जागरण 

तुर्कों के कुस्तुनतुनिया पर आक्रमण के कारण ग्रीक विद्वानों को पलायन कर यूरोप के विभिन्न देशो मे शरण और जीविका के लिये जाना पड़ा। उनके ज्ञान ने यूरोप की शिक्षा, विज्ञान, विचार-प्रणाली, कला, साहित्य,गणित आदि मे अत्यंत महत्वपूर्ण परिवर्तन और सुधारों के आयाम जोड़े। इससे मध्ययुगीन धर्माडम्बर, अन्धविश्वास और कुरीतियों के बादल छँटने लगे और इनके खिलाफ प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई। बौद्धिक जागरण ने मानव सभ्यता मे भौतिक क्रांति भी ला दी। विज्ञान की बौद्धिकता ने अनेक अनुसंधानों के द्वारा सभ्यता के विकास के साधन उपलब्ध करवाये तथा उद्योग, व्यापार आदि की नवीन प्रणालियों को भी जन्म दिया। आर्थिक, सामाजिक चिंतन मे और जीवन-शैली मे नवीन प्रवृत्तियों की उत्पत्ति की। 

2. लौकिक भावना की वृद्धि 

आधुनिक युग की नई प्रवृत्तियों के विकसित होने के साथ सामंतीय व्यवस्था के चरमराने से व्यक्ति मे समर्पित भावना कम हुई तथा कष्टों को नियति मानने का बोध भी बदला। अब आम जनता भी अपने भौतिक उत्थान के लिए वैचारिक रूप से ही तैयार होने लगी।

3. सामंतवाद का पतन 

आधुनिक युग का एक मुख्य लक्षण या विशेषता सामंतवाद का पतन होना था। सामन्ती आधार पर गठित समाज का ढांचा एकदम से तो नही टूटा पर उसमे परिवर्तन आया। राजनीतिक सत्ता से विहीन होने पर भी सामन्तों की स्थिति विशेषाधिकारो वाली थी। पर राजदरबारो मे सत्ता की बजाय अब वे शोभा की वस्तु ज्यादा थे। किसानो के प्रति शोषण व्यवहार मे बदलाव आने मे काफी समय लगा। आधुनिक कृषि पद्धति तथा पूंजीवाद के कुछ देशो मे अर्द्धदासों को सामन्तो से मुक्ति मिली लेकिन यह सर्वत्र नही था। 

4. पुनर्जागरण काल मे मानवतावादी आन्दोलन 

आधुनिक युग की शुरुआत ही शोषण परक व्यवस्था के खिलाफ हुई थी। संदियो से दमित, कुंठित मानवता के उद्धार हेतु मानवतावादी मूल्यों की स्थापना हेतु पश्चिमी यूरोप मे आंदोलन हुए जिससे शोषितो की दशा मे परिवर्तन तो आया ही, साथ ही मानवता के स्थायी आदर्शों का भी उन्मेष हुआ। वास्तव मे यह आधुनिक युग की स्थायी उपलब्धि थी।

5. नवीन नगरों का विकास 

नवीन वैज्ञानिक और भौगोलिक आविष्कारों तथा औपनिवेशिक विस्तार के कारण व्यापार, यातायात, कच्चे माल की प्राप्ति मे पर्याप्त वृद्धि हुई। इस कारण बड़े-बड़े कारखाने स्थापित हुये और इनके कारण औधोगिक नगरो की स्थापनाये हुई। इन नगरों के कारण यह अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के केन्द्र बन गये। शेविल ने लिखा कि, बड़े-बड़े नगरो के विकास के कारण यूरोप मे न केवल आधुनिकता ही आई वरन् इसने अन्तर्राष्ट्रीय भावनाओं के विकास को भी प्रोत्साहन दिया।

6. राष्ट्रीय राज्यों का उत्थान 

पवित्र रोमन साम्राज्य की अवनति और शक्तिशाली राष्ट्रीय राज्यों का प्रादुर्भाव, आधुनिक युग की सबसे बड़ी विशेषता है। 1450 ई. से 1550 ई. के बीच पश्चिमी यूरोप मे फ्रांस, इंग्लैंड और स्पेन जैसे शक्तिशाली राजतन्त्रों की स्थापना हुई। इन राष्ट्रीय राज्यों का उदय ईसाई जगत की राजनैतिक एवं धार्मिक एकता की कब्र पर हुआ था। सामन्तीय व्यवस्था का पतन होने से पुर्गगाल, डेनमार्क, नार्वें, स्वीडन, और पोलैण्ड मे भी स्वतंत्र राज्य स्थापित हुए।

7. मध्यय वर्ग का उदय 

मध्यम वर्ग का उदय आधुनिक युग के आगमन की एक अन्य प्रमुख विशेषता थी। व्यापार, वाणिज्य तथा उद्योगो की उन्नति से पश्चिमी यूरोप मे बड़े-बड़े नगरों का विकास हुआ। सम्पन्न तथा शिक्षित होने के बाद इस वर्ग की राजनीतिक सत्ता मे भागीदारी के लिए कही कम तथा कही अधिक समय लगा। जैसे इंग्लैंड मे भागीदारी जल्दी हुई, अन्य देशों मे बहुत बाद मे।

8. राष्ट्रीय भाषा एवं राष्ट्रीय साहित्य का विकास 

पोप की सर्वोच्चता की मध्यकालीन अवधि मे, लैटिन भाषा की ही सर्वोंपरिता तथा व्यापकता थी। पर राष्ट्रीय भाषाओ का विकास आधुनिक युग मे होने लगा क्योंकि पोप की सर्वोच्चता विघटित हो गई। अंग्रेजी मे शेक्सपियर ने तथा मार्टिन लूथर ने जर्मनी भाषा मे उत्कृष्ट ग्रंथों की रचना की। फ्रांसीसी भाषा मे राष्ट्रीय बोध तथा नूतनता के विचारों का बिम्ब उदित हुआ।

9. राष्ट्रीय भावना का विकास 

राष्ट्रीयता की भावना के साथ ही अपनी प्रजाति के प्रति आदर तथा गौरव की भावना का विकास आधुनिक युग मे हुआ। खास तौर से इंग्लैंड मे यह भावना ज्यादा सीमा से उभरी जिससे उसका प्रभाव यूरोप मे दिखाई देने लगा।

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