7/22/2020

स्विस संघीय परिषद की विशेषताएं

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स्विस संघीय परिषद की विशेषताएं (svis sanghiy parishad ki visheshta)

1. बहुल कार्यपालिका
यह स्विस संविधान की प्रमुख विशेषता है। सामान्यतः ऐसा माना जाता है कि व्यवस्थापिका का संगठन बहुलता के आधार पर और एकतरफा कार्यपालिका संगठन की दृष्टि से एकल होना चाहिए। यानि कार्यपालिका का नेतृत्व एक व्यक्ति के द्वारा ही किया जाना चाहिए। विश्व मे अधिकांश राज्यों मे ऐसी ही व्यवस्था है। अध्यक्षीय शासन व्यवस्था के तहत राष्ट्रपति का नेतृत्व और संसदीय शासन व्यवस्था मे प्रधानमंत्री का नेतृत्व ही कार्यपालिका कार्यों का मूलाधार होता है। परन्तु स्विट्जरलैंड मे एकल कार्यपालिका के स्थान पर बहुल कार्यपालिका को अपनाया गया है। स्विस संविधान के अनुच्छेद 95 मे उल्लेखित है कि राज्य संघ की सर्वोच्च निर्देशन तथा कार्यकारिणी शक्ति 7 सदस्यों की संघीय परिषद् द्वारा प्रयुक्त की जाती है। संघीय परिषद् के सातों सदस्यों की स्थिति एक समान है, इस दृष्टि से यह बहुल कार्यपालिका है।
स्विट्जरलैंड की संघीय परिषद्
2.  संसदात्मक व अध्यक्षात्मक प्रणालियों का समन्वय
राज्य व शासन संबंधी ज्ञान के अन्तर्गत कार्यपालिका को दो भागों मे विभाजित किया जाता है। प्रथम, संसदात्मक कार्यपालिका जिसकी जन्मभूमि ब्रिटेन है और द्दितीय, अध्यक्षात्मक कार्यपालिका जिसका आदर्श उदाहरण; संयुक्त राज्य अमेरिका है लेकिन स्विस शासन व्यवस्था मे इन दोनों शासन व्यवस्थाओं का मिश्रण है संघीय परिषद् के सदस्य संघीय सभा द्वारा चुने जाते है और संसदीय कार्यपालिका की तरह संघीय परिषद् के सदस्यगण व्यवस्थापिका की कार्यवाही मे सम्मिलित होते है लेकिन स्विट्जरलैंड की संघीय सभा का प्रथम सदन यानि राष्ट्रीय परिषद इस प्रकार से अविश्वास का प्रस्ताव पारित कर उसे पद्च्युत नही कर सकता जैसा कि संसदीय शासन पद्धति मे किया जाता है।

3. उत्तरदायित्व और स्थायित्व का योग
संसदीय शासन पद्धति का सबसे प्रमुख गुण उत्तरदायित्व है अर्थात् कार्यपालिका का संचालन अपने कार्यों के लिए व्यवस्थापिका के प्रति उत्तरदायी होती है। जिसका स्वाभाविक परिणाम यह होता है कि कार्यपालिका का कार्यकाल अनिश्चित होता है, जब तक उसे व्यवस्थापिका का विश्वास प्राप्त होता है, तब तक ही कार्यपालिका का अस्तित्व होता है। उत्तरदायित्व की इस व्यवस्था के कारण शासन के समूचे कार्य जन प्रतिनिधियों की इच्छानुसार ही सम्पन्न होते है और शासन निरंकुश नही हो पाता है। स्विस संघीय परिषद् भी संघीय सभा (व्यवस्थापिका) के प्रति उत्तरदायी है। यद्यपि उसका कार्यकाल संघीय सभा की कृपा पर निर्भर नही है। संघीय परिषद् का कार्यकाल अध्यक्षात्मक शासन व्यवस्था की तरह निश्चित है। यह प्रावधान शासन को स्थायित्व प्रदान करने के लिए गया है। यदि कभी किसी विषय पर संघीय परिषद् संघीय सभा मे अपना विश्वास खो देती है तो उसे अपना त्याग पत्र नही देना पड़ता है। स्विस संघीय परिषद् को उसके निश्चित कार्यकाल के पूर्व केवल तभी समाप्त किया जा सकता है जबकि किसी कारणवश संघीय सभा का विघटन इसके निर्धारित कार्यकाल से पूर्व हो जाये। इस प्रकार स्विस संघीय परिषद् व संघीय सभा के पारस्परिक सम्बन्धों से एक नवीन प्रकार के शासन का उदभव होता है जिसमे उत्तरदायित्व एवं स्थायित्व दोनों के गुण समाहित है।
4. बहुदलीय परिषद्
स्विस संघीय परिषद् मे किसी एक ही दल के सदस्य नही होते अपितु उसमे उन सभी दलों के प्रतिनिधि होते है जिन्हें संघीय सभा मे प्रतिनिधित्व प्राप्त होता है। जबकि दुनिया के प्रायः  सभी देशों मे मंत्रिमंत्रिमंडल किसी एक ही दल का होता है। स्विट्जरलैंड की बहुदलीय संघीय परिषद् भी स्विस जनता की लोकतंत्र मे गहरी आस्था का परिचायक है। इसका लाभ यह है कि कार्यपालिका किसी दल की कार्यकारिणी के रूप मे और किसी भी एक दल के हित मे कार्य नही करती है। बल्कि वह दलगत भावना से ऊपर उठकर राष्ट्रहित मे कार्य करती है।
5. सामूहिक उत्तरदायित्व का अभाव
संसदीय शासन पद्धति मे मंत्रिमंडल सामूहिक रूप से संसद के प्रति उत्तरदायी होता है। वे सभी सदस्य एक साथ तैरते और डूबते है लेकिन स्विस संघीय परिषद् मे सदस्यों का उत्तरदायित्व व्यक्तिगत ही होता है सामूहिक नही।

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