4/15/2020

चीन के राष्ट्रपति की वास्तविक स्थिति शक्तियाँ व कार्य

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जनवादी चीन में राष्ट्रपति का पद (china me rashtrapati ka pad)

जनवादी चीन मे कार्यपालिका का आश्य सर्वप्रथम, चीन के जनवादी गणराज्य का अध्यक्ष या राष्ट्रपति, द्वितीय राज्य परिषद् या मन्त्रिमणड और तृतीय, केन्द्रीय सैनिक आयोग से हैं। कार्यपालिका से सम्बन्धित समूचे कार्यो का सम्पादन उक्त तीनों संस्थाओ द्वारा किया जाता हैं।
आज के इस लेख मे हम जनवादी चीन के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता (निर्वाचन प्रक्रिया) हैं? चीन के राष्ट्रपति का कार्यकाल कितने बर्ष का होता हैं? चीन के राष्ट्रपति की शक्तियाँ व कार्य एवं चीन के राष्ट्रपति की वास्तविक स्थिति जानेंगे।
जनवादी चीन मे राष्ट्रपति

चीन के राष्ट्रपति का निर्वाचन (चुनाव प्रक्रिया)

1982 के संविधान के अनुच्छेद 74 मुताबिक चीन के राष्ट्रपति का निर्वाचन (चुनाव) राष्ट्रीय जन कांग्रेस द्वारा होता हैं। चीन गणराज्य का कोई भी नागरिक जिसे मताधिकार प्राप्त है, जो चुनाव मे उम्मीदवार होने की योग्यता रखता है और जिसकी आयु 45 वर्ष हैं वह राष्ट्रपति के पद के लिए उम्मीदवार हो सकता हैं। 

चीन के राष्ट्रपति का कार्यकाल 

जनवादी चीन के राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 बर्ष का होता हैं। चीन के संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा दो कार्यकाल यानी की दो बार राष्ट्रपति बन सकता हैं।  

जनवादी चीन के राष्ट्रपति की शक्तियाँ व कार्य ( china ke rashtrapati ki shaktiyan va kary)

जनवादी चीन के 1982 के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति को निम्नलिखित शक्तियाँ व कार्य दीयें गए है---
1. राष्ट्रीय जन कांग्रेस या उसकी स्थायी समिति के आदेशानुसार वह विधियों और अध्यादेशों को प्रभावी करेंगा।
2. चीनी गणराज्य का प्रतिनिधित्व करना। दूतों की नियुक्तियां व संधियों की औपचारिक पुष्टि करना।
3. प्रधानमंत्री, उप-प्रधानमंत्री, मन्त्रियों, आयोगों के प्रधानों और राज्य परिषद् के महासचिवों की नियुक्तियां करने और उन्हें पद से मुक्त करने की शक्ति चीन के राष्ट्रपति को प्राप्त हैं।
4. राज्य की ओर से नागरिकों को सम्मानार्थ उपाधियाँ आदि देना।
5. केन्द्रीय सैनिक आयोग के उपाध्यक्ष, परिषद् के महासचिव और चीन के महालेख परीक्षक कि नियुक्त भी राष्ट्रपति द्वारा की जाती हैं।
6. सार्वजनिक क्षमादान की घोषणा करेगा तथा व्यक्तिगत अपराधियों को क्षमादान भी दे सकता हैं। 
7. सैनिक कानून लागू करना व प्रतिरक्षा के लिए तैयार होने का आदेश जारी करना आदि। 
चीन के राष्ट्रपति के कुछ अन्य कार्य एवं शक्तियाँ इस प्रकार से है---
1. दूसरे देशों मे चीन के राजनयिक प्रतिनिधियों को नियुक्त करना तथा उन्हें वापस बुलाना। 
2. विदेशों से की गयी सन्धियों तथा समझौतों कि पुष्टि करना अथवा उन्हें रद्द करना।
3. चीन का विदेशों से सम्बन्ध मे राज्य का प्रतिनिधित्व चीन का राष्ट्रपति ही करता हैं।
4. चीन मे आने वाले विदेशी राजनयिकों का स्वागत करना।
उक्त सभी कार्यों को चीन का राष्ट्रपति जनवादी कांग्रेस और उसकी स्थायी समिति के आदेशानुसार करता हैं।

जनवादी चीन के राष्ट्रपति की वास्तविक स्थिति 

चीन का राष्ट्रपति ना तो अमेरिका के राष्ट्रपति की तरह शक्तिशाली है और ना ही भारत के प्रधानमंत्री की तरह। चीन के राष्ट्रपति की वास्तविक स्थिति कुछ और ही हैं। ऊपर दी गए चीन के राष्ट्रपति की शक्तियाँ सैद्धान्तिक मात्र हैं। वह अपनी समस्त शक्तियों का प्रयोग राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस व उसकी स्थायी समिति के आदेशानुसार ही करता हैं। चीन के राष्ट्रपति की तुलना संसदीय व्यवस्था वाले राज्य के संवैधानिक प्रमुख से नही कि जा सकती। क्योंकि उसे वैधानिक दृष्टि से राज्य के प्रधान की स्थिति प्राप्त नही हैं।
वह अपनी कार्यपालिका शक्तियों का प्रयोग प्रधानमंत्री तथा राज्य परिषद् के माध्यम से ही करता हैं। उसे राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस द्वारा पारित विधायकों पर निषेधाधिकार के प्रयोग का भी अधिकार नही हैं। इस तरह देखा जाए तो वैधानिक दृष्टि से, चीनी राष्ट्रपति परावलम्बी व दुर्बल हैं।
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