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6/07/2021

भूकंप का वर्गीकरण

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भूकंप का वर्गीकरण 

भूकंप का वर्गीकरण इस प्रकार है--

(अ) भूकंप की उत्पत्ति मे भाग लेने वाले कारकों के आधार पर वर्गीकरण 

1. प्राकृतिक भूकंप 

जब भूकंप की उत्पत्ति प्राकृतिक कारणों से होती है, तो उसे प्राकृतिक भूकंप कहते है। इन्हें चार वर्गों मे बांटा गया है--

(अ) ज्वालामुखी भूकंप 

ये भूकंप सामान्यतः ज्वालामुखी क्षेत्रों मे ही आते है। इस तरह के भूकंपो की तीव्रता ज्वालामुखी के उद् गार की तीव्रता पर आधारित होती है। सन् 1883 का क्राकाटोआ का भूकंप इसी तरह का था।

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(ब) भ्रंशमूलक या विवर्तनिक भूकंप

भूपटल मे भ्रंशन से चट्टानों मे तब्दीली होने से पैदा भूकंप को 'भ्रंशमूलक भूकंप' कहते है। इस तरह के भूकंप अत्यधिक तीव्र एवं भयंकर होते है। सन् 1872 का कैलीफोर्निया का भूकंप इसका मुख्य उदाहरण है।

(स) संतुलन मूलक भूकंप 

संतुलन मे अव्यवस्था पैदा होने से उद्भुत भूकंप को संतुलन मूलक भूकंप कहते है। इस तरह के भूकंप सामान्यतः नवीन मोड़दार पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाते है। सन् 1949 का हिन्दूकोह का भूकंप संतुलन मूलक ही था।

(द) पातालीय या प्लूटाॅनिक भूकंप 

ये भूकंप 250 से 680 किमी भूगर्भ की गहराई मे पैदा होते है, चूंकि ये भूकंप अत्यधिक गहराई मे पैदा होते है, इसलिए उनके विषय मे कम जानकारी उपलब्ध है।

2. कृत्रिम या अप्राकृतिक भूकंप 

जब मानव के रचनात्मक कार्यों (सुरंग खोदना, खानों की खुदाई, बड़े-बड़े भवनों का निर्माण, जलाशय, बांधों का निर्माण) या विनाशात्मक कार्यों (बमों का परीक्षण तथा विस्फोट) इत्यादि द्वारा भूकंप आता है तो उसे मानवकृत भूकंप या कृत्रिम भूकंप कहते है।

(ब) भूकंप-मूल की स्थिति के आधार पर वर्गीकरण 

भूकंप की गहराई के आधार पर भूकंप को तीन भागों मे बांटा जा सकता है--

1. साधारण भूकंप 

जब भूकंप मूल की स्थिति धरातल से 0 से 50 किलोमीटर की गहराई तक होती है तो उसे साधारण भूकंप कहते है।

2. मध्यवर्ती भूकंप 

भूकंप मूल की गहराई धरातल 50 से 250 किलोमीटर तक होती है तो उसे मध्यवर्ती भूकंप कहते है।

3.अत्यधिक गहराई वाले भूकंप 

भूकंप का उत्पत्ति केन्द्र धरातल से 250 से 700 किलोमीटर की गहराई पर मिलता है तो उसे गहरे भूकंप कहते है।

(स) स्थिति के आधार पर वर्गीकरण 

स्थिति के आधार पर भूकंप को दो भागों मे बांटा जाता है--

1. स्थलीय भूकंप 

जब भूकंप स्थल भाग पर आता है तो उसे स्थलीय भूकंप कहते है। इनकी संख्या अधिक होती है। 

2. सागरीय भूकंप 

इस तरह के भूकंप समुद्र के भूगर्भ मे होते है और इनसे अत्यधिक विनाशकारी सागरीय लहरें पैदा होती है। इससे तटवर्ती भागों पर पर्याप्त क्षति होती है।

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