7/14/2020

हरित क्रान्ति किसे कहते है?

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हरित क्रांति किसे कहते है (harit kranti kise kahte hai)

हरित क्रांति का तात्पर्य कृषि उत्पादन मे उस तीव्र वृद्धि से है, जो अधिक उपज देने वाले (high yieding varity) बीजों, रासायनिक उर्वरकों व नई तकनीक के प्रयोग के परिमामस्वारूप हुई है। इस हरित क्रांति के फलस्वरूप फसलों की उत्पादकता मे काफी वृद्धि हुई है। भारतीय कृषि मे उन्नत किस्म के बीजों का प्रयोग बढ़ता जा रहा है। पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश व तेलंगाना मे गेहूँ व चावल का अधिक उत्पादन उन्नत किस्म के बीजों की देन है।

हरित क्रांति की विशेषताएं

1. अधिक उपज देने वाले बीजों का प्रयोग।
2. रासायनिक उर्वरकों का उपयोग।
3. कीटनाशक दवाओं का प्रयोग।
4. कृषि यंत्रीकरण का विस्तार।
5. लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार।
6. भूमि संरक्षण की नयी तकनीकों का प्रयोग।
7. कृषि उत्पादों के समर्थन मूल्य का निर्धारण।
8. कृषि शोध एवं भूमि परीक्षण को बढ़ावा।
9. कृषि विपणन सुविधाओं मे वृद्धि।
10. कृषि एवं ॠण सुविधाओं का विस्तार।


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