7/14/2020

परिवहन किसे कहते है? परिवहन का महत्व एवं उपयोगिता

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परिवहन किसे कहते है (parivahan kise kahate hain)

परिवहन दो शब्दों से मिलकर बना है, परि+वहन, "परि" का अर्थ है पार व "वहन" का अर्थ है ले जाना, अर्थात् परिवहन का आशय पार ले जाना है। व्यक्तियों या जीवजन्तुओं को किसी माध्यम द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने, ले जाने की प्रक्रिया परिवहन कहलाती है।

परिवहन का महत्व एवं उपयोगिता 

आधुनिक औधोगिक समाज के लिए परिवहन व संचार के साधन आवश्यक आवश्यकता बन गये है। ज्यों-ज्यों मानव, सभ्यता की ओर अग्रसर होता गया, परिवहन का इतिहास मानव सभ्यता का इतिहास बनता गया। अतः परिवहन के साधन मानव सभ्यता की प्रगति के पथ प्रदर्शक बन गये है।
1. सड़के, रेल, जलमार्ग, वायुमार्ग एवं इनके साधन मण्डी के लिए कृषि उपजें उधोगों के कच्चामाल, उपभोक्ताओं के लिए तैयार माल, व्यापारियों के दूरस्थ माल आदि सुलभ कराते है। हमारी छोटी-छोटी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति इन साधनों से ही सम्भव होती है।

2. परिवहन के साधन भारतीय राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हुए सदभाव एवं भाईचारे को जागृत कर देश को एकता के सूत्र मे बाँधने का कार्य भी करते है। भारत के विस्तृत विस्तार, आर्थिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक बहुलता एवं विविधता, भाषायी, सांस्कृतिक तथा वैचारिक एवं भौगोलिक दूरी से राष्ट्रीय एकता के खंडित होने का खतरा लगातार बना रहता है। परिवहन के साधन वैचारिक व भौगोलिक दूरियों को सीमित करके राष्ट्रीय एकता को विकसित करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।
3. परिवहन के साधन राष्ट्रीय नीति प्रगति व समृद्धि के सूचक है। इनसे ही माल व यात्री की ढुलाई नियमित, विश्वसनीय व तीवग्रामी होती है।
4. परिवहन व संचार के द्रुतगामी व सक्षम साधनों के द्वारा दुनिया बहुत छोटी हो गयी है। किसी एक देश के बजारों मे हुए परिवर्तन का प्रभाव अन्य देशों के बाजारों पर अवश्य पड़ता है। दुनिया के लोगो की परस्पर निर्भरता को परिवहन के साधन सुलभ बना देते है।
5. परिवहन के साधन, प्राकृतिक आपदाओं जैसे-- अकाल, बाढ़, महामारी, अतिवृष्टि आदि के समय भी समाज की मदद करते हैं।


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