8/26/2020

दीनदयाल स्वरोजगार योजना क्या है?

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दीनदयाल स्वरोजगार योजना (dindayal swarojgar yojna)

dindayal swarojgar yojna in hindi;प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अन्तर्गत जिन उम्मीदवारों की परियोजना 40,000 रूपये वार्षिक से अधिक होती है, वे ऋण प्राप्त करने की पात्रता नही रखते है। इस कमी को ध्यान मे रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने दीनदयाल स्वरोजगार योजना को लागू किया है।
दीनदयाल स्वरोजगार योजना का उद्देश्य 
इस योजना का उद्देश्य उधोग सेवा तथा व्यवसाय के क्षेत्र मे सिर्फ नवीन इकाइयों/गतिविधियों के माध्यम से स्वरोजगार स्थापना को प्रोत्साहन देने हेतु बैंक के माध्यम से लक्ष्य निश्चित कर ऋण उपलब्ध कराना एवं मर्जिन मनी की सहायता के लिए अनुदान के रूप मे देना है।
दीनदयाल योजना के लिए पात्रता (योग्यताएं)
1. मध्यप्रदेश का मूल निवासी हो।
2. आवेदन की आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच हो।
3. 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण अथवा आई.टी.आई उत्तीर्ण हो।
4. आवेदक के परिवार की समस्त स्त्रोतों से आय वार्षिक रूप से 1.5 लाख रूपये से अधिक ना हो।
प्राथमिकता
1. आई.टी.आई/डिल्लोमा/इंजीनियरिंग या अन्य मान्यता प्राप्त तकनीक संस्थाओं से प्रशिक्षित आवेदक।
2. महिला आवेदनकर्ता
3. उधमिता विकास कार्यक्रम मे प्रशिक्षण प्राप्त आवेदक।
4. आवेदक द्वारा औधोगिक गतिविधि की स्थापना।
5. गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की सर्वे सूची मे अंकित हितग्राही।
पात्र गतिविधियाँ
दीनदयाल स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत उधोग, सेवा एवं व्यवसाय से सम्बंधित समस्त उधम/गतिविधियाँ/उधोग एवं सेवा के अन्तर्गत आने वाली सहायक गतिविधियाँ मान्य होंगी। ऐसी गतिविधियाँ जिला व्यापार एवं उधोग केन्द्र द्वारा पंजीकृत या मान्य होना चाहिए।

सहायता 

हितग्राही को बैंक द्वारा स्वीकृत परियोजना लागत के अनुसार निम्नानुसार मार्जिन मनी सहायता स्वीकृत की जा सकेगी--
1. उधोग क्षेत्र
स्वीकृति परियोजना लागत का 10% अधिकतम 40,000 रूपये (स्नातक या इससे अधिक योग्यता की दशा मे अधिकतम 50,000 रूपये।
2. सेवा क्षेत्र
स्वीकृत परियोजना लागत का 7.5% अधिकतम 15,000 रूपये (स्नातक या इससे अधिक योग्यता की दशा में अधिकतम 25,000 रूपये)
3. व्यवसाय क्षेत्र
व्यवसाय क्षेत्र स्वीकृति परियोजना लागत का 5% अधिकतम 7,500/ रूपये।
नोट; व्यवसाय क्षेत्र के अन्तर्गत 1 लाख रूपये तक की स्वीकृति परियोजना लागत पर 10% अधिकतम 7,500 रूपये तक की मार्जिन मनी की पात्रता होगी।
प्रक्रिया 
पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन-पत्र जिला उद्योग केन्द्र मे जमा कराए जाते है। ये आवेदन-पत्र जिला उद्योग केन्द्र नि:शुल्क प्राप्त किये जा सकते है। जिला उद्योग केन्द्र से सत्यापित होने के पश्चात इन्हें प्रधानमंत्री रोजगार योजना हेतु गठित कार्य बल समिति के पास भेज दिया जाता है।
प्रशिक्षण
चुने गये उम्मीदवारों को डी.आई.सी./सैडगैप अथवा एम.पी.काॅन द्वारा 10-15 दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है।
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