8/25/2020

प्रधानमंत्री रोजगार योजना क्या है? सम्पूर्ण जानकारी

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प्रधानमंत्री रोजगार योजना क्या है?

यह योजना बेरोजगार युवाओं के लिए  " प्रधानमंत्री रोजगार योजना" ( Prime Minister's Rozgar Yojna For Educated Unemployed Youth or PMRY) के नाम से जानी जाती है।
केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 1993 मे एक अत्यधिक महत्वाकांक्षी, व्यापक एवं बहुआयमी योजना "प्रधानमंत्री रोजगार योजना" का प्रतिपादन किया गया, जिसके अन्तर्गत लाभ प्राप्त करके प्रतिवर्ष लाखों शिक्षित बेरोजगार युवा अपने लिए स्वरोजगार का मार्ग प्रशस्त कर सकते है। इस योजना मे स्वरोजगार स्थापना के लिए न सिर्फ मार्गदर्शन की व्यवस्था है वरन्  अत्यधिक रितायती दरों पर वित्त प्रदान किये जाने का भी प्रावधान है।

इस article के बारे मे संक्षिप्त जानकारी; इस लेख मे प्रधानमंत्री रोजगार योजना के बारें मे विस्तार से जानकारी दी गई हैं। जैसे कि प्रधानमंत्री रोजगार योजना कब शुरू हुई? प्रधानमंत्री रोजगार योजना का उद्देश्य, प्रधानमंत्री रोजगार योजना हेतु योग्यता/ पात्रता की शर्तें, प्रधानमंत्री रोजगार योजना की सहायता का स्वरूप, योजनान्तर्गत प्रत्येक जिले के लाभान्वित किये जाने वाले युवाओं की संख्या , ब्याज की दर, प्रधानमंत्री रोजगार योजना से लोन कैसे ले? प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अन्तर्गत सहायता प्राप्त (स्वीकृत) करने की प्रक्रिया, प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अवश्य दस्तावेज, प्रधानमंत्री रोजगार योजना का (लोन) लाभ लेने के लिए कहाँ सम्पर्क करें आदि।

प्रधानमंत्री रोजगार योजना कब शुरू हुई

शिक्षित बेरोजगार युवाओं को अपना स्वरोजगार स्थापित करने मे सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री रोजगार योजना शासन द्वारा 15 अगस्त 1993 को महत्वकांक्षी योजना घोषित की गई, जो कि 2 अक्तूबर, 1993 से सम्पूर्ण देश मे प्रारंभ की गयी। इस योजना के अंतर्गत शिक्षित बेरोजगारों को उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता पहुंचायी जाती है। यह योजना जिला उद्योग केन्द्र के माध्यम से सभी राज्यों मे क्रियान्वित की जा रही है।

प्रधानमंत्री रोजगार योजना का उद्देश्य 

प्रधानमंत्री रोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य प्रमुख रूप से साधनविहीन शिक्षित बेरोजगार युवाओं को अत्यधिक आसान शर्तों पर एवं नाममात्र के मार्जिन मनी पर बैंकों के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करता है ताकि वे स्वरोजगार का मार्ग प्रशस्त कर सकें। प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अन्तर्गत ऐसी सभी योजनाओं हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकती है जिनमे लाभ अर्जन की क्षमता हो।
उदाहरण, ऐसे सभी प्रकार के उधोग जैसे- पोलीथीन थैली निर्माण, फर्नीचर, निर्माण, दाल उत्पादन, मसाला निर्माण आदि।
सभी प्रकार के व्यवसाय/दुकानदारी कार्य, जैसे-कपड़ा, व्यवसाय, किराना, दुकान, मेडिकल स्टोर इत्यादि। सभी प्रकार के सेवा कार्य, जैसे-- कम्प्यूटर साॅफ्टवेयर का विकास, टी. वी. मरम्मत, टेण्ट हाउस आदि। विभिन्न पशुपालन व्यवसाय जैसे-- भैंस पालन, मुर्गीपालन, मछली पालन, इत्यादि जैसे- विभिन्न लाभकारी व्यवसायों हेतु इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त की जा सकती है।

प्रधानमंत्री रोजगार योजना हेतु योग्यता/ पात्रता की शर्तें 

प्रधानमंत्री रोजगार योजना के लिए कोई भी युवक अथवा युवती जो नीचे दी गई शर्तों को पूरा करते है, इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है--
1. आवेदक कम से कम 10वीं कक्षा पास हो (वर्तमान मे आठवीं पास कर दि गई है) , उच्च शिक्षा युवक भी पात्र होगें।
2. प्रधानमंत्री रोजगार योजना के लिए अवेदन करने के लिए आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होना चाहिये। वर्तमान मे भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों मे आयु सीमा 40 वर्ष तक बढ़ा दी गई हो।
3. आवेदक के परिवार की समस्त स्त्रोतों से आय 40,000 रू. वार्षिक से अधिक नही होनी चाहिये।
4. आवेदक शिक्षित बेरोजगार हो, यानि की उसका नाम रोजगार कार्यालय मे पंजीकृत होना चाहिये।
5. आवेदक जिस क्षेत्र मे भी अपना व्यवसाय स्थापित करना चाहता हो उसमे कम से कम पिछले तीन वर्षों से निवास कर रहा हो।
6. आवेदक ऋण प्रदान करने वाली किसी संस्था/बैंक का डिफाल्टर नही होना चाहिए।
7. आवेदक द्वारा पूर्व मे केन्द्रीय/राज्य शासन अथवा किसी राज्य निगम द्वारा गरीबों को सहायता पहुंचाने से सम्बंधित लागू किसी योजना मे किसी बैंक अथवा/वित्तीय संस्था से ऋण प्राप्त किया हुआ नही होना चाहिये।

प्रधानमंत्री रोजगार योजना की सहायता का स्वरूप 

प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली सहायता के चार पहलू है जो निम्न प्रकार से है--
1. ऋण की मात्रा
इस योजना के अन्तर्गत हर पात्र युवा को वर्तमान मे 2 लाख रूपये तक की योजना के लिए ऋण उपलब्ध करवाया जा सकता है। इस योजना की यह भी विशेषता है कि अगर दो पात्र युवा मिलकर कोई उधोग/व्यवसाय स्थापित करना चाहें तो उन्हें 4 लाख रूपये तक ॠण उपलब्ध करवाया जा सकता है। इसी प्रकार यदि 3 युवा मिलकर कोई स्वरोजगार स्थापित करना चाहें तो उन्हें 6 लाख रूपये तक की योजनाएं स्वीकार्य की जा सकती है।
2. मार्जिन मनी
इस योजना के अन्तर्गत उद्यमी से मात्र 5% मार्जिन मनी अपेक्षित होती है। उदाहरणार्थ, यदि किसी युवा को 90 हजार रूपये तक का ऋण स्वीकृत हो तो उसे अपनी तरफ से मात्र 4,500 रूपये मार्जिन मनी लगाना होता है।
3. अनुदान
इस योजना के अन्तर्गत वितरित किये गये ऋणों को 15% अनुदान के रूप मे उपलब्ध हो सकता है, लेकिन अनुदान की अधिकतम मात्रा प्रति लाभार्थी 7,500 रूपये तक हो सकती है। इसी प्रकार इकाई की भागीदारी के रूप मे प्रारंभ करने पर भी अनुदान की मात्रा भागीदारों की संख्या पर निर्भर करेगी।
4. प्रतिभूति (गारंटी)
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों से किसी प्रकार की गारंटी देने की अपेक्षा नही की जाती तथा ॠण से प्राप्त सम्पत्तियों ही बैंक के पास बंधक रखना पर्याप्त होता है।
ब्याज की दर

प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अन्तर्गत दिये जाने वाले ऋणों से सम्बंधित ब्याज की दरों का निर्धारण रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा समय-समय पर दिये गए दिशा-निर्देशों के अनुसार होता है।

योजनान्तर्गत प्रत्येक जिले के लाभान्वित किये जाने वाले युवाओं की संख्या 

इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के प्रत्येक जिले मे प्रतिवर्ष लाभान्वित किये जाने वाले युवाओं की एक निश्चित संख्या (लक्ष्य) निर्धारत की जाती है।
कुल लक्ष्य मे कम-से-कम 22.5 प्रतिशत हितग्राही अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग मे से तथा 27% हितग्राही पिछड़े वर्ग मे से चयनित किये जायेंगे। इसके अतिरिक्त इस योजना के अन्तर्गत आधिक से अधिक महिलाओं को भी योजना का लाभ लेने हेतु प्रोत्साहित किया जायेंगा।


नि:शुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था 

प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अन्तर्गत लाभान्वित किये जाने वाले व्यक्ति अपना उधोग/व्यवसाय सही रूप से चला सकें इसके लिये यह व्यवस्था की गई है कि ऋण वितरण से पूर्व हर लाभार्थी को अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण प्रदान किया जाये। यह प्रशिक्षण ऋण स्वीकृति के बाद लेकिन ऋण वितरण के पहले प्राप्त करना जरूरी होता है। प्रायः प्रशिक्षण की अवधि उधोग के क्षेत्र मे जाने वाले लाभार्थियों के लिए 20 दिन तथा व्यवसाय के क्षेत्र मे जाने वाले लाभार्थियों के लिए 10 दिन की होती है। प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद जिला उद्योग केन्द्र द्वारा नियमानुसार शिष्यवृति भी प्रदान की जाती है। यह प्रशिक्षण निःशुल्क होता है एवं प्रशिक्षण के अन्तर्गत लाभार्थियों को उधोग/व्यवसाय स्थापना, संचालन और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारियां/मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। पूर्व मे किसी उधमिता विकास कार्यक्रम मे प्रशिक्षित, हितग्राहियों को इस प्रशिक्षण मे भाग लेने की छूट प्रदान की जा सकती है।

ऋण का वितरण 

सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर लेने के उपरांत लाभार्थियों द्वारा सम्बंधित बैंक (जिनके द्वारा उनका ऋण स्वीकृत किया गया था) मे सम्पर्क किया जाता है तथा बैंक की आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने के उपरांत बैंक द्वारा ऋण वितरित कर दिया जाता है।

ऋण का पुनर्भुगतान 

प्रधानमंत्री रोजगार योजना योजनान्तर्गत लिए गए ऋणों का पुनर्भुगतान 3 से 7 वर्षों मे किया जाना अपेक्षित होता है। जिनमे 6 से 18 माह की प्रारंभ स्थगन अवधि शामिल है। पुनर्भुगतान की किश्तों का निर्धारण इकाई की लाभजन्यता को देखते हुए किया जाता है।

प्रधानमंत्री रोजगार योजना के अन्तर्गत सहायता प्राप्त (स्वीकृत) करने की प्रक्रिया 

1. लाभार्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित करना 
योजना के लाभ प्रदान करने हेतु सर्वप्रथम सम्बंधित जिले के जिला उद्योग केन्द्र द्वारा लाभार्थियों से आवेदन-पत्र आमंत्रित किये जाते है। इस संदर्भ मे स्थानीय अखबारों मे विज्ञापन एवं समस्त सम्बंधित कार्यालयों तथा बैंकों के नोटिस बोर्ड पर भी इस आशय की जानकारी प्रेषित की जाती है, ताकि इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लाभार्थियों को प्राप्त हो सके।
2. कार्यदल (टास्क फोर्स) द्वारा आवेदन पत्रों का परीक्षण 
इस योजना के अन्तर्गत प्रत्येक जिले मे एक कार्यदल (टास्क फोर्स) का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष सम्बंधित व्यापार एवं जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक होंगे। टास्क फोर्स के अन्य सदस्य होगें- जिला उद्योग केन्द्र के प्रबंधक (ऋण), जिले के लीड बैंक के प्रतिनिधि तथा जिले के प्रमुख बैंकों के दो अन्य प्रतिनिधि, जिला रोजगार अधिकारी तथा लघु सेवा संस्थान (SISI) के प्रतिनिधि।

सम्बंधित जिला उद्योग केन्द्र मे प्राप्त किए गए आवेदन पत्रों का टास्क फोर्स द्वारा परीक्षण करने के उपरान्त उपयुक्त पाये जाने वाले प्रकरण अनुशंसित कर बैंकों की सम्बन्धित शाखाओं मे प्रेषित किये जाते है।
3. प्रशिक्षण
बैंकों द्वारा स्वीकृत किए जाने वाले प्रकरणों से सम्बंधित लाभार्थियों को उधमिता विकास हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा, जिसके उपरान्त ही लाभार्थियों को ऋण वितरित किये जा सकेंगे।

प्रधानमंत्री रोजगार योजना का लाभ लेने हेतु संलग्न किये जाने वाले प्रपत्र (आवश्यक दस्तावेज) 

1. निर्धारित प्रारूप मे आवेदन-पत्र।
2. आवेदक की आयु से संबंधित प्रमाण-पत्र की प्रति (इस संदर्भ मे आवेदक द्वारा हाई स्कूल परीक्षा के प्रमाण-पत्र की प्रति संलग्न की जाती है, क्योंकि उसमे आवेदक का जन्म दिनांक अंकित रहती है)।
3. आवेदक के बेरोजगार होने से सम्बंधित प्रमाण-पत्र जो जिला रोजगार कार्यालय मे उसके द्वारा कराये गये पंजीयन से प्रमाणित हो सकता है।
4. निवास संबंधी प्रमाण-पत्र आवेदक जिस क्षेत्र मे उधोग/व्यवसाय स्थापित करना चाह रहा है उसमे वह पिछले तीन वर्ष से निवास कर रहा है, इस संदर्भ मे आवेदक द्वारा अपने राशन कार्ड की प्रति या वीटर लिस्ट की प्रति या निर्वाचन से संबंधित परिचय-पत्र की प्रति संलग्न की जा सकती है।
5. आवेदक के परिवार की आय से सम्बंधित, उसके बेरोजगार होने से सम्बंधित शपथ-पत्र 5 रूपये के स्टाम्प पर (अनुसूचित जाति/जनजाति के आवेदकों के संदर्भ मे सादा कागज पर) जो कि नोटरी/कार्यपालक दण्डाधिकारी द्वारा सत्यापित हो।
6. आवेदक द्वारा प्रस्तावित इकाई उधोग/व्यवसाय/सेवा इकाई की योजना (प्रोजेक्ट रिपोर्ट)
7. आवेदक के दो पासपोर्ट साइज के फोटोग्राफ जो सक्षम अधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित हों।
8. आवेदक अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ी जाति से सम्बंधित है तो इस संदर्भ मे सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित जाति प्रमाण-पत्र की प्रति।
9. आवेदक के अनुभव एवं तकनीकी योग्यता से संबंधित प्रमाण-पत्र की प्रति (अगर कोई हो तो)।
10. अगर इकाई भागीदारी मे स्थापित किया जाना प्रस्तावित है तो पार्टनरशिप डीड की प्रति।
11. आवेदक कभी नागरिक सुरक्षा अधिनियम के तहत बंदी नही हुआ इस संदर्भ मे घोषणा पत्र।
12. आवेदक के स्वयं का पूर्ण पता लिखे हुए तीन पोस्ट कार्ड।
13. अगर आवेदक का परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहा हो तो इस आशय का प्रमाण-पत्र।
नोट, ध्यान दे; 1. अगर इकाई पार्टनरशिप मे स्थापित की जा रही है, तो सभी भागीदारों को उपरोक्त प्रपत्र अलग-अलग पेश करने होंगे।
2. आवेदक द्वारा उपरोक्त समस्त प्रपत्रों की तीन प्रतियाँ तैयार करनी चाहिए जिसमे से दो प्रतियाँ जिला उद्योग केन्द्र मे पेश करनी होगी एवं एक प्रति अपने अभिलेख मे रखना चाहिए।

प्रधानमंत्री रोजगार योजना का लाभ लेने हेतु सम्पर्क 

प्रधानमंत्री रोजगार योजना का लाभ लेने के इच्छुक लाभार्थी समस्त प्रपत्रों सहित सम्बंधित जिले के जिला व्यापार एवं उधोग केन्द्र मे सम्पर्क कर सकते है। ग्रामीण अंचलों के इच्छुक लाभार्थी सम्बन्धित विकासखण्ड कार्यालय मे भी सम्पर्क कर सकते है।
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