9/15/2023

नीति आयोग क्या हैं? उद्देश्य एवं कार्य

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प्रश्न; नीति आयोग के बारे में लिखिए। 

अथवा", नीति आयोग की स्थापना क्यों की गई हैं? स्पष्ट कीजिए। 

अथवा", नीति आयोग से आप क्या समझते हैं? इसके प्रमुख कार्यों को लिखिए। 

अथवा", नीति आयोग के गठन को समझाइए। 

अथवा", नीति आयोग क्या हैं? नीति आयोग के उद्देश्य बताइए। 

अथवा", नीति आयोग पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। 

अथवा", नीति आयोग क्या हैं? इसके संगठन की विवेचना कीजिए।

अथवा", नीति आयोग के प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए। 

उत्तर--

नीति आयोग क्या हैं? (niti aayog kya hai)

योजना आयोग के स्थान पर एक नई संस्था 1 जनवरी 2015 से अस्तित्व में आई हैं। जिसे 'नीति आयोग' के नाम जाना जाता हैं। वैसे तो इस नई संस्था को बदलते भारत के लिए 'राष्ट्रीय संस्थान' नाम दिया गया हैं लेकिन आमतौर पर इसे "नीति आयोग" के नाम से ही जाना जाता हैं। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाला यह आयोग सरकार के थिंक टैंक (बौद्धिक संस्थान) के रूप में कार्य करेगा तथा केन्द्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों के लिए भी नीति-निर्माण करने वाले संस्थान की भूमिका यह निभायेगा। केन्द्र व राज्य सरकारों को राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर रणनीतिक व तकनीकी सलाह भी यह देगा। पंचवर्षीय योजनाओं के भावी स्वरूप आदि के संबंध में सरकार को सलाह भी यह आयोग देगा। इस आयोग के प्रथम उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया हैं। 

मोदी सरकार ने 13 अगस्त 2014 को 65 वर्ष पुराने योजना आयोग को भंग कर इसके स्थान पर एक नये विकास की निकट भविष्य मे स्थापना की घोषणा की। उसी के अनुरूप 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग (NITI Aayog, National Institutions for Transforming India) की स्थापना योजना आयोग के उत्तराधिकारी के रूप में की गई।

नीति आयोग के उद्देश्य एवं कार्य (niti aayog ke uddeshya)

राज्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं, क्षेत्रों और कार्य-नीतियाँ का एक साझा दृष्टिकोण विकसित करने के लिए नीति आयोग निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए कार्य करता हैं-- 

1. सशक्त राज्य ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते है, इसको स्वीकार करते राज्यों के साथ सतत आधार पर संरचनात्मक सहयोग की पहल और तंत्रों के माध्यम से सहयोगपूर्ण संघवाद को बढ़ावा देना। 

2. ग्राम स्तर पर विश्वसनीय योजनाएँ तैयार करने के लिए तंत्र विकसित करना और इन सभी को उत्तरोतर रूप से सरकार के उच्चतर स्तर तक पहुँचाना। 

3. क्षेत्र विशेष रूप से आयोग को निर्दिष्ट किए गए है उनकी आर्थिक कार्यनीति और नीति में राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों को सम्मिलित करने को सुनिश्चित करना। हमारे समाज के उन वर्गों पर विशेष रूप से ध्यान देना, जिनको आर्थिक प्रगति से उचित प्रकार से लाभांवित न हो पाने का जोखिम हो। 

4. कार्य-नीतिक और दीर्घावधि नीति तथा कार्यक्रम का ढाँचा तैयार करना और पहल करना तथा उनकी प्रगति और क्षमता की निगरानी करना। निगरानी और प्रतिक्रिया के माध्यम से लिए गए सबक नवोन्मेषी सुधार में उपयोग किए जाएंगे, जिसके अंतर्गत मध्यावधि संशोधन भी आवश्यक है। 

5. महत्वपूर्ण हितधारकों तथा समान विचारधारा वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक और साथ ही साथ शैक्षिक और नीति अनुसंधान संस्थाओं के बीच परामर्श और भागीदारी को प्रोत्साहन देना। 

6. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, वृतिकों तथा अन्य भागीदारों के सहयोगात्मक समुदाय के माध्यम से ज्ञान, नवोन्मेष, उद्यमशील सहायक प्रणाली तैयार करना। 

7. विकस एजेंडे के कार्यान्वयन में तेजी लाने के क्रम में अंतर-क्षेत्रीय और अंतर-विभागीय मुद्दों के समाधान के लिए एक मंच प्रदान करना। 

8. अत्याधुनिक संसाधन केंद्र बनाना, जो सुशासन तथा सतत और न्यायसंगत विकस की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणाली पर अनुसंधान करने के साथ-साथ उसे हितधारकों तक पहुँचाने में भी मदद करे। 

9. आवश्यक संसाधनों की पहचान करने के साथ-साथ कार्यक्रमों और पहलों के कार्यान्वयन का सक्रिय मूल्यांकन और निगरानी करना, ताकि सेवाएँ प्रदान करने में सफलता की संभावनाओं को प्रबल बनाया जा सके। 

10. कार्यक्रमों और नीतियों के कार्यान्वयन के लिए प्रौद्योगिकी उन्नयन और क्षमता निर्माण पर जोर देना। 

11. राष्ट्रीय विकास के एजेंडा और उपरोक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अन्य आवश्यक गतिविधियों का उत्तरदायित्व लेना।

नीति आयोग का गठन 

नीति आयोग का गठन निम्न प्रकार से किया गया हैं-- 

1. अध्यक्ष 

भारत के प्रधानमंत्री होगे। 

2. उपाध्यक्ष 

उपाध्यक्ष की नियुक्ति प्रधानमंत्री द्वारा की जाएंगी। 

3. कार्यकारी समिति

कार्यकारी समिति में राज्यों के मुख्यमंत्री और केन्द्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपाल शामिल होगे। 

4. क्षेत्रीय परिषदें

विशिष्ट मुद्दों और ऐसे आकस्मिक विषयों, जिनका संबंध एक से अधिक राज्यों से हो, के निराकरण हेतु क्षेत्रीय परिषदें गठित की जाएंगी। ये परिषदें विशिष्ट कार्यकाल के लिए बनायी जाएंगी तथा इनकी अध्यक्षता नीति आयोग के उपाध्यक्ष करेंगे। इनमें संबंधित क्षेत्र के राज्यों के मुख्यमंत्री और केन्द्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपाल शामिल होगे। परिषद की बैठक प्रधानमंत्री के निर्देश पर होगी। 

5. विशेष आमंत्रित सदस्य 

संबंधित कार्यक्षेत्र की जानकारी रखने वाले विशेषज्ञ और कार्यरत व्यक्तियों को प्रधानमंत्री द्वारा विशेष आमंत्रित के रूप में नामित किया जाएगा। 

5. पूर्णकालिक संगठनात्मक ढांचे में 

(प्रधानमंत्री अध्यक्ष होने के अलावा) निम्न शामिल होंगे--

(अ) उपाध्यक्ष 

प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्ति की जाएंगी। 

(ब) सदस्य 

पूर्णकालिक 

(स) अंशकालिक सदस्य 

अग्रणी विश्वविद्यालय शोध संस्थानों और संबंधित संस्थानों से अधिकतम दो पदेन सदस्य, अंशकालिक सदस्य बारी के आधार पर होंगे। 

(द) पदेन सदस्य 

केन्द्रीय मंत्रिपरिषद् से अधिकतम चार सदस्य प्रधानमंत्री द्वारा नामित किये जायेंगे। यदि बारी के आधार को प्राथमिकता दें तो यह नियुक्ति विशिष्ट कार्यकाल के लिए होंगी। 

(फ) मुख्य कार्यकारी अधिकारी 

भारत सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी को निश्चित कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त किया जाएगा। 

(ज) सचिवालय 

आवश्यकता के अनुसार होगा।

नीति आयोग के प्रथम सदस्य 

राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान (नीति आयोग) का गठन करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने निम्नलिखित नियुक्तियाँ की हैं-- 

अध्यक्ष 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 

उपाध्यक्ष 

श्री अरविन्द पनगड़िया (अर्थशास्त्री) 

पूर्णकालिक सदस्य 

श्री विवेक देवराॅय (अर्थशास्त्री) 

श्री वी. के. सरस्वत (पूर्व सचिव रक्षा) 

प्रो. रमेश चन्द्र (कृषि विशेषज्ञ) 

पदेन सदस्य 

श्री राजनाथ सिंह (केन्द्रीय गृहमंत्री) 

श्री अरूण जेटली (केन्द्रीय वित्त मंत्री) 

श्री सुरेश प्रभु (केन्द्रीय रेलवे मंत्री) 

श्री राधा मोहन सिंह (केन्द्रीय कृषि मंत्री) 

विशेष आमंत्रित सदस्य 

श्री नितिन गडकरी (सकड़ एवं राजर्माग मंत्री) 

श्री थावरचंद गहलोत (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री) 

श्री प्रकाश जावड़ेकर (मानव संसाधन विकास मंत्री) 

मुख्य कार्यकारी अधिकारी 

श्री अमिताभ कांत

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