5/15/2022

अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंध में अंतर

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अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध एवं अंतर्राष्ट्रीय राजनीति 

antarrashtriya rajniti or antarrashtriya sambandh me antar;कभी-कभी अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध एवं अंतर्राष्ट्रीय राजनीति जैसे शब्द को लेकर कुछ गलतफहमी पैदा हो जाती है। "अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध" का क्षेत्र वृहद है क्योंकि यह सम्बन्धों की सम्पूर्णता और उसके विभिन्न पहलुओं को दर्शाता है। यह शब्द हेराल्ड और मार्गरिट स्प्राउत ने बड़े ही अच्छे ढंग से अभिव्यक्त किया है, " इस शब्द का प्रयोग राष्ट्रीय सीमा के एक तरफ मानव व्यवहार को दर्शाता है जो सीमा के दूसरी तरफ मानव व्यवहार को प्रभावित करता है।" यह किसी पहलू को नहीं छोड़ता। अर्थशास्त्र, भूगोल और इतिहास, सरकारी और गैर सरकारी दोनों प्रकार के सामाजिक और राजनीतिक आदान-प्रदान का विश्लेषण या परीक्षण करने में पृष्ठभूमि प्रदान करते हैं। 

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दूसरी तरफ शब्द "अंतर्राष्ट्रीय राजनीति" बहुत ही अच्छे तरीके से संकीर्ण अर्थों में प्रयोग किया गया है, जो औपचारिक राजनयिक और राज्यों के बीच सम्बन्धों एवं दूसरी राजनीतिक इकाइयों का विवरण प्रस्तुत करता है। 

विधि और राजनयिक इतिहास के अध्ययन से शुरू होकर अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्धों का क्षेत्र सदा व्यापक होता गया हैं। राष्ट्रों के बीच सम्बन्धों की बढ़ती हुई जटिलता के फलस्वरूप अंतर्राष्ट्रीय संगठनों एवं संस्थाओं के अध्ययन ने विद्वानों का ध्यान आकर्षित किया। 

द्वितीय विश्व युद्ध के प्रारंभ ने क्षेत्रीय अध्ययन एवं विदेशी नीति के सामरिक पहलुओं को गति प्रदान की। इससे राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन और उपनिवेश के विरुद्ध आंदोलनों की गतिशीलता को अच्छी तरह से समझा जा सकता है। युद्ध के समय संयुक्त राष्ट्र की स्थापना ने राष्ट्रों के बीच सम्बन्धों के पुनर्गठन जैसे विचारों को युद्ध के बाद बढ़ावा दिया सहयोग का अध्ययन संघर्ष के अध्ययन की तरह महत्वपूर्ण हो गया। इसके फौरन बाद राजनीतिक दृष्टिकोण सामने आए। 

इसकी अभिव्यक्ति आइनीस क्लॉड (Inis Claude म) की लिखी किताब "फाल के अंदर तलवार" में देखी जा सकती है। नए विषय जैसे विचारधारा, निरस्त्रीकरण का शीत युद्ध के युग में विशेष महत्व रहा वैसा ही महत्व क्षेत्रवाद एवं सन्धियों की व्यवस्था का भी रहा। समकालीन अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की विषय वस्तु के अंदर राजनयिक, इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, अंतर्राष्ट्रीय संगठन, अंतर्राष्ट्रीय विधि और क्षेत्र अध्ययन सभी आ जाते हैं। वर्तमान समय में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के व्यवस्थित सिद्धांत गठित करने के महत्वाकांक्षी प्रयास जारी हैं। हालांकि इसमें सदा पर्याप्त सफलता नहीं मिली है, फिर भी यह जीवन्त रुचि और शोध के उत्साहवर्धन प्रवृत्ति को उजागर करता है।

अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति और अंतराष्ट्रीय संबंधों में अंतर 

अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध और अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति को प्रायः एक-दूसरे के पूरक या पर्याय के रूप मे उपयोग किया जाता हैं। किन्तु अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध और अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति दोनों मे कुछ अंतर विद्यमान हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में राष्ट्रों के आपसी संबंधों के सभी पहलुओं-- राजनीतिक, गैर-राजनीतिक, आर्थिक, भौगोलिक, सरकारी, गैर-सरकारी, सांस्कृतिक, धार्मिक, शैक्षिक, तकनीकी, वैज्ञानिक, सामरिक और शांतिपूर्ण, पर विचार किया जाता है जबकि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में राष्ट्रों के केवल राजनीतिक संबंधों का ही अध्ययन किया जाता हैं। अन्तर्राष्ट्रीय संबंध और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में निम्नलिखित अंतर हैं-- 

1. क्षेत्र के आधार पर 

अंतरराष्ट्रीय संबंधों का क्षेत्र व्यापक है, जबकि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का क्षेत्र सीमति हैं। अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में केवल राज्यों के बीच केवल उन्हीं संबंधों का अध्ययन किया जाता है जिनसे राष्ट्रीय शक्ति और राष्ट्रीय हित जुड़े होते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में राज्यों तथा व्यक्तियों के बीच स्थापित होने वाले राजनीतिक, आर्थिक व सांस्कृतिक, नैतिक संबंधों के अध्ययन के साथ-साथ विभिन्न संस्थाओं के बीच के संबंधों का भी अध्ययन किया जाता हैं। 

2. प्रयोग के आधार पर 

अंतरराष्ट्रीय राजनीति शब्द का प्रयोग संकुचित अर्थ में किया जाता है जबकि अंतरराष्ट्रीय संबंध शब्द अपने आप में व्यापकता लिये हुए हैं। 

3. विषय-सामग्री के आधार पर 

अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति का क्षेत्र अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों की तुलना में सीमति होता हैं। इसके अंतर्गत केवल राज्यों के मध्य शक्ति के संबंध व उसके द्वारा समस्याओं के निदान की बात आती है। जब तक यह संघर्ष बना रहता हैं तभी तक यह अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति का विषय है जैसे ही संघर्ष या समस्या समाप्त हो जाती हैं, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की सीमा भी समाप्‍त हो जाती हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अध्ययन की कोई निश्चित सीमा नहीं हैं। अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों के अंतर्गत समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, इतिहास, भूगोल, अन्तर्राष्ट्रीय कानून, अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति, कुटनीति का अध्ययन सम्मिलित रहता हैं। 

4. अध्ययन का स्वरूप 

अंतरराष्ट्रीय राजनीति का अध्ययन सैद्धांतिक होता हैं। जबकि अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों का अध्ययन घटना-प्रधान, व्यावहारिक तथा ऐतिहासिक होता हैं। 

5. अन्तर्राष्ट्रीय व्यवहार 

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अन्तर्राष्ट्रीय व्यवहार को समझने का प्रयास किया जाता हैं तथा सिद्धांत की खोज पर बल दिया जाता हैं अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों में अन्तर्राष्ट्रीय व्यवहार को समझने जैसी कोई बात नहीं होती हैं। 

6. अध्ययन 

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में राज्यों के अथवा स्वतंत्र राजनीतिक समुदायों के अपने-अपने एवं पास्परिक संघर्ष के कारण पैदा होने वाली क्रियाओं, प्रतिक्रियाओं तथा संबंधों का अध्ययन भी किया जाता हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में जनता, सरकार तथा राष्ट्र, आदि समुदायों के साथ-साथ धार्मिक व आर्थिक समुदायों का भी अध्ययन किया जाता हैं। 

उपर्युक्त अध्ययन से स्पष्ट हो जाता हैं कि अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति का क्षेत्र संकुचित है जबकि अन्तर्राष्ट्रीय संबंध का क्षेत्र बहुत व्यापक हैं। अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में केवल विभिन्न देशों की राजनीति, कूटनीति का अध्ययन किया जाता हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय संबंध में देशों के मध्य समस्त मानवीय संबंध आ जाते हैं। 

पामर और पार्किन्स के शब्दों में," अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध एक विस्तृत शब्द हैं अपेक्षाकृत अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति के।"

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