प्रकाश परावर्तन किसे कहते हैं? परिभाषा नियम

यूरोप मे प्राकश को जानने मे न्यूटन और हाइगेंस ने गहरी रूचि दिखाई। न्यूटन ने प्रकाश को जहाँ कणों से बना हुआ माना वहीं हाइगेंस ने इसे ध्वनि की तरह तरंग के रूप मे माना। आगे चलकर यंग, फ्रेजनल ने प्रयोगों द्धारा प्रकाश की तरंग प्रकृति को स्थापित किया।
प्रकाश परिवर्तन
इस लेख मे हम प्रकाश परावर्तन किसे कहते है? प्रकाश परावर्तन क्या है? प्रकाश परावर्तन के संबंधित परिभाषाएं और प्रकाश परावर्तन के नियम जानेंगे।
मैक्सवेल ने और गहराई मे जाते हुए कहा " कि प्रकाश तरंगे वास्तव मे विद्युतचुंबकीय तरंगे है। इसी दौरान वैज्ञानिक प्रकाश के अन्य गुणों जैसे परिवर्तन, अपवर्तन आदि के अध्ययन मे अध्ययन मे लगें।

प्रकाश परावर्तन किसे कहते हैं? (prakash pravartan kise kehte hain)  

प्रकाश का किसी सतह से टकराकर उसी माध्यम मे वापस लौटना प्रकाश का परावर्तन कहलाता हैं।
उदाहरण; जब कोई चमकिली सतह या दर्पण पर प्रकाश टकराता है तो उसकी चमक हमे दिखाई देती है।

प्रकाश परावर्तन से संबंधित परिभाषाएं 

आपतन बिन्दु
परिवर्तन तल (दर्पण) का वह बिन्दु जहाँ कोई प्रकाश किरण आपतित होती है, आपतन बिन्दु कहलाता है।
आपतित  किरण
प्रकाश स्त्रोत से निकलकर परावर्तन तल पर टकराने वाली किरण आपतित किरण कहलाती है।
अभिलम्ब
आपतन बिन्दु पर परिवर्तक तल लम्बवत खींची गई काल्पनिक रेखा को अभिलम्ब कहते है।
परावर्तित किरण
परावर्तक तल से परिवर्तन के उपरांत प्राप्त होने वाली किरण परार्तित किरण कहलाती है।
आपतन कोण
आपतित किरण व अभिलम्ब के बीच बना कोण, आपतन कोण कहलाता है।
परिवर्तन कोण
परावर्तित किरण व अभिलम्ब के बीच बना कोण, परिवर्तन कोण कहलाता है।

प्रकाश परावर्तन के नियम

1. आपतन कोण का मान सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है।
2. आपतित किरण, आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब तथा परावर्तित किरण सभी एक ही तल मे स्थित होते है।
प्रतिबिम्ब; वस्तु के किसी बिन्दु से चलने वाली सभी किरेणें परावर्तन के पश्चात जिस बिन्दु पर मिलती है अथवा जिस बिन्दु से होकर आती प्रतीत होती है, वह उस वस्तु का प्रतिबिम्ब कहलाता है।

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