आकाशगंगा क्या हैं?


आकाशगंगा क्या हैं? आकाशगंंगा किसे कहते है? (akashganga kya hai)

हमारा सौर परिवार जिस निहारिका का सदस्य है उसे आकाशगंगा कहते है। आकाशगंगा एक सर्पिलाकार निहारिका है। इसका व्यास लगभग एक लाख प्रकाश वर्ष है। अन्य नीहारिकाओं की भांति आकाशगंगा का निर्माण भी धूल व हाइड्रोजन गैस के विशाल घने बादलों के संकुचन से हुआ है।
ऊपर से देखने पर आकाशगंगा एक चकती की भांति दिखाई देती है। इस चकती के सम्पूर्ण तल मे तारे समानरूप से वितरित नही है।
आकाशगंगा
परन्तु इस निहारिका के नाभिक (केंद्र) से निकलकर तारे सर्पिलाकार भुजाओं के रूप मे वितरित है। आकाशगंगा अपने केन्द्र के परितः धीरे-धीरे घूर्णन कर रही है। इसके अन्य सभी तारों की भांति सूर्य भी अपने परिवार के साथ आकाश गंगा के केन्द्र के परितः परिभ्रमण कर रहा हैं। इसे एक परिक्रमा पूर्ण करने मे लगभग 25 करोंड़ वर्ष का समय लगता है। पृथ्वी पर रहने वाले व्यक्ति इस निहारिका का केवल पाशर्व दृश्य (side view)   ही देख पाते है, क्योंकि हमारी पृथ्वी स्वयं आकाशगंगा का ही भाग है।
आकाशगंगा के केन्द्र मे तारे अधिक सघन है। हमारा सूर्य अपने सभी ग्रहों एवं उपग्रहों के साथ आकाशगंगा के केन्द्र से लगभग 30000 प्रकाश बर्ष की दूरी पर एक ओर स्थिति है। इस प्रकार सूर्य इस निहारिका के केन्द्र से बहुत अधिक दूरी पर है। अंधेरी रात में, आसमान साफ होने पर यह निहारिका, दूधिया प्रकाशित पट्टी की भांति, उत्तर से दक्षिण की ओर फैली हुई नदी जैसी दिखाई देती है। इसीलिए इसे आकाशगंगा कहा जाता हैं।

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