धूमकेतु किसे कहते हैं? धूमकेतु क्या हैं, जानिए

धूमकेतु किसे कहते हैं? धूमकेतु क्या हैं (dhumketu kise kehte hain)

धूमकेतु वे आकाशीय पिण्ड है जिनका केन्द्रीय भाग ठोस है और बाहारी भाग हिमशीतिति गैंसों जैसे अमोनिया, मेथेन, जल वाष्प आदि से बना है। धूमकेतु को पुच्छल तारा भी कहते है, लेकिन यह तारा नही हैं। धूमकेतु बहुत बड़ी दीर्घ-वृतीय कक्षा मे सूर्य की परिक्रमा करते है। धूमकेतु अपने परिक्रमण काल का अधिकांश समय सूर्य से बहुत दूर  रहते हुए व्यतीत करते है।
इनका द्रव्यमान बहुत कम होता है। यह द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान का एक अरब वाँ भाग तक हो सकता है। अब तक लगभग 1000 धूमकेतुओ को देखा जा सका है। ऐसी मान्यता है कि धूमकेतुओं की संख्या 100 अरब से भी अधिक हो सकती है। अधिकांश धूमकेतुओं की कक्षाएं सबसे बाहरी ग्रह की कक्षा के बाहर है। अतः वे सामान्य: पृथ्वी पर से नही देखे जा सकते है। जब वे सूर्य से दूर होते है, तब न तो ये दिखाई देते है, और न ही इनमे पूँछ होती है। सूर्य के निकट आने पर सूर्य की गर्मी से इनका पदार्थ वाष्पीकृत होने लगता है। यह वाष्पित पदार्थ सूर्य से परे धूमकेतु की पूंछ के रूप मे दिखाई देने लगता है। जैसै-जैसे इनकी सूर्य से निकटता बढ़ती है, इनके पदार्थ का वाष्पीकरण बढ़ता जाता है। अतः पूँछ की लम्बाई भी बढती जाती है। इस पूँछ के कारण ही धूमकेतु पुच्छल तारा कहलाता है। धूमकेतु हमे दिखाई तभी देता है, जब वह सूर्य के निकट होता है, क्योंकि इस स्थिति मे वह पृथ्वी के सर्वाधिक निकट होता हैं।

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