5/16/2020

धातु और अधातु में अंतर (dhatu or adhatu me antar)

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Dhatu or adhatu me antar;हम हमारे दैनिक जीवन मे कई धातुओं और अधातुओं का प्रयोग करते है। औद्योगिक और घरेलू उपकरण, ताँबे और एल्यूमीनियम से बने बिजिली के तार, बिजिली के बल्ब मे प्रयुक्त टंगस्टन का तार, थर्मामीटर मे पारा आदि। सुई से लेकर बड़े-बड़े संयंत्रों मे धातुएँ या अधातुएँ ऊपयोगी है।आज के इस लेख मे हम धातु अधातु  किसे कहते है? धातु और अधातु क्या हैं? धातु और अधुता के बीच अंतर को जानेंगे।
हमारे शरीर मे भी कई धातुएँ और धातुएँ होती हैं जो हमारे शरीर के लिए उपरोगी होती है। जैसे की हीमोग्लोबिन मे लोह तत्व, हड्डीयों मे कैल्शियम (चूना) रक्त मे पोटेशियम, सोडिम आदि। इस प्रकार हमारे शरीर मे कार्बन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फाॅस्फोरस आदि अधातुएँ भी किसी न किसी रूप मे होती है।

धातु किसे कहते है?


धातु वे तत्व है जो आसानी से इलेक्ट्रॉनिक त्याग करके धनात्मक आयन बनाते है। धातु परमाणु द्वारा त्याग किये इलेक्ट्रॉन की संख्या पर ही उस धातु की संयोजकता निर्भर करती है। सामान्यतः धातुएँ ठोस और चमकदार होती है। स्वतंत्र इलेक्ट्रॉन के कारण अधिकांश धातुएँ विद्युत की सुचालक होती है।

अधातु किसे कहते है?

अधातु वे तत्व है जो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ॠणायन बनाते है। ग्रहण किए गए इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर अधातु की संयोजकता निर्भर करती हैं।

धातु एवं अधातु मे अंतर (dhatu or adhatu me antar)

1. धातुएं  क्षारीय ऑक्साइड बनाती है, जिसमें से कुछ क्षार बनाते है। अधातुएँ अम्लीय अथवा उदासीन ऑक्साइड बनाती हैं।
2. धातुएँ सामान्यत: ऊष्मा एवं विद्युत की सुचालक होती हैं। अधातुएँ विद्युत की कुचालक, अपवाद-ग्रेफाइट (कार्बन का अपररूप) होती है।
3. धातुओं की अवस्था ठोस होती है। जबकि अधातुएँ ठोस/द्रव/ गैस तीनों अवस्थाओं मे होती है।
4. धातुएँ अम्लों से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस पुन: स्थापित करती है। जबकि अधातुएँ अम्लों मे से हाइड्रोजन गैस को पुनः स्थापित नही करती है।

5. धातुएँ सामान्यत: चमत्कार होती हैं, अधातुएँ सामान्यतः चमकविहिनी, आयोडीन, तथा हीरा आदि को छोड़कर।
6. धातुएँ धनात्मक आवेश की प्रकृति की होती है। जबकि अधातुएँ ॠणात्मक आवेश की प्रकृति की होती है।
7. धातुएँ सामान्यत: अपने गुण प्रदर्शित करती है, जबकि अधातुएँ सामान्यतः अपने गुण प्रदर्शित नही करती है।
8. धातुओं की प्रकृति अपचायक होती है, जबकि अधातुओं की प्रकृति ऑक्सीकारक होती है।
9. धातुएँ जल विलयन मे धनायन बनाती है। जबकि अधातुएँ जल विलयन मे ॠणायन बनाती है।
10. धातुएँ अम्ल से क्रिया कर H/2 विस्थापित करती है। जबिक अधातुएँ को क्रिया नही करती।
11. धातुएँ ऑक्सीजन से क्रिया कर क्षारीय ऑक्साइड बनाती है। जबकि अधातुएँ अम्लीय या उदासीन ऑक्साइड बनाती है।

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