11/20/2019

लोक प्रशासन का अर्थ, परिभाषा एवं महत्व

By:   Last Updated: in: ,

लोक प्रशासन 

आधुनिक युग समाजवाजी और लोक कल्याणकारी राज्य का युग है। इस युग मे शासन जनता की भलाई के लिए कई कार्यक्रमो को अपने हाथ मे लेता हैं। मानव जीवन की अनन्त इच्छायें है जिनकी पूर्ती के लिए वह हमेशा क्रियाशील रहता है इसके मानव को अनेक सुविधाओं की भी आवश्यकता होती हैं। प्राचीनकाल मे शासन की रचना सरल हुआ करती थी  क्योंकि उस समय शासन के पास काम भी बहुत कम ही हुआ करते थे। अत: वर्तमान मे राज्य के कार्य क्षेत्र मे वृध्दि का लोक प्रशासन के क्षेत्र पर प्रभाव पड़ रहा हैं।


लोक प्रशासन का अर्थ 

लोक प्रशासन दो शब्दों से मिलकर बना है पहला "लोक" और दूसरा "प्रशासन"। प्रशासन कार्यों के प्रबंध अथवा उनको पूरा करने की एक क्रिया है।  किसी क्षेत्र में विशिष्ट शासन या किन्ही मानव प्रबंधन गतिविधियों को प्रशासन (administration) कहा जा सकता है।  जब यह सार्वजनिक हित के लिये किया जाता है तो इसे लोक प्रशासन कहा जाता है। लोक प्रशासन जनता के हित के लिए सरकार द्वारा किया गया संगठित कार्य हैं।
लोक प्रशासन
लोक प्रशासन राजनीति की एक व्यवहारिक शाखा है। इसमे राज्य के प्रशासनिक या शासन के उस भाग का जो नीतियों के क्रियान्वयन से किसी प्रकार से जुड़े हुए हैं, ढांचा और उनकी कार्य प्रणाली संगठन इत्यादि का गहन अध्ययन किया जाता हैं।


लोक प्रशासन की परिभाषा 

लूथर गुलिक के अनुसार लोक प्रशासन की परिभाषा; "लोक प्रशासन, प्रशासन का वह भाग है, जिसका सम्बन्ध सरकार से है। वह मुख्य रूप से उसकी कार्यपालिका की शाखा से सम्बध्द है, वहाँ सरकार का कार्य किया जाता हैं।
ई.एन. ग्लैडन के अनुसार परिभाषा: "लोक प्रशासन मे लोक पदाधिकारी के समस्त कार्य सम्मिलित है जिनका सम्बन्ध प्रशासन से है, चाहे वह व्यक्तिगत प्रशासन हो अथवा क्लर्क का कार्य हो।


लोक प्रशासन का महत्व 

लोक प्रशासन आधुनिक राज्य का दर्पण है। यह मानव जीवन के बहुमुखी विकास की दिशा व दशा दोनों मे ही लोक प्रशासन का अमूल्य योगदान है।  लोक प्रशासन का उद्देश्य जनहित है अधिक से अधिक जनता का हित हो इसके लिए प्रशासन मे सुधार और नए वैज्ञानिक आविष्कारों की भी आवश्यकता है। शासन के विशाल संगठनात्मक ढांचे मे लोक प्रशासन का वही महत्व है जो हमारे घर मे बैठक का होता है। प्रोफेसर डोन्हम के अनुसार "यदि हमारी सभ्यता का विनाश, होता है या असफल रहती है तो उसका मुख्य कारण प्रशासन की असफलता होगी"। लोक प्रशासन पर किसी शासन की सफलता और विफलता निर्भर करती है। लोक प्रशासन मे सरकार की संरचना व कार्यों के बारे मे एक सही, व्यवस्थित और वैज्ञानिक  ज्ञान निर्मित करने की क्षमता होती है।

लोक प्रशासन का महत्व सिर्फ इसलिए ही नही है कि यह एक लोक कल्याणकारी राज्य की सफलता का मुख्य आधार है, बल्कि लोक प्रशासन  का महत्व उसकी सर्वव्यापकता तथा सर्वमौलिकता के कारण भी हैं। लोक समस्याओं के समाधान हेतु विश्वसनीय सिद्धान्तों और तकनीकों का विकास लोक प्रशासन द्वारा होता है। लोक प्रशासन सभ्य समाज की पहली आवश्यकता है। लोक प्रशासन कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने, विद्यार्थियों को कार्यरत एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण के प्रति गतिशील करने व प्रशासको को पेशेवर योग्यता के साथ व्यावसायिक धारा मे सम्मिलित होने के योग्य बनाने मे बहुत ही उपयोगी रहा है। लोक कल्याणकारी राज्य एक ऐसा समाज है जिसमे जीवन का न्यूनतम स्तर प्राप्त करने का यकीन तथा मौका प्रत्येक व्यक्ति को मिलता है। लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना का भार लोक प्रशासन का हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
Write comment

अपने विचार comment कर बताएं हम आपके comment का इंतजार कर रहें हैं।