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8/14/2020

ग्रामीण नेतृत्व का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं

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ग्रामीण नेतृत्व का अर्थ एवं परिभाषा (gramin netritva kya hai)

Gramin netritva arth paribhasha visheshtayen;ग्रामीण जीवन मे सही प्रकार के नेतृत्व का अत्यधिक महत्व है। देश मे हो रहे विविध प्रकार के विकास कार्यक्रमों की सफलता के लिए नेतृत्व का विशेष महत्व है। ग्राम एक सामुदायिक इकाई के रूप मे कार्य करता है।
पिगर " नेतृत्व व्यक्तित्व और पर्यावरण के संबंधों को स्पष्ट करने वाली एक धारणा है। यह उस स्थित की विवेचना करती है जिसमे एक व्यक्ति ने एक विशेष पर्यावरण के अंतर्गत एक स्थान प्राप्त कर लिया हो और उसकी इच्छा भावना और अंतर्दृष्टि किसी सामान्य लक्ष्य को पाने के लिए दूसरे व्यक्तियों को अनुशासित करती है तथा उन पर नियंत्रण रखती है।
लेपियर एवं फाॅन्सर्वथ के अनुसार " नेतृत्व वह व्यवहार है जो दूसरे व्यक्तियों के व्यवहार को उससे कहीं अधिक प्रभावित करता है जितना की उन दूसरे लोगों का व्यवहार नेता को प्रभावित करता है।
मैकाइवर और पेज " नेतृत्व से हमारा अभिप्राय लोगों को प्रोत्साहित करने या निर्देशित करने की वह क्षमता है जो पद से पृथक व्यक्तिगत गुणों से उत्पन्न होती है।
ऑर्डवे टीड " नेतृत्व किसी लक्ष्य के लिए जिनको वे वांछनीय मानते है सहयोग करने के लिए जनता को प्रभावित करने की क्रिया है।"
जेम्स ड्रेवर के अनुसार," नेतृत्व किसी सामाजिक समूह मे अधिकार का प्रयोग है, वे गुण या विशेषताएं, जिन पर इस अधिकार का प्रयोग निर्भर करता है, सामाजिक समूह या उन परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तित होती रहती है जिसमें नेतृत्व का प्रदर्शन या स्थापना होती है।" 
टीड के अनुसार," नेतृत्व किसी उद्देश्य के लिए जिसको वे आवश्यक समझते है, सहयोग करने के लिए जनता को प्रभावित करने की प्रक्रिया है।"

ग्रामीण नेतृत्व की विशेषताएं (gramin netritva ki visheshta)

ग्रामीण नेतृत्व की निम्न विशेषताएं हैं--
1. गाँवों मे अधिकांश नेता उच्च जातियों अथवा प्रभुत्वशाली जाती के होते है।
2. गाँवों मे जाति पंचायत का नेता ही अपनी जाति के विवादों का निपटारा करता है।
3. गाँवों मे अनुयायियों के अन्दर अपने नेता के प्रति समर्पण की भावना स्वाभाविक ही होती है।
4. गाँवों मे एक जाति का नेता दूसरी जाति के लोगों का नेतृत्व नही कर सकता।
5. सामान्यता ग्रामीण नेताओं मे ग्रामीणों पर नेता व्यवहार का अधिक प्रभाव होता है न कि नेता पर ग्रामीण के व्यवहार का।
6. सामान्यतया ग्रामीण नेतृत्व परम्परागत एवं वंशानुगत होता है।
7. ग्रामीण नेता अधिकांशतः वयोवृद्ध एवं अनुभवी होता है।
8. ग्रामीण नेतृत्व मे सामाजिक सांस्कृतिक आधारों का महत्व भी होता है।

ग्रामीण नेता के कार्य 

नेता जो भी कार्य करता है उन सब पर समुदाय की संस्कृति, परम्परा, प्रथा, रीति-रिवाज का गहरा प्रभाव पड़ता है। इसका अर्थ यह हुआ कि समुदाय के नेता को समुदाय की सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार ही काम करना चाहिए। नेता के कार्यों का उल्लेख करने से पहले हमें नेता के संबंध में भी जानकारी कर लेनी चाहिए।
नेता समाज व्यवस्था की एक इकाई है और इसलिए उसकी क्रिया संस्कृति के प्रतिमान से संबंधित होती है। संस्कृति जनता के आदर्शों, विचारों एवं परंपराओं को एक निश्चित रूप स्वरूप प्रदान करती है और गांव के नेता को कोई भी कार्य करते समय इन सभी बातों का पूरा पूरा ध्यान रखना पड़ता है। यदि वह उसके विरुद्ध कार्य करता है तो उसका नेतृत्व समाप्त होने का भय बना रहता है।
नेता की कुछ परिभाषाएँ 
स्टागडिल के अनुसार," यह वह व्यक्ति है जो एक ऐसे पद पर आसीन हैं, जिस के संबंध में यह सोचा जाता है कि नेतृत्व की क्षमता करने वाले व्यक्ति ही वहां ठीक रहेंगे।
रेडिल का मत है," नेता वह व्यक्ति है जिसके ऊपर समूह के सदस्यों का व्यवहार केंद्रित रहता है। आपने नेता को ऐसा केंद्रीय व्यक्ति कहा है जिसे समूह के अन्य सदस्यों से  प्यार श्रद्धा आदि प्राप्त होते हैं।
अतः कहा जा सकता है कि नेता वह व्यक्ति है जो समूह की संस्कृति को वहन करता है और उसी में नेतृत्व के विशिष्ट कार्य नीत होते हैं।
ऊपर दी गई बातों से स्पष्ट है कि नेता जो भी विशिष्ट कार्य करता है वे सभी समाज की सांस्कृतिक व्यवस्था या परिस्थिति से संबंधित होते हैं। ग्रामीण समाज में नेता के कार्य इस प्रकार हैं--
1. अनुयायियों पर प्रभाव डालना
नेता का सबसे पहला कार्य यह है कि वह अपने अनुयायियों पर अपने व्यक्तित्व का अधिक से अधिक प्रभाव डालें। इसी आधार पर यह कहा जाता है कि नेता समूह का वह सदस्य है जो अपने अनुयायियों पर अधिक प्रभाव डालता है।
2. समूह के उद्देश्यों की पूर्ति करना 
नेता समूह का वह सदस्य है जो समुदाय द्वारा समुदाय के हितों की पूर्ति करने के लिए चुना जाता है। अजय नेता का कर्तव्य है कि वह समूह के उद्देश्यों की प्राप्ति करें। समुदाय के उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए ही वह समुदाय के लोगों से प्रतिष्ठा व सहानुभूति प्राप्त कर सकता है।
3. योजनाओं का निर्माण 
नेता समुदाय के उद्देश्यों की पूर्ति करने के लिए विभिन्न प्रकार के साधनों को उपलब्ध करने के लिए नित्य नवीन योजना बनाता है।
4. नीति का निर्धारण करना 
एक नेता अपने समुदाय के लिए एक निश्चित नीति का निर्माण करता है और साथ ही साथ में उस नीति को लागू करने का कार्य भी अपने ऊपर ही लेता है।
5. तकनीकी अड़चनों का हल 
एक नेता अत्यंत कुशल व्यक्ति होता है। उसमें सभी समस्याओं के समाधान के लिए पूर्ण ज्ञान का होना अनिवार्य है, साथ ही साथ उसमें विशेष योग्यताओं का समावेश होना भी अनिवार्य है। ताकि वह समुदाय की समस्याओं का तत्काल हल निकाल सके और किसी समस्या की तकनीकी कठिनाइयों को दूर कर सकें।
6. समूह का प्रतिनिधित्व करना
नेता का मुख्य कार्य समूह के सदस्यों के बीच संबंधों की स्थापना करना है। साथ ही साथ वह दूसरे समूह में भी अपने समूह का प्रतिनिधित्व करके समूह के पारस्परिक संबंधों को दृढ़ करता है। श्री लेविन ने नेता को समूह का द्वाररक्षक कहा है। वह समूह के स्वर्थों की रक्षा करते हुए बाहर की सूचना भीतर और भीतर की बाहर तक पहुँचाता है।
7. आन्तरिक संबंधो पर नियंत्रण 
नेता का कार्य अपने सदस्यों के बीच अंतरिक्ष संबंधों को दृढ़ करना है। इसलिए वह समूह के सभी सदस्यों के साथ मिलजुल कर अपने संबंधों को उनके साथ घनिष्ठ करता है। उसका एक प्रमुख कार्य है कि समूह के सदस्यों में संबंधों की निरंतरता बनी रहे। एक नेता समुदाय के सदस्यों पर नियंत्रण रखता है ताकि वे समुदाय के विरुद्ध कोई भी कार्य न कर सके।
8. पुरस्कार और दण्ड की व्यवस्था 
नेता उन लोगों को पुरस्कार देता है जो समूह के लिए अच्छा कार्य करते हैं और अहित करने वालों को दंडित भी देता है। ऐसा करके वे समुदाय के सदस्यों पर पूर्ण नियंत्रण रख सकता है।
9. निर्णायक एवं अध्यक्ष के रूप मे 
यदि समुदाय के सदस्यों के बीच कोई झगड़ा हो जाए तो नेता उनके बीच फैसला करने के लिए प्रयत्न करता है।
10. आदर्शों का पालन 
नेता को त्याग, प्रेम, राष्ट्रीय प्रेम, सहानुभूति तथा परोपकार आदि आदर्शों का पालन करना पड़ता है। इन्हीं आदर्शों का अनुसरण करके समुदाय के लोग अपने चरित्र का निर्माण करते हैं।
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