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3/02/2021

प्रतिज्ञा पत्र क्या हैं? विशेषताएं/लक्षण

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प्रतिज्ञा पत्र किसे कहते हैं? (pratigya patra kya hai)

pratigya patra arth paribhasha visheshta;प्रतिज्ञा-पत्र मे स्वयं देनदार एक निश्चित रकम देने की प्रतिज्ञा करता है। यह साक्षियों द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिए। यह भी शर्त रहित लिखित विलेख होता है। 

भारतीय बेचान साध्य विलेख अधिनियम की धारा 4 के अनुसार," प्रतिज्ञा-पत्र एक शर्तरहित लिखित विलेख है। (जिसमे बैंक नोट अथवा करेन्सी नोट सम्मिलित नही है) जिस पर लेखक द्वारा किसी व्यक्ति या आदेशित व्यक्ति को निश्चित रकम भुगतान करने की प्रतिज्ञा के साथ हस्ताक्षर होते है।" 

प्रतिज्ञा पत्र मे ऋण को देने की प्रतिज्ञा दी जाती है। केवल ऋण की स्वीकृति से कोई विलेख प्रतिज्ञा पत्र नही हो जाता है।

प्रतिज्ञा पत्र की विशेषताएं या लक्षण (pratigya patra ki visheshta)

प्रतिज्ञा पत्र की विशेषताएं इस प्रकार है--

1. प्रतिज्ञा पत्र लिखित होना चाहिए 

प्रतिज्ञा पत्र की प्रथम विशेषता है यह लिखित होना चाहिए प्रतिज्ञा पत्र मौखिक नही हो सकता है, यह किसी भी भाषा मे लिखा होना चाहिए। लिखित का आशय केवल हाथ से लिखे हुए से ही नही लगाया जाना चाहिए बल्कि छपे हुए, टाइप किये हुए अथवा अन्य किसी भी प्रकार से अंकित किये गये हो तो वह भी प्रतिज्ञा पत्र मे शामिल किये जाते है। प्रतिज्ञा पत्र कागज के साथ-साथ किसी भी चमड़े की वस्तु तथा सुविधाजनक वस्तु पर लिखा जा सकता है।

2. बैंक-नोट अथवा करेन्सी 

नोट अथवा करेन्सी नोट प्रतिज्ञा पत्र की श्रेणी मे शामिल नही है।

3. शर्तरहित प्रतिज्ञा 

प्रतिज्ञा पत्र शर्तरहित होना चाहिए अर्थात् इसमे भुगतान के संबंध मे कोई भी शर्त नही नही होना चाहिए। इस संबंध मे नीचे निम्न उदाहरण दिए जा रहे है--

1. " मैं उपमा से अपना विवाह होने के 7 दिन बाद रमेश को 1 हजार रूपये देने की प्रतिज्ञा करता हूँ।" यहाँ घटना निश्चित है पर उपमा से ही शादी हो ऐसा जरूरी नही है।

2. मैं दिनेश की मृत्यु के बाद अतुल को 1 हजार रूपये चुकाने का वचन देता हूँ बशर्ते कि दिनेश मेरे लिए इतनी राशि छोड़ जाए जो भुगतान करने हेतु पर्याप्त हो।" 

3. "मैं अपनी सुविधा के अनुसार राजेश को 1 हजार रूपये किस्तों मे चुकाने की प्रतिज्ञा करता हूँ।" 

4. "मैं महेश को 2 हजार रूपये देने की प्रतिज्ञा करता हूँ लेकिन उसमे से मैं वह राशि काट लूंगा जो मुझे उससे लेनी है।" 

किसी ऋण अथवा दायित्व की स्वीकृति, भुगतान की सूचना एवं प्रतिज्ञा पत्र लिखने की सूचना भी प्रतिज्ञा पत्र नही होते।

4. विलेख मे भुगतान करने का निश्चित वचन होना 

प्रतिज्ञा पत्र का एक विशेषता यह भी है कि भुगतान करने का वचन स्पष्ट से होना जरूरी है, केवल ऋण की स्वीकृति ही पर्याप्त नही होती।

5. प्रतिज्ञा पत्र मे स्टाम्प अवश्य लगा होना चाहिए 

स्टाम्प उसी प्रतिज्ञा पत्र पर लगाया जाता है जो मुद्दती प्रतिज्ञा पत्र हो।

6. आदाता निश्चित व्यक्ति होना चाहिए 

निश्चित व्यक्ति से सामान्य अर्थ उस व्यक्ति से है जिसका निश्चय, प्रतिज्ञा पत्र लिखते समय किया गया है। इस प्रकार किसी व्यवसाय की फर्म, कंपनी के सचिव, मैनेजर, अध्यक्ष या अन्य अधिकारी के पक्ष मे लिखा गया प्रतिज्ञा पत्र ही वैध होता है।

7. लेखक के हस्ताक्षर एवं उसकी निश्चितता 

जब हम तार के द्वारा किसी निश्चित व्यक्ति को निश्चित रकम देने का वचन देते है तो लिखित होते हुए भी इन्हें प्रतिज्ञा नही कहा जाता क्योंकि इसमे निश्चित लेखक के हस्ताक्षर नही होते। जो व्यक्ति प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर करता है, वह निश्चित होना चाहिए अर्थात् उसका पता आसानी से चल सके ऐसी स्थिति होनी चाहिए। जब कोई भी प्रतिज्ञा पत्र लिखा जाता है तो लेखक का यह दायित्व होता है कि वह स्पष्ट कर दे कि भुगतान का वास्तविक दायित्व किस व्यक्ति पर है। हस्ताक्षर करते समय वास्तव मे दायित्व का स्पष्टीकरण बहुत जरूरी है।

8. भुगतान तिथि 

प्रतिज्ञा पत्र मे भुगतान की तिथि देना भी जरूरी है। कोई भी प्रतिज्ञा पत्र किसी निश्चित अवधि के बाद या मांग करने पर देय हो सकता है।

9. प्रतिज्ञा पत्र निश्चित धनराशि का होना चाहिए 

प्रतिज्ञा पत्र एक निश्चित धनराशि का होना जरूरी है। उदाहरणार्थ, " मैं श्याम को आज से 3 महिने बाद 2 हजार रूपये देने का वचन देता हूँ।" यह एक प्रतिज्ञा पत्र है। यदि प्रतिज्ञा पत्र मे लिखा हो कि," मै आज से 3 महिने के बाद श्याम को 2 हजार रूपये तथा उस पर ब्याज (ब्याज दर जो भी निश्चित हो) देने की प्रतिज्ञा करता हूँ।" तो यह प्रतिज्ञा पत्र, प्रतिज्ञा पत्र नही कहा जाएगा।

10. एक प्रतिज्ञा के रूप मे 

कोई भी प्रतिज्ञा पत्र, चैक अथवा विनिमय विपत्र की तरह आदेश के रूप मे न होकर भुगतान करने की एक प्रतिज्ञा के रूप मे होता है।

11. भुगतान देश की मुद्रा मे होना चाहिए 

प्रतिज्ञा पत्र की एक मुख्य विशेषता यह भी है कि उसका भुगतान मुद्रा मे ही होना चाहिए। गेहूं, चावल या अन्य किसी वस्तु का वचन प्रतिज्ञा पत्र नही हो सकता।

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