har din kuch naya sikhe

हर दिन कुछ नया सीखें।

1/21/2021

सूत्र अभिकरण किसे कहते है? सूत्र अभिकरण के कार्य

By:   Last Updated: in: ,

सूत्र अभिकरण किसे कहते हैं? (sutra abhikaran kya hai)

sutra abhikaran arth karya;देश के संपूर्ण शासन तंत्र को गति प्रदान करने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से जिन विभागों पर रहती है, वे विभाग सूत्र अभिकरण या लाइन के नाम से जाने जाते है। ये विभाग पूर्णतः मुख्य कार्यपालिका के प्रत्यक्ष नियंत्रण मे रहते है। प्रत्येक सूत्र या लाइन बहुत से उपविभागों मे बँटा होता है। इस अभिकरण का मुख्य कार्य आदेश प्रसारित करना होता है। हमारे देश मे रक्षा, विदेश, रेल, गृह, कृषि, खाद्य आदि प्रमुख विभाग है। शासन की प्रशासकीय पद्धति के ये बड़े विभाग सूत्र या लाइन के नाम से जाने जाते है। ये विभाग उन सभी प्रमुख उद्देश्यों से संबंधित कार्यों का निष्पादन करते है जिनके लिये शासन कायम है। 

जर्मनी की सेना मे जो लोग अग्रिम पंक्ति मे रहकर लड़ने का कार्य किया करते थे उन्हें लाइन अथवा सूत्र कहा जाता था। प्रशासन के क्षेत्र मे सूत्र का अर्थ समझाते हुए पिफनर ने लिखा है--

सूत्र का अर्थ उन निष्पादक अधिकारियों, कर्मचारियों से है जो पद सोपान मे प्रत्यक्ष रूप से आदेश देने वाली श्रेणी मे खड़े रहते है। वह उन लोगों मे से है जो आदेश देने वाली इकाई के रूप मे जाने जाते है तथा जो कार्यात्मक उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए कार्य करते है। 

एल. डी. व्हाइट के अनुसार," सूत्र (लाइन) किसी प्रशासकीय संगठन के मुख्य कार्य का निष्पादन करता है। यह उन प्राथमिक लक्ष्यों से संबंधित रहता है जिनके लिए शासन स्थापित किया जाता है।" 

विलोबी के अनुसार," सूत्र संगठनों द्वारा प्राथमिक क्रियाएं सम्पादित की जाती है। प्राथमिक क्रियाएं वे है जो मुख्य उद्देश्य की प्राप्ति के लिए की जाती है तथा जिसे प्राप्त करना उस संगठन का उद्देश्य होता है।" 

सूत्र या लाइन इकाईयों का संबंध नीति के निर्माण से होता है। इनके हाथों मे शक्ति होती है जिनके आधार पर ये निर्णय ले सकती है तथा आज्ञाएं प्रसारित कर सकती है। 

इस प्रकार सूत्र अभिकरण प्रशासन के मुख्य या आधारभूत विभाग होता है। इसका कार्य सरकार के प्राथमिक या मुख्य लक्ष्यों की पूर्ति करना है। इसका कार्य नीति-निर्माण करना व आज्ञाएँ प्रसारित करना होता है। इस तरह यह प्रशासन संबंधी अत्यंत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

सूत्र अभिकरण के कार्य (sutra abhikaran ke karya)

सूत्र अभिकरण के निम्म कार्य इस प्रकार है--

1. मुख्य कार्यपालिका द्वारा निर्धारित नीति को क्रियान्वित करना 

सूत्र अभिकरण का पहला कार्य यह है कि यह मुख्य कार्यपालिका द्वारा निर्धारित नीतियों को क्रियान्वित करने के लिए कार्य करता है।

2. आदेश प्राप्त करना तथा प्रसारित करना 

मध्यम स्तर पर सूत्र अभिकरण एक ओर जहाँ अपने उच्चाधिकारियों से आदेश ग्रहण करता है, वहीं दूसरी ओर अपने निम्न स्तर के कर्मचारियों को आदेश देता है।

3. स्टाफ से परामर्श लेना 

स्टाफ इकाइयां "सूत्र" इकाइयों से अनेई स्तरों पर संबद्ध होती है। अतः जिस स्तर पर सूत्र इकाई से स्टाफ इकाई संबद्ध होती है उस स्तर पर सूत्र इकाई स्टाफ से परामर्श प्राप्त करती है।

पढ़ना न भूलें; सूत्र एवं स्टाफ अभिकरण मे अंतर

शायद यह जानकारी आपके के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी

कोई टिप्पणी नहीं:
Write comment

अपने विचार, सवाल या सुझाव हमें comment कर बताएं हम आपके comment का बेसब्री इंतजार कर रहें हैं।