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6/26/2021

प्रवास को प्रभावित करने वाले कारक/कारण

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प्रवास को प्रभावित करने वाले कारक/कारण

प्रवास को प्रभावित करने वाले कारक इस प्रकार है-- 

1. आर्थिक कारक

(अ) अनुकूल कारक 

(A) भूमि का आकर्षण,

(B) रोजगार के अवसर की उपलब्धता, 

(C) आमदनी के अच्छे अवसर, 

(D) दूसरे देश की आर्थिक सम्पन्नता तथा उच्च जीवन स्तर, 

(E) रोजगार तथा नौकरी की उपलब्धता,

(F) खुली अर्थवयवस्था।

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(ब) प्रतिकूल कारक

(A) जीविकोपार्जन के साधनों का अभाव तथा मजदूरी का निम्न स्तर, 

(B) रोजगार के अवसरों की कमी,

(C) निर्धनता, बेरोजगारी तथा निम्न जीवन स्तर।

2. जनसंख्या का बढ़ता दबाव

3. यातायात तथा संदेशवाहन के विकसित साधन

4. प्राकृतिक एवं भौगोलिक कारक

(A) अनुकूल

(B) प्रतिकूल

5. सामाजिक कारक

(A) सामाजिक भेदभाव,

(B) सामाजिक रीतियों, विश्वासों या व्यवहारों के प्रति विरक्ति,

(C) विवाह (लड़की प्रवास करती है),

(D) शिक्षा तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएं,

(E) स्वास्थ्य तथा अन्य सुविधाएँ।

6. धार्मिक कारक

धर्मस्थान, हज, प्रयाग, रोम, यरूशलम।

7. राजनैतिक कारक

युद्ध, बंगलादेश, पाकिस्तान।

8. अन्य कारक

(A) नगरीय आकर्षण,

(B) नौकरी या तबादले।

प्रवास का महत्व 

प्रवास मात्र एक आर्थिक-सामाजिक समस्या ही नही है बल्कि इसका अपना महत्व भी है, जो इस प्रकार है--

1. रोजगार की तलाश में प्रवास करने लोगों को प्रवास से रोजगार प्राप्त होते है।

2. प्रवास उन घटनाओं का भी विकल्प है जो अचानक किसी क्षेत्र मे घटित होता है, जैसे भूकंप, बाढ़, समुद्री तूफान, अकाल, साम्प्रदायिक दंगे-फसाद आदि। व्यक्ति अपनी जान माल की रक्षा हेतु एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानान्तरित हो जाते है।

3. प्रवास की तीव्र प्रक्रिया नगरों में संतुलन और असंतुलन दोनों उत्पन्न करती है। इसके साथ ही किसी क्षेत्र की उत्पादन शक्ति मे वृद्धि करती है।

4. नगर विशेष योग्यता और प्रतिभा संपन्न व्यक्तियों का केन्द्र बनता जाता है। यहां इतनी सुविधायें होती है कि व्यक्ति की प्रतिभा का सम्मान किया जाता है। साथ ही, उनकी आय मे भी वृद्धि होती है।

5. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रवास मे जब वृद्धि होती है तब देश के प्रतिभा-संपन्न युवक विदेशों में अधिक संख्या मे जाने लगते है और देश में प्रतिभाओं की कमी हो जाती है।

6. प्रवास सांस्कृतिक एकता को स्थापित करने मे सहायक है। 

7. प्रवास जनसंख्या के घनत्व को भी प्रभावित करता है।

8. ग्रामीण भूमिहीन श्रमिकों और बेरोजगार श्रमिकों को नगर मे प्रवास करने की प्रेरणा देता है जिससे वे अपनी रोजी-रोटी यहाँ अर्जित कर सकें।

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