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2/11/2021

राष्ट्रीय आय की अवधारणाएं

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राष्‍ट्रीय आय की अवधारणायें

राष्‍ट्रीय आय की अवधारणाये इस प्रकार है--

1. सकल घरेलू उत्‍पाद 

किसी देश में वस्‍तु तथा सेवाओं  की कुल उत्‍पत्ति  की सार्वधिक  विस्‍तृत माप कुल घरेलू (GDP) है। यह किसी दिये गयें वर्ष में किसी देश  के अन्‍तर्गत सृजित उपयोग  कुलविनियोग सरकार द्वारा वस्‍तुओं  तथा  सेवाओं की खरीद तथा शुद्ध निर्यात-आयात की मौद्रिक कीमत है।

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2. कुल राष्‍ट्रीय उत्‍पाद 

आर्थिक विश्‍लेषण के क्षेत्र में  कुल राष्‍ट्रीय उत्‍पादन की धारण अत्‍यधिक महत्‍व है। विशेष आधुनिक   युग में जहां नियोजन तथा सामाजिक कल्‍याण की दृष्टि से  सरकार को  देश के साधनों से आंवटन करना होता है इस धारणा का और ज्ञान होना आवश्‍यक है जिसके लिए कुल राष्‍ट्रीय आय उत्‍पादन एक अधिक विश्‍वसनीय योगफल है कुलराष्‍ट्रीय आय के उत्‍पादन से आशय किशी देश में उत्‍पन्‍न सभी वस्‍तुओं व मुल्‍यांकन होता है जो किसी देश में वर्ष भर उत्‍पन्‍न होता है दुसरे शब्‍दों में  कुल राष्‍ट्रीय उत्‍पाद कुल राष्‍ट्रीय उत्‍पादन का मौद्रिक मुल्‍याकंन होता है।

3. शुद्ध घरेलु उत्‍पाद  

सकल घरेलु उत्‍पाद में से उत्‍पादन के दौरान पूँजीगत वस्‍तुओं जैसे मशीनों उपकरणों औजारों फैक्‍टरी की इमारतों आदि में होने वाली  टुट-फुट  तथा घिसावट व्‍यय को घटा देने के बाद जो शेष बचता है उसे शुद्ध घरेलू उत्‍पाद कहते है। शुद्ध घरेलू उत्‍पाद का सूत्र का उपयोग करते है। शुद्ध घरेलू उत्‍पाद = सकल घरेलू उत्‍पाद - घिसावट व्‍यय।

4. वैयक्तिक आय  

वैयक्तिक आय किसी देश में एक वर्ष में व्‍यक्ति द्वारा प्राप्‍त आय है इसे ज्ञात करने के लिए साधन लागत पर  राष्‍ट्रीय आय में से कपंनी के लाभांश, निगम आयकर सामाजिक सुरक्षा अंशदान  जैसे, प्राविडेण्‍ट घटा दिये जाते है तथा हस्‍तान्‍तरित  भुगतान  जैसे, पेंशन बेरोजगारी भत्‍ता आदि जोड़  दिये जाते  है। 

5. उपयोग्‍य आय या व्‍यय योग्‍य आय 

वैयक्तिक आय का  सम्‍पूर्ण भाग व्‍यक्तियों  या परिवारों को व्‍यय करने के लिए उपलब्‍ध नही होता है क्‍यो‍कि इसका भाग प्रत्‍येक्ष करो जैसे, आयकर  के रूप में सरकार को चुकाना पड़ता है जो  व्‍यक्तियों के उपयोग के लिए उपलब्‍ध नही है कुल वैयक्तिक आय से प्रत्‍यक्ष  करो को घटा देने से उपभोग्‍य आय या व्‍यय योग्‍य ज्ञात होती है इसे सूत्र के माध्‍यम से ज्ञात किया जा सकता है। उपभोग्‍य= वैयक्तिक आय-प्रत्‍यक्ष कर।

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