1/25/2021

सत्यापन और प्रमाणन मे अंतर

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सत्‍यापन और प्रमाणन  में अंतर

सत्‍यापन और प्रमाणन में अन्‍तर इस प्रकार है--

1. संपत्तियों का मूल्‍याकंन 

संपत्तियों और दायित्‍वों का मूल्‍याकंन प्रमाणन के अन्‍तर्गत नही आता है जबकि सत्‍यापन में संपत्तियों का मूल्‍याकंन शामिल है। अंकेक्षण स्‍वयं मूल्‍याकंन का  कार्य नही करता, लेकिन उसे यह प्रमाणित करना पड़ता है कि सभी संपत्तियां ठीक मूल्‍य पर दिखाई गई है।

2. जांच का क्षेत्र 

प्रमाणन के प्रमुख्‍य रूप में प्रारम्भिक प्रविष्टियों की जांच की जाती है। वही दूसरी और सत्‍यापन में संपत्तियों के अस्तित्‍व तथा मूल्‍यों की जांच की जाती है। प्रमाणन में जांच के आधार उपलब्‍ध प्रमाणक होते है जबकि सत्‍यापन में अकेक्षण द्वारा स्‍वयं उन संपत्तियो का निरीक्षण किया जाता है।

3. जांच करने का समय 

प्रमाणन किसी भी समय किया जा सकता है इसके विपरीत सत्‍यापन केवल उसी समय होता है जब अन्तिम खातों का अंकेक्षण करना है तथा सभी खातों बहियों में हो चुके हों और उनके शेष निकाल लिए गये हों 

4. पारस्‍परिक संबंध 

प्रमाणन सत्‍यापन का ही एक अंश है  यद्यपि सत्‍यापन प्रमाणन का अंग नहीं है। संपत्तियों एवं दायित्‍वो के सत्‍यापन के लिए प्रारंभ में प्रमाणन की आवश्‍यकता पड़ती है लेकिन प्रमाणन एक स्‍वतंत्र व प्रारंभिक क्रिया है इसमें सत्‍यापन की क्रियाए नहीं आती।

शायद यह जानकारी आपके लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी

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