1/02/2021

बहुराष्ट्रीय निगम (कंपनी) क्या है? विशेषताएं

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बहुराष्ट्रीय निगम क्या है? बहुराष्ट्रीय कंपनी किसे कहते हैं? 

बहुराष्ट्रीय निगमों की परिभाषा इस प्रकार की जा सकती है; यह एक ऐसी कंपनी है जो एक से अधिक देशों मे फैली होती है और जिसका उत्पादन और सेवा-सुविधाएं उस देश के बाहर भी होती है जिसमे यह जन्म लेती है। ऐसी कंपनियों को अन्तर्राष्ट्रीय कंपनी या बहुराष्ट्रीय कंपनि/निगम कहा जाता है।

ऐसी कंपनियों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इनके प्रमुख निर्णय पूरे विश्व के संदर्भ मे किए जाते है, जिसके कारण इनके निर्णय बहुधा उस देश की नीतियों से मेल नही खाते जिनमे ये कार्य करती है। इनके अधिकतम लाभ के उद्देश्य मे इस बात का समावेश नही होता कि इनकी क्रियाओं की प्रतिक्रिया उस देश पर क्या होगी जिसमे ये कार्यरत होती है। ये कंपनियाँ विभिन्न देशो मे विभिन्न प्रकार की संस्थाओं के माध्यम से कार्य करती है। अल्पविकसित देशों मे ये अपनी नियंत्रित कंपनी या कंपनियों जिन पर उनका पूरा स्वामित्व होता है,  के माध्यम से कार्य करती है। ये नियंत्रित कंपनियां दूसरे देश की कंपनियों के साथ मिलकर संयुक्त उद्यम कर सकती है, या विभिन्न देशो की कंपनियों के साथ उत्पादन और बाजार आदि के लिए लाइसेन्स के संबंध मे समझौता कर सकती है।

अन्तर्राष्ट्रीय श्रमित संगठन के अनुसार," एम.एन.सी की एक आवश्यक तत्व यह है कि उनका प्रबन्धकीय मुख्यालय किसी एक देश (गृह राष्ट्र) मे होता है जबकि वे अपना उद्यम उनके अन्य देशों (पोषक देशों) मे चलाती है।" 

डेविड इ. लिलिन्टेड के अनुसार," बहुराष्ट्रीय निगम का घर किसी एक देश मे होता है लेकिन वह अन्य राष्ट्रों मे उनके नियमों व रिवाजों के अनुरूप रह कर कार्य करती है।" 

बहुराष्ट्रीय निगम (कंपनी) की विशेषताएं 

1. एम.एन.सी का प्रबंधकीय मुख्य कार्यालय उनके गृहराष्ट्र मे होता है जबकि वे अपने कार्य अनेक राष्ट्रो मे करती है।

2. उनके व्यवसाय की पूंजी संपत्ति के बड़े हिस्से पर उनके गृह राष्ट्र के नागरिकों का स्वामित्व होता है।

3. उनके निदेशन मंडल के अधिकतम सदस्य उनके गृह राष्ट्र के होते है। 

4. नए निवेश व स्थानीय उद्देश्यों से संबंधित निर्णय मूल कंपनी द्वारा लिए जाते है।

5. एम.एन.सी (बहुराष्ट्रीय निगम) बड़े आकार की कंपनियां होती है तथा बहुत अधिक आर्थिक प्रभुत्व रखती है। 

6. बहुराष्ट्रीय निगम एक से अधिक विकसित एवं विकासशील राष्ट्रों मे उत्पादन गतिविधियों का नियंत्रण बहुत अधिक मात्रा मे प्रत्यक्ष निवेश द्वारा करती है। 

7. एम.एन.सी. डिगोपोलिस्टक प्रकृति की होती है, इसके पास आधुनिक तकनीकी, प्रबंधकीय निपुणता, विशिष्ट उत्पादन तथा अत्यधिक विज्ञापन क्षमता होती है।

8. एम.एन.सी बिना विदेशी निवेश के निर्यात व्यापार मे भाग नही लेती।

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