har din kuch naya sikhe

हर दिन कुछ नया सीखें।

4/03/2021

अंतर्राष्ट्रीय विपणन क्या है? परिभाषा, विशेषताएं

By:   Last Updated: in: ,

अंतर्राष्ट्रीय विपणन क्या है?

antarrashtriya vipran arth paribhasha visheshta;अंतर्राष्ट्रीय विपणन का तात्पर्य उन समस्त विपणन क्रिया-कलापों से है, जिन्हे एक फर्म अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संपन्न करता है। ऐसे क्रियाकलाप विदेशी बाजारों के व्यावहारिक पहलूओं, सेवाओं की बिक्री और विदेशों मे सहायकों की नियुक्ति व उनके कार्य संचालन से संबद्ध होते है। इस अर्थ मे " अंतर्राष्ट्रीय विपणन " 'निर्यातन' जैसी परंपरागत संज्ञा की तुलना मे काफी व्यापक संबोधन प्रतीत होता है, जो कि आधुनिक विपणन विचार के अधिक सन्निकट है। निर्यातन वस्तुतः वस्तुओं के निर्यात से ही संबद्ध रखता है, जबकि " अंतर्राष्ट्रीय विपणन " भौतिक वस्तुओं के विक्रय के साथ-साथ सेवा उपलब्धि, ग्राहक संतुष्टि, पर्यटन, विदेशी सहायकों की नियुक्ति, विदेशी बाजारों के सांस्कृतिक तथा व्यवहारवादी पहलूओं आदि से संबंध रखता है।

अंतर्राष्ट्रीय विपणन की परिभाषा (antarrashtriya vipran ki paribhasha)

टेपेस्ट्रा वर्न के अनुसार," अंतर्राष्ट्रीय विपणन राष्ट्रीय सीमाओं के बाहर किया जाने वाला विपणन है।" 

हेरू तथा कटेओरा के शब्दों मे," अंतर्राष्ट्रीय विपणन उन सभी व्यावसायिक क्रियाओं का निष्पादन है, जो एक से अधिक देशों के उपभोक्ताओं या प्रयोगकर्ताओं की ओर वस्तुओं और सेवाओं को प्रवाहित करती है।

हैरोल्ड बर्सन के अनुसार," अंतर्राष्ट्रीय विपणन, बहुराष्ट्रीय कार्यक्रमों के निर्धारण और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की श्रृंखलाओं को विदेशों मे उत्पाद और सेवा के उपभोग की संभावनाओं के साथ समन्वय करने की प्रक्रिया है।" 

सैक औंकविजिट एवं जाॅन शाॅ तथा अमेरिकन मार्केटिंग एसोसिएशन के अनुसार," अन्तर्राष्ट्रीय विपणन एक बहुराष्ट्रीय प्रक्रिया है जिसमे वस्तुओं, सेवाओं तथा विचारों का नियोजन, निष्पादन, मूल्य संवर्द्धन व वितरण आता है, जिससे कि व्यक्ति और संगठन के उद्देश्य संतुष्ट हो सकें वस्तुओं, सेवाओं व विचारों का आदान-प्रदान हो सकें।" 

सुभाष सी. जैन के शब्दों मे," अंतर्राष्ट्रीय विपणन शब्द मानवीय आवश्यकताओं एवं इच्छाओं के लिये राष्ट्रीय सीमाओं से बाहर आदन-प्रदान करता है।

उपरोक्त परिभाषाओं के आधार पर हम कह सकते है कि अंतर्राष्ट्रीय विपणन के अंतर्गत वे सभी क्रियाएं आती है, जो एक कंपनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर की जाती है। इसमे दूसरे देशों से क्रय व विक्रय करना तथा उससे संबंधित क्रियाएं जैसे-- उत्पाद डिजाइन, नियोजन, पैकिंग, ब्रांडिंग, कीमत, विज्ञापन, विक्रय, वितरण, विक्रय के बाद की सेवाएं आदि आती है।

अंतर्राष्ट्रीय विपणन की विशेषताएं (antarrashtriya vipran ki visheshta)

अंतर्राष्ट्रीय विपणन की निम्न विशेषताएं है--

1. राष्ट्रीय सीमाओं के बाहर किया जाने वाला विपणन 

अंतर्राष्ट्रीय विपणन मे एक देश की सीमाओं के बाहर वस्तुओं तथा सेवाओं का विपणन किया जाता है।

2. व्यापार अनेक देशों के बीच

अंतर्राष्ट्रीय विपणन मे निर्यात एक से अधिक देशों को किया जाता है। वास्तव मे यह बहुराष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसमे व्यापार कई देशों अथवा राष्ट्रो से किया जाता है। 

3. विपणन का ही एक भाग

अंतर्राष्ट्रीय विपणन, विपणन का ही एक भाग है।

4. घरेलू विपणन की सभी क्रियायें करना 

किसी भी देश मे विपणन करने हेतु जो क्रियायें की जाती है, वह अंतर्राष्ट्रीय विपणन मे भी की जाती है।

5. व्यवसाय का एक भाग  

अन्तर्राष्ट्रीय विपणन व्यवसाय का ही भाग है। अंतर्राष्ट्रीय विपणन मे भी वस्तुओं तथा सेवाओं का क्रय-विक्रय होता है।

6. बहुराष्ट्रीय प्रक्रिया 

अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के अंतर्गत निर्यात एक से अधिक देशों को किया जाता है। यदि निर्यात किसी एक देश को किया जाता है तो यह निर्यात अन्तर्राष्ट्रीय विपणन नही कहलाता है। इस प्रकार यह स्पष्ट होता है कि अन्तर्राष्ट्रीय विपणन एक बहुराष्ट्रीय प्रक्रिया है, क्योंकि इसमे निर्यात एक से अधिक देशों मे किया जाता है।

यह भी पढ़ें; अंतर्राष्ट्रीय विपणन की प्रकृति, क्षेत्र

यह भी पढ़ें,; अंतर्राष्ट्रीय विपणन का महत्व/लाभ, दोष/दुष्प्रभाव

कोई टिप्पणी नहीं:
Write comment

अपने विचार, सवाल या सुझाव हमें comment कर बताएं हम आपके comment का बेसब्री इंतजार कर रहें हैं।