har din kuch naya sikhe

हर दिन कुछ नया सीखें।

1/23/2021

आंतरिक नियंत्रण का अर्थ, परिभाषा, लाभ

By:   Last Updated: in: ,

आंतरिक नियंत्रण का अर्थ (antarik niyantran kya hai)

antarik niyantran arth paribhasha, uddeshya, labha;आंतरिक नियंत्रण के भीतर वे सभी उपाय आते है जिसके द्वारा व्‍यवसाय के सभी पहलुओं को नियन्त्रित किया जाता है। सभी व्‍यवसायी यही चाहते है, कि आन्‍तरिक कार्यो का इस प्रकार नियन्त्रित किया जावे कि अधिक से अधिक लाभ प्राप्‍त हो सके तथा गड़बड़ी व छलकपट धोखा-धड़ी  इत्‍यादि की कम से कम सम्‍भावना हों  इसके लिए वह व्‍यवसाय के सभी पहलुओं को योजनाबद्ध ढ़ंग से नियन्त्रित करता है, इसीको आन्‍तरिक नियंत्रण कहते है।

आन्‍तरिक परीक्षण की परिभाषा 

एच.स्‍टेटलर के शब्‍दों में,'' आन्‍तरिक नियंत्रण एक व्‍यापक शब्‍दावली है जो सामान्‍यतया आन्‍तरिक नियंत्रण तथा आन्‍तरिक अंकेक्षण  दोनों को शामिल करती है।''

स्‍पाइसर तथा पैग्‍लर के अनुसार,'' आन्‍तरिक नियंत्रण का प्रमुख आशय प्रबंध द्वारा व्‍यापार चलाने के लिए अपनाई गई वित्‍तीय तथा अन्‍य नियंत्रण की सम्‍पूर्ण प्रणाली से है जिसमे आन्‍तरिक नियंत्रण और आन्‍तरिक अंकेक्षण और अन्‍य तरह के नियंत्रण भी सम्मिलित है।''

आंतरिक नियंत्रण के उद्देश्य (antarik niyantran ke uddeshya)

आन्‍तरिक नियंत्रण के उद्धेश्‍य इस प्रकार  है--

1. व्‍यवहारों का सही लेखा 

आन्‍तरिक नियंत्रण इस बात का यकीन दिलाता है कि व्‍यवहारों का सही लेखा किया गया है।

2. सम्‍पत्तियों की सुरक्षा

व्‍यवसाय की सम्‍पत्तियों की सुरक्षा करना भी आन्‍तरिक नियंत्रण का ही एक उद्धेश्‍य है।

3. कुशलता एवं निष्‍पत्ति में सुधार 

आन्‍तरिक नियंत्रण का एक उद्धेश्‍य यह भी है कि साम्रगी श्रम, प्‍लाण्‍ट तथा पूँजी के उपयोग में कुशलता लाई जा सके। साथ में व्‍यवसाय की निष्‍पत्ति में सुधार किया जा सके।

4. विवरणों कें संबंध में 

आन्‍तरिक नियंत्रण के द्वारा लक्ष्‍यों का निर्धारण  किया जाता है। वास्‍तविक कार्य की लक्ष्‍यों से तुलना की जाती है तथा विचरणों का पता लगाकर उन्‍हें नियन्त्रित किया जाता है।

5. गलती व गबन के संबंध में 

आन्‍तरिक नियंत्रण का उद्धेश्‍य गलती या गबन को रोकना तथा जल्‍दी पकड़ना है।

6. उत्तरदायित्‍व निर्धारित करना 

आन्‍तरिक नियंत्रण का उद्धेश्‍य उत्‍तरदायित्‍व केन्‍द्रों  की स्‍थापना करना तथा प्रत्‍येक क्रिया के संबंध में उत्‍तरदायित्‍व निर्धारित करना है।

आंतरिक नियंत्रण के लाभ (antarik niyantran ke labha)

आन्‍तरिक नियंत्रण के लाभ इस प्रकार है--

1. कपट की सम्‍भावना कम होना

यदि आन्‍तरिक नियंत्रण की व्‍यवस्‍था संतोषजनक हो, तो कपट की सम्‍भावना बहुत ही कम हो जाती है। यदि कभी किसी कर्मचारी ने छल-कपट का प्रयास भी किया तो वह बात का तुरन्‍त पता चल जाता है।

2. कार्य शीघ्र समाप्‍त होना 

यहां सभी कर्मचारी अपने कार्य के उत्‍तरदायित्‍व को भली-भांति समझता है इस लिए वह अपने कार्य को जल्‍द से जल्‍द कम समय में पूरा कर लेना चाहता है।

3. अन्तिम खातें तैयार करने में आसानी 

आन्‍तरिक नियंत्रण प्रणाली अपन ने से अन्तिम खातें जल्‍दी एवं सरलता से तैयार किये जा सकते है।

4. कार्यक्षमता में वृद्धि

इस प्रणाली के अन्‍दर कार्य का बंटबारा वैज्ञानिक ढ़ंग से होता है प्रत्‍येक कर्मचारी अपने कार्य के प्रति सजग रहता है। इससें कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। वह अपने कार्य को नियमित रूप से पूरा करते है।

5. कर्मचारियों का नैतिक स्‍तर उच्‍च होना  

इस प्रणाली के अन्‍तर्गत कर्मचारियों का नैतिक स्‍तर उच्‍च होता है। वह अपना कार्य ईमानदारी और परिश्रम से करते है। 

6. अंकेक्षण के काम में आसानी 

इस प्रणाली के अन्‍तर्गत सभी लेन-देन का लेखा कर्मचारियों के द्वारा समपन्‍न हेाता है और साथ में गलतियों की सम्‍भावना काफी कम रह जाती है। इसलिए परीक्षण जांच से ही अपना कार्य  पूरा कर सकता है। 

7. सभी पक्षों को लाभ 

इस प्रणाली  के द्वारा किये  गए अंकेक्षण से व्‍यापार  के स्‍वामी और कर्मचारियों दोनों को लाभ प्राप्‍त होता है।

8. व्‍यापार का  स्‍वामी सभी चिन्‍ताओं से मुक्‍त 

व्‍यापार के स्‍वामी को इस बात का पूर्ण विश्‍वास हो जाता है कि उसके खातों का कार्य सुचारू रूप से हो रहा है। इसलिए वह सभी चिन्‍ताओं से मुक्‍त रहता है।

शायद यह जानकारी आपके लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी

कोई टिप्पणी नहीं:
Write comment

अपने विचार comment कर बताएं हम आपके comment का इंतजार कर रहें हैं।