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9/10/2021

पति मारपीट करे तो क्या करे

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पति मारपीट करे तो क्या करे

pati marpit kare to kya kare;नमस्कार मेरे प्यारे मित्रों! आज हम आपके लिए लेकर आए एक बेहद महत्वपूर्ण आर्टिकल जिसके माध्यम से आपको एक ऐसे सवाल का जवाब मिलेगा जो वाकई में आपके जिंदगी में बेहद महत्वपूर्ण होगा। यह बात महिलाओं के लिए बेहद आवश्यक है क्योंकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में कई बार ऐसी घटनाएं घटती हैं जिन्हें वह झेल नहीं पाती और कई बार आत्महत्या तक कर लेती है।

भारत में ये किसी बड़ी महामारी से कमी समस्या नही है, जब कोई पति अपनी पत्नी को मारता है, उससे मारपीट करता है, गाली गलौच करता है। ये समस्या केवल अशिक्षित परिवारों में ही नहीं, बल्कि पढ़े लिखे परिवारों के बीच भी देखने को मिलती है। हालांकि, शहरों में ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले ऐसे कम ही केस देखने को मिलते हैं। ये एक ऐसी समस्या है, जिसका निपटारा होना जरूरी है। यहां तक कि पति के मारपीट की समस्या के कारण कई महिलाएं तो आत्महत्या जैसा बड़ा कदम तक उठा लेती हैं। कई घरों के चिराग इसी समस्या के कारण बूझ गए हैं। तो अंत तक बने रहे हमारे साथ यहाँ हम आपको बताएंगें पति मारपीट करे तो करें? पति घर मे लड़ाई कर तो क्या करें? पति मारे तो क्या करें?

अब सवाल ये उठता है, कि आखिर जिस व्यक्ति ने महिला के साथ जिने मरने की कसमें खाईं हैं, अगर वो ही उनके साथ मारपीट करे, तो इस समस्या से निजात कैसे पाई जाए। क्योंकि क्रोध में उठाया गया एक भी कदम दोनों की जिंदगी पलट सकता है। हालांकि, महिला पर हाथ उठाना एक अपराध है ये जानते हुए भी कुछ लोग ये घिनौना अपराध करते हुए कांपते नहीं हैं। इस परिस्थिति से निपटने के लिए महिला करे तो क्या करे ये भी एक बड़ा सवाल है?

पति मारपीट करे तो क्या करे

आइए हम आपको बताते हैं कि पति यदि मारपीट करें तो महिलाओं को क्या करना चाहिए। इस दौरान महिलाएं निम्नलिखित उपाय कर सकती हैं--

1. पति के मारपीट करने का कारण जानें 

महिला को सबसे पहले पति के क्रोध का असली कारण जानना चाहिए। महिला को समझना चाहिए कि उनका पति मारपीट क्यों कर रहा है। आखिर इसके पीछे की वजह क्या है। अगर उनका पति किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित है, तो उसका इलाज करवाना चाहिए। पहले महिला को अपने स्तर पर ही इस परिस्थिति का सामना करना चाहिए, क्योंकि उनके ऐसा करने से हो सकता है कि उनका पति सुधर जाए और वो मारपीट करना छोड़कर उनके साथ फिर से प्यार से बर्ताव करे। इससे उन दोनों का जीवन खुशहाल होगा और वो खुशी-खुशी हर लम्हे को यादगार बना पाएंगे।

2. अगर गलती हुई तो माफी मांग लें

कई बार अगर किसी महिला से ऐसा बड़ा अपराध हो जाता है, कि उनका पति उनपर हाथ उठाने को मजबूर हो जाता है। तो इस परिस्थिति में महिला को अपने क्रोध पर काबू करते हुए अपनी गलती स्वीकार कर लेनी चाहिए। उन्हें इस बात की जानकारी होनी चाहिए, कि उनका पति उनकी किस बात से इतना नाराज हुआ है, जिसके वजह से मारपीट करनी पड़ी। आपकी जाने अनजाने में हुई गलती आपके पति को काफी ठेस पहुंचा सकती है, इसके लिए आपको खुद ही इस परिस्थिति का सामना करना चाहिए ताकि ऐसी नौबत फिर से भविष्य में ना आए।

3. परिवार के सदस्यों की लेनी चाहिए मदद

अगर किसी महिला का पति उनके साथ मारपीट करना शुरू करता है। वो भी बिना किसी कारण के तो महिला को शुरूआती समय में ही अपने पति के बारे में परिवार के सदस्यों को अवगत करवा देना चाहिए। क्योंकि, अगर वो महिला शुरूआत में ही इस अपराध पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो उसको भविष्य में भी इस अपराध का सामना करना पड़ेगा। अगर घर के सदस्यों को भी इस बारे में पता होगा, तो वो उस महिला का ही साथ देंगे और कोशिश करेंगे कि महिला का पति मारपीट ना करे। इससे आदमी के मन में भी डर पैदा होगा और वो दोबारा से कभी अपनी पत्नी पर हाथ उठाने से कतराएगा।

4. अगर शराब के नशे में उठाता है पति हाथ

भारत में अधिकतर मामले ऐसे सामने आते हैं जहां पति अक्सर शराब के नशे में अपनी पत्नी से मारपीट करते हैं। वे अपनी पत्नी को इतनी बुरी तरह से मारते हैं कि उसे गंभीर चोट तक लग जाती है। ऐसे में महिला को सबसे पहले तो ये कोशिश करनी चाहिए कि वो अपने पति की इस आदत को छुड़वाने में सहयोग करें और अगर फिर भी उसका पति ऐसा नहीं करता तो वो परिवार वालों को बताए इसके बाद भी अगर आदमी शराब पीकर महिला से मारपीट करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को अमल में लाना चाहिए।

5. कोई भी फैसला लेने से पहले सौ बार सोचें

किसी भी महिला के सामने उस समय एक बड़ी मुसीबत आन पड़ती है जब उसे अपने जीवन साथी से जुड़ा फैसला लेना पड़ता है। अगर पति की गलती हो, तब भी महिला हलातों से समझौता कर लेती हैं। पर अगर बात हद से ज्यादा आगे बड़ जाए और उनका पति उन्हें रोज बुरी तरह से मारे जिससे वो काफी परेशान हो जाती हैं तो इस परिस्थिति में महिला को कोई भी फैसला सोच समझकर ही लेना चाहिए। अगर वो अपने पति को छोड़कर जाना चाहती हैं या फिर नौबत तलाक तक की आती है। तो इस परिस्थिति में एक बार महिला को अपने पति से बात कर लेनी चाहिए और समझना चाहिए कि तलाक ही उनकी समस्या का हल नहीं है। इसके बाद भी अगर उनका पति मानने को तैयार नहीं होता तो तलाक ले लेना चाहिए।

6. महिलाएं काउंसलर का ले सकती हैं सहारा

आप अपने पति को लेकर किसी अच्छे काउंसलर से भी संपर्क कर सकती हैं। ऐसे मामलों को लेकर आपको अच्छे काउंसलर जरूर मिल जाएंगे जो आपके पति को एहसास करवाएंगे कि वो अगर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता है, तो वो गलत है। वो आपके पति का एक अच्छा मार्गदर्शन करते हुए सुधारने की पूर्ण कोशिश करेंगे। काउंसलर आपके पति को सकारात्मक सोच प्रदान करेंगे। जिससे आपके रिश्तों में किसी तरह की दरार ना पड़े। आपको आसानी से ऐसे काउंसलर मिल जाएंगे जिनका पेशा ही घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों को खत्म करना होता है।

7. कुछ समय के लिए अपने पति से बना सकती हैं दूरी

जो महिलाएं अपने पति से परेशान हैं और वो अपने पति को उनकी गलती एहसास करवाना चाहती हैं। तो इसके लिए उन्हें अपने पति से कुछ समय के लिए दूरी बना लेनी चाहिए उनके ऐसा करने से हो सकता है कि उनका पति अपनी गलतियों को सुधार ले और उसे एहसास हो जाए कि वो जो अपनी पत्नी के साथ अब तक कर रहा था वो सब गलत था। इससे महिला पति द्वारा मारपीट के अपराध से तो बचेगी ही साथ में उसके पति के लिए भी ये एक अच्छा सबक होगा।

8. सबक सिखाने के लिए ना उठाएं कोई अपराधिक कदम

कई बार क्रोध में इंसान वो सबकुछ कर गुजरता है, जिसका पछतावा उसे सारी उम्र होता है। ऐसे में अगर महिला अपने पति से मारपीट के कारण मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हो चुकी है तो उसे केवल कानून का ही सहारा लेना चाहिए नाकि क्रोध में आकर हत्या या आत्महत्या जैसा अपराधिक कदम उठाना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से वो खुद की और पुरे परिवार की परेशानी बड़ा सकती है। इससे समाज में भी एक गलत संदेश पहुंचता है।

9. ढोंगी बाबाओं के चक्करों में न पड़ें महिलाएं

भारत में अंधविश्वास भी काफी है और अक्सर ही लोग अपनी परेशानी को लेकर बाबाओं से संपर्क साधते हैं। ऐसा ही कुछ महिलाओं के साथ भी होता है, जो कि अपने पति के मारपीट की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बाबाओं के पास पहुंच जाती हैं। जिससे डोंगी बाबा उन्हें अंधविश्वास में डालते हैं और धीरे-धीरे उनका पूरा जीवन बर्बाद कर देते हैं। इससे महिला को तो समस्या से छुटकारा नहीं मिलता बल्कि वो महिला अपने पति व बच्चों को और परेशानी में डाल देती हैं। क्योंकि डोंगी बाबा महिला की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उनसे पैसों की मांग करते हैं जिसे महिलाएं पूरा करने लगती हैं और कुछ समय बाद उन्हें पछताना पड़ता है। इसलिए कभी भी महिलाओं को अपनी समस्या को लेकर डोंगी बाबाओं के पछड़े में नहीं पड़ना चाहिए। हालांकि, ऐसे मामले अधिकतर गांवों में ही देखने को मिलते हैं। शहरों में महिलाएं कानूनी मदद से ही इस समस्या से छुटकारा पा लेती हैं।

10. ध्यान रखें कि बच्चों के भविष्य से ना हो खिलवाड़

अगर किसी घर में कोई पति अपनी पत्नी से मारपीट करता है तो इसका सीधा प्रभाव बच्चों की परवरिश पर भी पड़ता है। कई बार पति पत्नी झगड़ा करते हुए या भूल जाते हैं कि वह बच्चे के माता-पिता भी हैं। जब एक दूसरे के साथ झगड़ा हुआ तो इस दौरान इस बात का ध्यान रखें कि इसके लिए बच्चों के सामने ऐसे हालात पैदा ना हों वो मारपीट जैसी चीजें अपने बचपन में ना देखें तो उनको किसी रिश्तेदार के घर भेज देना चाहिए। क्योंकि बच्चे जैसा देखेंगे वो भी आगे अपने जीवन में वैसा ही करेंगे। अपने पिता को ऐसा करता देख बच्चों कोe भविष्य भी खराब हो सकता है।

11. अपने अधिकारों की जानकारी हासिल करे महिला

किसी भी तरह की घरेलू हिंसा जैसे मामलों से बचने के लिए महिला को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। ताकि वो ऐसी परिस्थिति में उन कानूनों का इस्तेमाल करके अपने आपको सुरक्षित कर सके और अपराध करने वाले शख्स को सजा सबक सिखा पाए। अगर महिला को कानून की ही जानकारी नहीं होगी तो उसको अपने पति द्वारा मारने की समस्या का सामना लंबे समय तक भी करना पड़ सकता है। भारत में ऐसी कई महिलाएं हैं, जो अपने अधिकारों से अनजान हैं और घरेलू हिंसा का शिकार हो रही हैं। ऐसे में यदि पति मारपीट करे तो कानून का सहारा जरूर लेना चाहिए।

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हमने आपके सामने जो कारण रखा इन्हीं कारण से पति पत्नी को मारता है। जो कि दंडनीय अपराध है। उम्मीद है आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी और आप ऐसे अपराध के खिलाफ आप भी आवाज उठायेंगे।

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