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3/30/2021

विदेश नीति को प्रभावित करने वाले तत्व

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विदेश नीति को प्रभावित करने वाले तत्व अथवा कारक

प्रत्येक देश की विदेश नीति को प्रभावित करने के लिए कुछ तत्व उत्तरदायी होते है और इन्ही तत्वों के आधार पर विदेश नीति का निर्माण किया जाता है। विदेश नीति को प्रभावित करने वाले तत्व इस प्रकार है--

1. राष्ट्रीय स्वार्थ अथवा हित 

प्रत्येक देश की विदेश नीति को प्रभावित मे उस राष्ट्र का हित या स्वार्थ सबसे महत्वपूर्ण होता है। संसार का प्रत्येक देश अपने देश को एक शक्तिशाली देश बनाने का प्रयास करता है क्योंकि उसके राष्ट्रीय स्वार्थ सुरक्षित रह सकें। ये हित हमेशा एक से नही रहते है, समय-समय पर आवश्यकताओं के अनुसार इनमे परिवर्तन होता रहता है। इसी कारण से राष्ट्रों की विदेश नीति मे परिवर्तशीलता या लचक देखी जाती है। हम यह भी कह सकते है कि विदेश नीति मे गतिशीलता बनी रहती है। विदेश नीति एक ऐसी कुशल कला है जो इस प्रकार गढ़ी जाती है राष्ट्रीय हित या स्वार्थ पूरे किये जा सके।

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2. राष्ट्र की प्रतिष्ठा और आदर्श 

राष्ट्र की प्रतिष्ठा और आदर्श भी राष्ट्र की विदेश नीति को प्रभावित करते है। विदेश नीति का निर्माण करते समय हमेशा अपने राष्ट्र की प्रतिष्ठा तथा आदर्शों को सामने रखना होता है। एक शांतिप्रिय तथा नैतिकता से पूर्ण मनोवृत्ति वाला राज्य अपनी शक्ति का प्रयोग यकायक नही करता है। वह अपने संघर्ष शांतिपूर्ण तरीकों से ही हल करने मे रूचि लेता है और उन सभी राष्ट्रो के साथ सहयोग करता है, जो विश्व शांति मे अपनी रूचि रखते है। इसके विपरीत जो राष्ट्र आतंकवादी है, युद्धप्रिय है वे अपनी विदेश नीति मे उग्रता रखते है और युद्धों को अपना साधन मानकर दूसरे राष्ट्रों पर हावी होकर उन्हें प्रभावित करते है।

3. सांकृतिक विकास 

प्रत्येक देश मे उसकी कुछ अपनी परंपराएं होती है और वह उन्ही सामाजिक आदर्शों तथा मूल्यों को ध्यान मे रखकर विदेश नीति का निर्माण करते है।

4. जनता की रूचि 

किसी भी देश की सरकार अपनी जनता की रूचि के विरूद्ध विदेश नीति नही अपना सकती है, यदि वह ऐसा करती है तो उसे अपने घर के अंदर ही विरोध सहना होता है और कभी-कभी उसे अपनी विदेश नीति मे सफलता भी मिलती है। विशेषकर प्रजातांत्रिक राष्ट्रों मे जनता बहुत महत्वपूर्ण होती है। अमेरिका की सरकार को निक्सन के काल मे और राष्ट्रपति रीगन के वर्तमान समय मे अपनी कुछ नीतियों को न केवल बदलना पड़ा बल्कि कुछ पहले से उठाये गये कदमों को भी पीछे खींचनि पड़ा था, क्योंकि जनता उन नीतियों के विरुद्ध थी।

5. भौगोलिक स्थिति 

यह दो तरह से प्रभावित करती है--

अ. स्थिति ब. देश के अंदर संसाधन तथा उसका उपयोग। यदि कोई राष्ट्र बहुत महत्वपूर्ण राजनैतिक स्थिति मे है तो अपनी विदेश नीति मे उसे बहुत सतर्कता रखनी होती है। देश के अंदर मौजूद संसाधनों का किस प्रकार विश्व बाजार मे उपयोग दे सकता है अथवा किस प्रकार उसका राजनीकित उपयोग हो सकता है इत्यादि को ध्यान मे रखकर विदेश नीति बनायी जाती है।

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