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1/24/2021

पदोन्नति का अर्थ, परिभाषा, महत्व/लाभ

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पदोन्नति का अर्थ (padonnati kya hai) 

padonnati arth paribhasha mahatva;पदोन्नति का अंग्रेजी पर्यायवाची शब्द प्रमोट (promote) लेटिन भाषा के शब्द (promovere) से उत्पन्न है। इसका अर्थ है, आगे बढ़ना। शब्दकोष मे इसके अर्थ है पद, तरक्की, सम्मान मे वृद्धि, ऊँचा उठना, आगे बढ़ना, अग्रसर करना या किसी पद से योग्यता के आधार पर आगे बढ़ना। वस्तुतः पदोन्नति का अर्थ स्तर और पद मे वृद्धि से है। 

उदाहरण के लिये एक व्यक्ति जो राजस्व विभाग मे नायब तहसीलदार के निम्म प्रशासकीय पद पर भर्ती होता है, यदि एक निश्चित समय बाद या निश्चित योग्यता प्राप्त करने के बाद उसे तहसीलदार बना दिया जाता है, तो यह उसकी पदोन्नति कहलायेगी। कुछ विद्वानों ने वेतन वृद्धि को भी पदोन्नति माना है परन्तु यह सिद्धांततः सही नही है। पदोन्नति का वास्तविक अर्थ है-- पद-श्रेणी मे वृद्धि होना।

पदोन्नति शब्द लोक प्रशासन का एक आकर्षक शब्द है। एक योग्य और महत्वाकांक्षी शासकीय कर्मचारी इसी आशा मे लोक प्रशासन मे निम्न पद पर कार्य करना स्वीकार कर लेता है कि भविष्य मे वह पदोन्नति प्राप्त कर उच्च पद पर भी पहुँच सकता है। 

अतः पदोन्नति प्रशासन मे एक प्रलोभन या आकर्षण है, जो शासकीय कर्मचारियों को मेहनत, कार्यकुशलता और ईमानदारी से अपना निर्धारित शासकीय कर्तव्य निर्वाह करते रहने की प्रेरणा देता है।

पदोन्नति की परिभाषा (padonnati ki paribhasha) 

चार्ल्सबर्थ के शब्दों मे," पदोन्नति मे एक व्यक्ति निम्म स्तर के उत्तरदायित्व से उच्च स्तर के उत्तरदायित्व को प्राप्त करता है। इसके विपरीत अवनति की स्थिति मे व्यक्ति उच्च स्थित से निम्म पद को लौटता है।"

प्रो. चन्द्र प्रकाश भाम्भरी के शब्दों मे,"  पद वृद्धि का अर्थ है- निम्नतर श्रेणी से उच्चतर श्रेणी और परिवर्तित कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों की ओर ले जाना।" 

पदोन्नति का महत्व या लाभ (padonnati ka mahatva)

पदोन्नति के निम्म लाभ है--

1. पदोन्नति अच्छे कार्य का पुरस्कार है। पदोन्नति की आकांक्षा मे लोक सेवक अपने कार्यों को समुचित रूप से संपन्न करते है।

2. यह उपयुक्त सेवी वर्ग प्रशासन की व्यवस्था करता है, पदोन्नति से समस्त प्रशासन लाभान्वित होता है। कर्मचारी संतोष का अनुभव करते है एवं इधर-उधर जाने की नही सोचते।

3. पदोन्नति के अवसर कर्मचारियों के मनोबल मे वृद्धि करते है।

4. पदोन्नति के अवसरों के आकर्षण मे अधिक योग्य व्यक्ति संगठन की ओर आकर्षित होते है। पदोन्नति से जहां कर्मचारियों का मनोबल तो बढ़ता ही है, उसकी कार्यकुशलता मे भी वृद्धि होती है। 

5. पदोन्नति व्यवस्था, संगठन को अनेक रूपों मे लाभान्वित करती है, कर्मचारी अपने पदों पर अधिक समय तक कार्य करते है, संगठन के अनुशासन मे वृद्धि होती है। पदोन्नति से नियोक्ता को भी लाभ होता है। लाभ यह है कि उसे अच्छे कर्मचारियों की खोज बाहर से नही करनी पड़ती तथा विभाग के कार्य को समझने वाले योग्य व्यक्ति बड़ी आसानी से प्राप्त हो जाते है।

6. जहाँ पर पदोन्नति का होना लाभदायक है, वहां पर इसका अभाव होना हानिकारक होता है चूंकि यदि संगठन मे पदोन्नति के उपयुक्त अवसर नही होगे तो योग्य एवं आकर्षित व्यक्ति तो उसकी ओर होगे ही नही साथ ही उसमे कार्यरत कर्मचारी भी जाने की कोशिश करेंगे।

7. पदोन्नति की उचित व्यवस्था होने कारण कर्मचारियों को अपनी कार्यकुशलता तथा योग्यता बढ़ाने का प्रोत्साहन मिलता है। इससे उनका नैतिक विकास तो होता ही है साथ ही उनका मानसिक विकास भी होता हैं।

इस तरह यह स्पष्ट है कि पदोन्नति की व्यवस्था से कोई भी संगठन अपना विकास तो करता ही है साथ ही कर्मचारी को ज्यादा से ज्यादा कार्य करने की प्रेरणा देता है। पदोन्नति की व्यवस्था उस राष्ट्र के लिए बहुत ही आवश्यक है, जहां के निवासी सेवा को जीविकोपार्जन का स्थायी साधन मानते है। मेयर्स का कहना है," यदि पदोन्नति की पद्धति असफल हो जाती है तो इसका प्रभाव पूरे संगठन पर पड़ेगा। इसके अभाव मे कर्मचारियों मे असंतोष पैदा होगा व प्रेरणा का अभाव हो जाएगा।"

पढ़ना न भूलें; पदोन्नति का सिद्धांत

शायद यह जानकारी आपके के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी

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