8/18/2020

एक अच्छे एवं सफल उद्यमी के गुण

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udyami ke gun;जेम्स बर्न ने उद्यमी के गुणों का वर्णन करते हुए लिखा है कि " एक साहसी (उद्यमी) मे संगठनात्म, प्रासकीय, तकनीकी एवं व्यावसायिक ज्ञान, अवसरों के प्रति सजगता, परिवर्तनों को स्वीकार करने की अभिव्यक्ति एवं जोखिम उठाने जैसे गुणों का होना आवश्यक है।"
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एक अच्छे और सफल उद्यमी के गुण (udyami ke gun)

1. जोखिम वहन की क्षमता
हर उधग मे कुछ न कुछ जोखिम होता है तथा उद्यमी मे जोखिम वहन करने की क्षमता होना बहुत जरूरी है। उसे कई जोखिमों को वहन करना पड़ता है। किसी भी उधम के अन्तर्गत साहसी को संभावित सफलता तथा हानि को संतुलित करते अनिश्चितता के वातावरण मे निर्णय लेने होते है, जिनके परिणाम अज्ञान तथा अनिश्चित होते है। उद्यमी सदैव स्थित का पूर्ण मूल्यांकन करते हुए ही जोखिम उठाता है।
2. प्रसन्न मुद्रा 
उद्यमी मे प्रसन्न मुद्रा का भी गुण होना चाहिए। यदि वह प्रसन्न, हँसमुख एवं तरोताजा रहता है तो अगला पक्षकार उससे प्रभावित हो जाता है।
3. निर्णय लेने की क्षमता
किसी भी व्यावसायिक अवसर का लाभ तभी उठाया जा सकता है जबकी उद्यमी मे तत्काल निर्णय लेने की क्षमता हो। उद्यमी द्वारा लिये गये निर्णयों का प्रभाव उपक्रम के भविष्य पर पड़ता है, इसलिए निर्णय सृजनात्मक तथा लाभप्रद होना चाहिए।
4. कल्पना शक्ति
उद्यमी मे कल्पना शक्ति अवश्य होनी चाहिए। इसी के आधार पर साहसी उपक्रम की कल्पना करता है, उसको मूर्त रूप देता है, व्यवसाय संचालन की योजना बनाता है तथा उसी के अनुसार कार्य करता है। लेकिन उद्यमी की कल्पना शक्ति तथा उच्च महत्वाकांक्षा वास्तविक परिस्थितियों को मध्यनजर रखते हुए होनी चाहिए।
5. परिश्रमी
परिश्रम सभी कार्यों के सफलता की कुँजी है। अतः प्रत्येक उद्यमी मे मेहनत तथा कठोर परिश्रम करने का गुण अवश्य होना चाहिए यद्यपि सभी व्यवसाय एवं उधोग जटिलताओं, अनिश्चितताओं तथा जोखिमों से परिपूर्ण होते है, फिर भी परिश्रमी उद्यमी इन सब परिस्थितियों मे धैर्य तथा मेहनत के साथ कार्य करता हुआ उपक्रम का विकास तथा विस्तार कर सकता है।
6. तीव्र स्मरण शक्ति
उद्यमी मे तीव्र स्मरण-शक्ति का गुण होना भी आवश्यक है। इसी गुण के आधार पर पिछले कार्यों का सही विश्लेषण कर भावी योजना तैयार कर सकता है तथा दिन-प्रतिदिन के कार्यों का आसानी से निष्पादन भी कर सकता है।
7. नेतृत्व क्षमता
उद्यमी मे नेतृत्व क्षमता का गुण भी होना चाहिए। उसमे नेतृत्व क्षमता होने से कर्मचारियों को प्रेरणा तथा निर्देशन मिलता रहता है जिससे उनके आत्मबल मे कमी नही आती है।
8. आत्मविश्वास
उद्यमी मे आत्मविश्वास का गुण होने से ही वह सही निर्णय ले सकता है, किसी की गलती या कमी को बता सकता है तथा स्वयं कार्य की संतुष्टि भी प्राप्त कर सकता है।
9. योजनाएँ बनाने की योग्यता
नियोजन के माध्यम से उद्यमी उपक्रम के भविष्य पर विचार करता है, वातावरण की प्रवृत्तियों का पूर्वानुमान करता है एवं इन्हीं के आधार पर कर्मचारियों की क्रियाओं तथा प्राप्त किये जाने वाले परिणामों का निश्चिय करता है। इसलिए उद्यमी मे योजनाएं बनाने की योग्यता होना चाहिए।
10. आशावादिता
उद्यमी को हमेशा आशावादी होना चाहिए कि कार्य जरूर होगा। यदि वह निराशावादी है तो कार्य करने का प्रयत्न तो बहुत दूर की बात है, वह कार्य के लिए प्रेरित ही नही होगा।
11. दूरदर्शिता 
उद्यमान मे वर्तमान परिस्थितियों मे निर्णय लेने की योग्यता के अतिरिक्त भविष्य की सम्भावित परिस्थितियों, कार्यों, विचारों एवं धारणाओं पर नजर रखते हुए कार्य करने का गुण होना आवश्यक है, अन्यथा आने वाले समय मे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
12. सतर्कता
उद्यमी को व्यवसाय, बाजार तथा प्रतिस्पर्धा की गतिविधि तथा नवीनतम परिवर्तनों के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए। ऐसा होने पर साहसी प्रतिस्पर्धात्मक युग मे अपने उपक्रम मे न केवल अस्तित्व बरकरार रख सकता है, अपितु अन्य उपक्रमों की तुलना मे वह अपनी स्थिति को अधिक सुदृढ बना सकता है।

13. महत्वाकांक्षी तथा परिपक्व 
उद्यमी महत्वाकांक्षी तथा परिपक्व विचारों वाला व्यक्ति होना चाहिए। प्रगतिशील विचारों विचारों वाला साहसी प्रबंध के आधुनिक सिद्धांतों का प्रयोग करेगा, क्योंकि रूढ़िवादी दृष्टिकोण एवं परम्परागत विचारधारा उपक्रम की प्रगति मे बाधा डालती है।
14. व्यवसायिक अभिरूचि
उद्यमी मे व्यावसायिक अभिरूचि का गुण होना आवश्यक है। इस गुण के आधार पर उद्यमी उपक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन करता है तथा निरन्तर व्यवसाय के विकास एवं विस्तार के प्रति सजग रहता है। यह एक निर्विवाद सत्य है कि विश्व के लगभग सभी औधोगिक उद्यमी व्यावसायिक अभिरूचि के कारण ही सफल हुए है।
15. सामाजिक तथा नैतिक गुण
उद्यमी मे कुछ सामाजिक तथा नैतिक गुणों का भी समावेश होना चाहिए। उसमे मिलनसारिता एवं विनम्रता का भी गुण होना चाहिए। उसका चरित्र सुदृढ़ तथा ईमानदार हो। वह सहयोग की भावना रखने वाला, आदरभावी तथा निष्ठावान व्यक्ति होना चाहिए एवं उसका स्वभाव भी सुशील होना चाहिए।
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