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5/12/2021

जीजाबाई कौन थी?

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जीजाबाई कौन थी?

jijabai kon thi;जीजाबाई महान मराठा शासक और यौद्धा शिवाजी की मां थी। जीजाबाई का जन्‍म सन् 1594 ई. में महाराष्‍ट्र के एक गांव सिंधखेड़ में हुआ था। इनके पिताजी का नाम लखुजी जाधवराव था। जीजाबाई की शादी अल्‍प आयु में हो गई थीं। इनका विवाह शाहजी भोंसले से हुआ। 

जीजाबाई को एक प्रभावी और प्रतिबद्ध महिला के रूप में जाना जाता है, जिसके लियें आत्‍मसम्‍मान और उनके मूल्‍य सर्वोपरि थे। अपनी दूरदर्शिता के लियें प्रसिद्ध जीजाबाई खुद एक योद्धा और प्रशासक भी थीं। उन्‍होंने अपने पुत्र शिवाजी में अपने गुणों का संचार किया तथा अच्‍छे संस्‍कार दिये तथा शिवाजी को कर्तव्‍य भावना, साहस और मुश्किल परिस्थितियों का सामना साहस के साथ करने के लियें मूल्‍यों का संचार किया। जीजाबाई की देख-रेख और मार्गदर्शन में शिवाजी ने मानवीय रिश्‍तों की म‍हत्ता को समझा, महिलाओं का मान-सम्‍मान, धार्मिक सहिष्‍णुता और न्‍याय के साथ ही शिवाजी में अपने राष्‍ट्र के प्रति प्रेम और महाराष्‍ट्र की आजादी की इच्‍छा बलवती हुई। शिवाजी भी अपनी सभी सफलताओं का श्रेय अपनी मां को देते थे, जो उनके लियें प्रेरणास्‍त्रोत थीं। उन्‍होंने अपना सारा जीवन अपने बेटे शिवाजी को मराठा साम्राज्‍य का महानतम शासक बनाने हेतु दांव पर लगा दिया। जीजाबाई रानी बनने के बाद पूना चली गई, वहां वह अपने पति की जागीर की देख-भाल करने लगी। शिवाजी उनके साथ ही थे। हालांकि, सन् 1666 ई. में शिवाजी आगरा के लियें रवाना हुयें। जीजाबाई ने राज्‍य का कामकाज देखने की जिम्‍मेदारी ली थीं। अपने पति के निधन ने उन्‍हें शोकमग्‍न कर दिया था। उनके बड़े बेटे संभाजी की अफजल खान ने हत्‍या कर दी थी, जिसका बदला जीजाबाई के आशीर्वाद से शिवाजी ने लिया। 

शिवाजी की अनेक यादगार विजयें रहीं, जिनमें तोरणगढ़ किले पर विजय, मुगलों की नजरबंदी से निकलकर भाग निकलना, तानाजी, बाजी प्रभु और सूर्याजी जैसे योद्धाओं के साथ मिलकर शिवाजी कई मोर्चो पर विजयें हासिल करते चले गये। यह सभी उनकी मां जीजाबाई की प्रेरणा तथा आशीर्वाद का फल था। वह शिवाजी और उनके साथियों की सफलता देखकर गर्वित होती थीं। जीजाबाई का सपना उस समय पूरा हुआ, जब उनके बेटे शिवाजी का राज्‍यभिषेक समारोह सम्‍पन्‍न हुआ। सन् 1674 ई. में शिवाजी का राज्‍याभिषेक हुआ और वह मराठा साम्राज्‍य की नीवं रखने वाले महाप्रतापी राजा बन गये। 17 जून, 1674 ई. को इस बहादूर तथा विदूषी महिला जीजाबाई का निधन हो गया।

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