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3/25/2021

अनुलाभ के प्रकार

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अनुलाभ का अर्थ (anulabh kya hai)

एक वेतनभोगी कर्मचारी को अपनी सेवा के दौरान अपने नियोक्ता से नकदी के अतिरिक्त जो वस्तु या सेवा प्राप्त होती है, वह अनुलाभ कहलाती है। जैसे-- आवास की सुविधा, कार की सुविधा, यातायात की सुविधा, नौकरों की सुविधा आदि। ये सभी अमौद्रिक सुविधायें अनुलाभ कहलाती है। 

अनुलाभों के प्रकार 

अनुलाभों के प्रकार इस तरह है--

सभी प्रकार के कर्मचारियों के लिए कर-योग्य अनुलाभ 

इन अनुलाभों को सामान्य अनुलाभ भी कहा जाता है। ये अनुलाभ अनुलाभ किसी भी प्रकार के कर्मचारी (सरकारी, अर्ध-सरकारी या निजी संस्था मे कार्यरत कर्मचारी) अथवा किसी भी श्रेणी के कर्मचारी को नियोक्ता के द्वारा सुविधा दी जाती है तो इसका मूल्य आयकर अधिनियम के अनुसार सभी प्रकार के कर्मचारियों के लिए कर-योग्य होगा। ये अनुलाभ इस प्रकार है--

1. किराये से मुक्त रहने का मकान 

नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को रहने के लिए बिना किराया लिए (मुफ्त) एक मकान की सुविधा दी जाती है तो इसका आयकर के प्रावधानों के अनुसार मुद्रा मे मूल्य ज्ञात करके 'वेतन' शीर्षक की आय मे जोड़ेगे। यह अनुलाभ सभी कर्मचारियों (सरकारी, गैर-सरकारी सेवा मे कार्यरत) के लिए कर-योग्य होता है। (ऐसे मकान के मूल्यांकन के लिए इसी अध्याय मे देखिये शीर्षक-- 'अनुलाभों के मूल्यांकन के नियम'।) 

2. रियायती किराये पर रहने के लिए मकान की सुविधा 

कर्मचारी को मकान की सुविधा कम किराया लेकर या कुछ रकम उसके वेतन मे से काटकर भी दी जा सकती है। इसे रियायती मकान की सुविधा कहते है। (देखिये इसी अध्याय मे शीर्षक- 'अनुलाभों के मूल्यांकन के नियम'।) यह सुविधा भी प्रत्येक प्रकार की सेवा मे कार्यरत कर्मचारियों के लिए कर योग्य है।

3. कर्मचारी के दायित्वों का नियोक्ता द्वारा भुगतान 

एक नियोक्ता द्वारा कर्मचारी के ऐसे दायित्वों का भी भुगतान किया जा सकता है जिसे यदि नियोक्ता न करता तो कर्मचारी को करने पड़ते। ऐसे भुगतानों की गत वर्ष मे नियोक्ता द्वारा वास्तव मे चुकाई गई रकम कर्मचारी के वेतन मे शामिल की जायेगी। ऐसे दायित्वों को दो तरह से चुकाया जा सकता है--

1. सीधे-सीधे नियोक्ता द्वारा चुकाना (direct payment by the employer),

2. पहले कर्मचारी द्वारा चुकाना फिर उनकी प्रतिपूर्ति कर्मचारी को नियोक्ता द्वारा करना (Reimbursement by by the employer)।

दोनों ही स्थितियों मे भुगतान की गई रकम को प्रत्येक प्रकार की सेवा मे कार्यरत सभी कर्मचारियों के वेतन मे शामिल करेंगे। ऐसे दायित्वों के कुछ उदाहरण इस प्रकार है--

1. शिक्षा व्यय का भुगतान 

यदि कर्मचारी ने स्वयं अपने यहां किसी नौकर या अन्य नौकर की नियुक्ति की है और उसके वेतन या मजदूरी का भुगतान नियोक्ता करता है, तो ऐसी राशि कर-योग्य होगी।

2. व्यक्तिगत नौकरों को भुगतान 

3. जीवन बीमा प्रीमियम एवं वार्षिकी का भुगतान 

करदाता के स्वयं के या उसके परिवार के किसी सदस्य की जीवन बीमा प्रीमियम या वार्षिकी का भुगतान नियोक्ता द्वारा किया जाता है, तो ऐसा भुगतान कर्मचारी के लिए आय माना जाएगा।

4. कर्मचारी के नाम के बिजली-पानी के बिलों का भुगतान 

यदि बिजली, पानी या गैस का कनेक्शन कर्मचारी के नाम से हो और ऐसे किसी बिल की प्रतिपूर्ति या भुगतान नियोक्ता द्वारा किया जाता है, तो ऐसी राशि कर-योग्य अनुलाभ माना जाएगा।

5. निजी अस्पतालों या निर्सिग होम के बिलों का भुगतान

यदि कर्मचारी ने अपना या अपने परिवार के सदस्यों का इलाज प्रायवेट नर्सिग होम या निजी अस्पताल मे करवाया हो और बिल कर्मचारी के नाभ पर हो जबकि भुगतान नियोक्ता द्वारा किया गया हो तो ऐसी संपूर्ण राशि कर-योग्य अनुलाभ माना जाएगी।

6. कर्मचारी द्वारा देय कर का नियोक्ता द्वारा भुगतान 

यदि नियोक्ता द्वारा कर्मचारी द्वारा देय आयकर (अनुलाभों पर देय कर को छोड़कर) या अर्थदण्ड या अन्य किसी प्रकार के कर का भुगतान किया जाता है या कर्मचारी को कर-मुक्त वेतन दिया जाता है, तो नियोक्ता द्वारा चुकाये गये कर की राशि कर-योग्य वेतन की गणना मे प्रत्येक दशा मे शामिल की जाएगी।

7. ब्याज मुक्त या रियायती ब्याज पर ऋण

यदि नियोक्ता द्वारा किसी कर्मचारी को 20,000 रूपये से अधिक का ब्याज मुक्त ॠण प्रदान किया गया है, तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) द्वारा ऐसे ऋणों पर जो ब्याज लिया जाता है, उसके आधार पर सुविधा का मूल्यांकन किया जाएगा।

यदि नियोक्ता द्वारा उपरोक्त दरों से कम दर पर अर्थात् रियायती दरों पर ऋण प्रदान किया गया हो, तो कर्मचारी द्वारा चुकाए गये ब्याज को घटाकर अंतर की राशि कर-योग्य होगी।

8. कर्मचारी के वेतन पर आयकर का नियोक्ता द्वारा भुगतान, एवं कर्मचारी के व्यावसायिक कर (professional or employment tax) का नियोक्ता द्वारा भुगतान।

1. कार्यालय के समय मुफ्त भोजन 50 रूपये प्रति भोजन कर मुक्त, शेष कर-योग्य।

2. कल्ब सुविधा- यदि सुविधा सामूहिक रूप से दी गयी हो तो कर मुक्त अन्यथा कर-योग्य।

3. क्रेडिट कार्ड पर व्यय-पूर्णतः कर-योग्य।

4. भ्रमण-प्रयर्टन व्यय पूर्णतः कर-योग्य, लेकिन चार वर्ष मे दो बार की यात्रा रियायत को छोड़कर।

5. वस्तुगत उपहार 5,000 रूपये तक कर मुक्त, शेष कर-योग्य।

9. बिना मूल्य या रियायती मूल्य अंश 

यदि नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को बिना मूल्य पर कोई अंश, ऋणपत्र या यूनिट आबंटित किए जाते है तो आबंटन तिथि का उचित बाजार मूल्य सुविधा का मूल्य होगा। रियायती दर पर आबंटन की दशा मे कर्मचारी से ली गयी राशि घटाकर शेष राशि कर-योग्य होगी।

10. नियोक्ता की चल संपत्तियों का उपयोग

यदि कर्मचारी द्वारा कम्प्यूटर के अलावा नियोक्ता की किसी चल संपत्ति का नि:शुल्क उपयोग किया जाता है, तो ऐसी संपत्ति के लागत मूल्य का 10% भाग कर-योग्य होगा। यदि नियोक्ता ने ऐसी संपत्ति किराये पर ली हो, तो नियोक्ता द्वारा चुकाया गया किराया अनुलाभ का मूल्य होगा।

11. नियोक्ता द्वारा कम मूल्य पर संपत्ति (asset) का हस्तांतरण 

यदि नियोक्ता ने कर्मचारी को कम मूल्य पर कोई चल संपत्ति हस्तांतरित की हो या बिना मूल्य लिए दी हो, तो ऐसी संपत्ति के नियमानुसार ज्ञात अपलिखित मूल्य मे से कर्मचारी द्वारा भुगतान किये गये मूल्य को घटाने के बाद बची हुई अंतर की राशि कर-योग्य होगी।

12. कर्मचारी की निजी कार पर नियोक्ता द्वारा व्यय

यदि कार कर्मचारी की हो और व्यय नियोक्ता करता हो तो ऐसे व्ययों मे से कार्यालयीन उपयोग का भाग निर्धारित दरों से घटाने के बाद शेष राशि कर-योग्य होगी।

विशिष्ट कर्मचारियों के लिए कर-योग्य अनुलाभ 

कुछ अनुलाभ ऐसे होते है, जो किसी भी प्रकार के नियोक्ता के यहाँ कार्यरत विशिष्ट कर्मचारियों के लिए हो कर-योग्य होते है अर्थात सामान्य कर्मचारी के लिए कर-योग्य नही होते।

विशिष्ट कर्मचारी कौन है? 

ऐसे कर्मचारी जो निम्न मे से कम-से-कम एक शर्त पूरी करते है विशिष्ट कर्मचारी कहलाते है और उनकी दशा मे विशिष्ट प्रकार के लाभ एवं सुविधाएं यदि नि:शुल्क या रियायती दर पर नियोक्ता द्वारा उपलब्ध की गयी है तो उनका मूल्य वेतन मे जोड़ा जायेगा अर्थात् वे कर-योग्य होते है--

(अ) कर्मचारी जो नियोक्ता कंपनी का संचालक भी है, अथवा 

(ब) कर्मचारी जिसके पास नियोक्ता कंपनी के कम-से-कम 20% मताधिकार वाले समता अंश है, अथवा 

(स) कर्मचारी जिसका कर-योग्य वेतन 50,000 रूपये से अधिक हो।

ध्यान दें

1. मौद्रिक वेतन मे वैतन, कर-योग्य भत्ते, बोनस, कमीशन एवं अन्य भुगतान जो मुद्रा मे किए जाते है शामिल होंगे।

2. कर-योग्य मौद्रिक वेतन की गणना करते समय मौद्रिक वेतन मे से धारा 16 की कटौटियां (स्टैंडर्ड डिडक्शन मनोरंजन भत्ते की कटौती योग्य राशि एवं नियोजन कर) घटा दी जाती है।

3. यदि किसी गत बर्ष मे कर्मचारी के एक से अधिक नियोक्ता है तो सब नियोक्ताओं से प्राप्त/प्राप्य मौद्रिक आय जोड़कर 50 हजार की सीमा देखी जाएगी। [धारा-17 (2)]

इसके अंतर्गत निम्न अनुलाभों का मूल्य कर-योग्य है--

1. नियोक्ता द्वारा मोटरकार सुविधा 

यदि कर्मचारी को नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को पूर्णतः निजी उपयोग के लिए या आंशिक रूप से निजी उपयोग के लिए मोटरकार सुविधा, ड्राइवर सुविधा या वाहन सुविधा दी गई हो तो नियमानुसार विशिष्ट कर्मचारी के लिए कर-योग्य होगी।

2. गैस, बिजली अथवा पानी की सुविधाएं या बिलों का भुगतान 

यदि विशिष्ट कर्मचारी के निजी उपयोग मे आई गैस, बिजली या पानी के बिल (कनेक्शन नियोक्ता के नाम से हो) का भुगतान नियोक्ता ने किया है तो इन बिलों की वास्तविक रकम कर्मचारी की आय मे जोड़ दी जाएगी। लेकिन यदि से सुविधाएं नियोक्ता ने अपने साधनों से दी है तो इनका लागत मूल्य जोड़ा जाएगा।

3. नियोक्ता द्वारा संचालित विद्यालय मे निःशुल्क शिक्षा 

यदि कर्मचारी के बच्चे नियोक्ता द्वारा संचालित विद्यालय मे निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हों और नियोक्ता 1,000 रूपये प्रतिमाह प्रति बालक से अधिक व्यय कर रहा हो तो अतिरिक्त राशि विशिष्ट कर्मचारी की आय मे जुड़ेगी। ऐसी सुविधा का मूल्यांकन विद्यालय के स्तर एवं स्थान को ध्यान मे रखकर उसके समकक्ष अन्य विद्यालय के आधार पर किया जाएगा।

4. नौकरों की सुविधा

विशिष्ट कर्मचारी को नियोक्ता से प्राप्त घरेलू नौकरों जैसे-- फर्राश, चौकीदार, रसोइया, माली आदि की सुविधा पूर्णतः कर-योग्य होगी। यदि नौकरों की नियुक्ति कर्मचारी ने की है और उनका वेतन नियोक्ता द्वारा चुकाया जाता है, तो विशिष्ट और सामान्य प्रत्येक प्रकार के कर्मचारी के लिए कर-योग्य होगा।

सभी कर्मचारियों के लिये कर-मुक्त अनुलाभ 

आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार तथा केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के निर्देशानुसार एक कर्मचारी को नियोक्ता से प्राप्त कुछ सुविधाओं के मूल्य को कर्मचारी के वेतन शीर्षक की आय की गणना करते समय शामिल नही किया जाता है। अर्थात ये सुविधाएं सभी प्रकार के कर्मचारियों के लिये पूर्णतया कर-योग्य मुक्त है। इन कर-मुक्त अनुलाभों की सूची निम्न प्रकार से है--

1. चिकित्सा सुविधाएं अथवा चिकित्सा व्ययों की पूर्ति 

(अ) भारत मे चिकित्सा सुविधाएं-- पूर्णतः कर-मुक्त 

1. नियोक्ता द्वारा अपने चिकित्सालय अथवा क्लिनिक मे यदि अपने कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों की चिकित्सा का निःशुल्क प्रबंध किया हुआ है और कर्मचारी इस सुविधा का लाभ उठाता है तो ऐसी सुविधा का मूल्य कर-मुक्त होगा।

2. यदि चिकित्सा किसी सरकारी चिकित्सालय अथवा किसी स्थानीय सत्ता के चिकित्सालय अथवा सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों की चिकित्सा के लिए अनुमोदित चिकित्सालय मे हुई हो, तो कर्मचारी द्वारा अपनी तथा अपने परिवार के सदस्यों की चिकित्सा पर किये गये व्यय की नियोक्ता द्वारा पूर्ति कर-मुक्त होगी।

3. निर्धारण रोगों अथवा बीमारियों के लिए मुख्य कमिश्नर द्वारा अनुमोदित किसी चिकित्सालय मे कर्मचारियों द्वारा अपनी अथवा अपने परिवार के सदस्यों की चिकित्सा पर किये गये व्यय की नियोक्ता द्वारा पूर्ति कर-मुक्त होगी।

4. नियोक्ता द्वारा कर्मचारी (उसके परिवार के सदस्यों सहित) के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान कर-मुक्त होगा।

5. कर्मचारी द्वारा चुकाये गये अपने तथा अपने परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम की नियोक्ता द्वारा पूर्ति कर-मुक्त होगी।

6. यदि अपनी तथा अपने परिवार के सदस्यों की चिकित्सा किसी निजी चिकित्सालय अथवा नर्सिंग होम अथवा क्लिनिक मे करायी गयी हो तो नियोक्ता द्वारा इस व्यय की पूर्ति की संपूर्ण राशि करयोग्य होगी।

(ब) भारत के बाहर चिकित्सा होने की दशा मे 

1. यदि नियोक्ता ने अपने कर्मचारी तथा उसके परिवार के सदस्यों की भारत के बाहर चिकित्सा पर कोई व्यय किया है तो भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा स्वीकृत सीमा तक यह पूर्णतया कर-मुक्त होगा, 

2. यदि विदेश मे चिकित्सा के संबंध मे मरीज तथा उसके साथ उसकी देखभाल करने के लिए गये हुए एक व्यक्ति की विदेश यात्रा तथा विदेश मे ठहरने का व्यय नियोक्ता करता है तो यह (अ) उस राशि तक करमुक्त होगा जितना भारतीय रिजर्व बैंक अनुमति दे दे तथा (ब) यात्रा व्यय तभी करमुक्त होगा जबकि कर्मचारी की सकल कुल आय (इस व्यय को छोड़कर) 2,00,000 रूपये से अधिक न हो।

3. यदि उपर्युक्त व्यय कर्मचारी करता है और उसकी पूर्ति नियोक्ता द्वारा की जाती है तो भी वह करमुक्त होगी यदि उपर्युक्त (2) की शर्ते संतुष्टि हो जाएं।

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