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1/30/2020

भर्ती का अर्थ और परिभाषा

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भर्ती का अर्थ 

सामान्य शब्दों में  भर्ती अर्थ किसी स्थान पर किसी व्यक्ति की नियुक्ति करना भर्ती हैं परन्तु प्रशासनिक भाषा में भर्ती का अर्थ सुयोग्य व्यक्तियों को किसी रिक्त पद के लिय आकर्षित करना हैं।
भर्ती

भर्ती की परिभाषा 

प्रो. व्हाइट के अनुसार "भर्ती शब्द केवल उन्हीं विशेष कार्यों से सम्बंधित है, जो योग्य उम्मीदवारों को परीक्षा में आवोदित करने को आकर्षित करते हैं।
किंग्सले के अनुसार "सार्वजनिक भर्ती की व्याख्या यह हैं कि यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा लोक सेवाओं के लिए प्रार्थियों को प्रतियोगितात्मक रूप से आकर्षित किया जा सकता हैं। यह व्यापक प्रक्रिया का आन्तरिक भाग हैं। नियुक्ति में परीक्षा एवं प्रमाण सम्बंधित प्रक्रियायें भी सम्मिलित हैं।

एडविन वी. फिलप्पो के अनुसार," भर्ती का आशय भावी कर्मचारियों को खोजने एवं उन्हें संगठन मे रिक्त स्थानों के लिए आवेदन करने हेतु प्रोत्साहित करने की प्रक्रिया है।
डाॅ. एम. पी. शर्मा के अनुसार "भर्ती का अर्थ है कि योग्य तथा उपयुक्त व्यक्ति को रिक्त (खाली जगह) स्थान पर नियुक्त करना।" 
उपर्युक्त परिभाषाओं के आधार पर यह कहा जा सकता है कि भर्ती का आशय केवल पदों की खाना पूर्ति मात्र नही है। यह एक ऐसी विशिष्ट प्रक्रिया है, जिसके द्वारा ज्यादा से ज्यादा व योग्य प्रत्याशियों को इन खाली पदों के प्रति आकर्षित कर सकें तथा उन्हें स्पर्धात्मक परीक्षाओं मे बैठने को तैयार कर सकें।
कर्मचारियों की भर्ती का वर्णन करते हुए लेविल मेयर ने लिखा हैं कि "इनका चुनाव करने की दो पद्धतियां हैं-सेवा या सम्बंधित सेवा के भीतर से ही पुनः नियुक्ति या पदोन्नति देना या सेवा के बाहर से नियुक्ति करना। इस प्रकार भर्ती की दो प्रणालियाँ होती है---
1. आन्तरिक भर्ती
आन्तरिक भर्ती में लोक सेवा के कर्मचारियों के रिक्त स्थानों की पूर्ती कर्मचारियों मे से ही पदोन्नति के आधार पर की जाती हैं।
2. बाहरी भर्ती 
इस पद्धति मे कर्मचारियों की भर्ती बाहरी व्यक्तियों मे से योग्यता के आधार पर की जाती है। लोक सेवा आयोग द्वारा इस प्रकार की भर्ती की व्यवस्था की जाती हैं।

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